Bangladesh Cricket

Humanitarian Eid initiative for Sylhet ground staff wins praise – सिल्हट के ग्राउंड स्टाफ के लिए मानवीय ईद पहल: क्रिकेट जगत ने की सराहना

Raj Thapa · · 1 min read

सिल्हट में क्रिकेट के ‘अनसंग हीरोज’ के लिए एक मानवीय पहल

खेल की दुनिया में अक्सर सुर्खियां खिलाड़ी और मैच के परिणाम बटोरते हैं, लेकिन पर्दे के पीछे जो लोग दिन-रात मेहनत करके मैदान को खेलने लायक बनाते हैं, उन्हें अक्सर भुला दिया जाता है। हाल ही में सिल्हट के पूर्व क्रिकेटरों और खेल आयोजकों ने एक बेहतरीन उदाहरण पेश किया है। ईद के त्योहार से पहले, उन्होंने सिल्हट जिला खेल संघ के ग्राउंड स्टाफ के लिए एक विशेष सम्मान कार्यक्रम आयोजित किया।

सम्मान और समर्थन की एक नई मिसाल

इस कार्यक्रम के दौरान ग्राउंड स्टाफ के लिए 100,000 टका मूल्य के ईद उपहार प्रदान किए गए। यह केवल एक आर्थिक मदद नहीं थी, बल्कि उन अनगिनत घंटों की मेहनत को स्वीकार करने का एक तरीका था जो ये कर्मचारी सिल्हट के मैदानों को मेंटेन करने में बिताते हैं। इस पहल की स्थानीय खेल समुदाय में व्यापक सराहना हो रही है।

दिग्गजों की उपस्थिति

कार्यक्रम में बांग्लादेश राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान राजिन सालेह ने विशेष रूप से भाग लिया। उनके साथ बांग्लादेश सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के कार्यकारी समिति के सदस्य सैयद फजला इलाही ओभी भी मौजूद थे। इसके अलावा, सिल्हट प्रथम श्रेणी क्रिकेट लीग के सचिव कबीर अहमद, उपाध्यक्ष खुबेब अहमद, संयुक्त सचिव इवान चौधरी और सिल्हट जिला क्रिकेट कोच राणा मिया ने भी इस गरिमामयी कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

READ:  सिल्हट टेस्ट: पाकिस्तान को जीत के लिए 121 रन की दरकार, बांग्लादेश जीत से 3 विकेट दूर

क्या कहा विशेषज्ञों ने?

सैयद फजला इलाही ओभी ने इस अवसर पर कहा, ‘ग्राउंड वर्कर खेल सुविधाओं को सुचारू रूप से चलाने में पर्दे के पीछे रहकर बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह पहल उनके योगदान को पहचानने और उनके साथ ईद की खुशियां साझा करने का हमारा एक छोटा सा प्रयास है।’

राजिन सालेह ने एक भावुक संदेश साझा करते हुए कहा, ‘मेरा क्रिकेट का सफर इसी मैदान से शुरू हुआ था। इस नाते, यहां काम करने वाले कई ग्राउंड वर्कर मेरे लिए परिवार की तरह हैं। मेरा रिश्ता उनके साथ केवल क्रिकेट तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दिल से जुड़ा हुआ है।’

खेल जगत के लिए एक प्रेरणा

कबीर अहमद ने कहा, ‘लीग की शुरुआत से ही हमने यह वादा किया था कि हम ग्राउंड वर्कर को वह सम्मान देंगे जिसके वे वास्तव में हकदार हैं। यह पहल उसी प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाने का एक हिस्सा है।’

भविष्य के लिए एक संदेश

यह पहल खेल जगत के सभी हितधारकों के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश है। किसी भी खेल संघ की सफलता में ग्राउंड स्टाफ की भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। सिल्हट की इस पहल ने न केवल इन कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाया है, बल्कि भविष्य में खेल से जुड़े अन्य आयोजनों के लिए भी एक बेंचमार्क स्थापित किया है।

खेल केवल जीत और हार का नाम नहीं है, बल्कि यह आपसी सम्मान, सहानुभूति और समुदाय के हर सदस्य को साथ लेकर चलने का नाम है। सिल्हट के इस प्रयास को खेल प्रेमियों द्वारा लंबे समय तक याद रखा जाएगा।

READ:  क्या चेन्नई में होगा एमएस धोनी का आखिरी T20? संन्यास की चर्चाओं ने पकड़ा जोर

निष्कर्षतः, ग्राउंड स्टाफ का सम्मान करना एक अत्यंत आवश्यक और सराहनीय कार्य है। इस तरह के आयोजनों से न केवल खेल का स्तर ऊपर उठता है, बल्कि खेल के मैदानों का माहौल भी अधिक सकारात्मक और मानवीय बनता है।

Written by Raj Thapa

Raj Thapa is a senior sports journalist for The Himalayan Times, widely regarded as one of the most consistent chroniclers of Nepal’s cricket journey from obscurity to the ICC global stage. A Tribhuvan University graduate, he began covering school and university cricket in the Kathmandu Valley before witnessing firsthand the national team’s rise through the World Cricket League. Raj specialises in fast bowling analysis, a rare focus in a region dominated by spin, and has tracked Nepal’s emerging seam attack with technical precision. He has reported from ICC World Cup Qualifiers, multiple Everest Premier League seasons, and bilateral series across South Asia. His writing blends match‑day insight with long‑term narratives about the structures and sacrifices behind Associate Member sport. A recipient of the NSJF award and his newspaper’s top journalism honour, Raj remains a passionate advocate for youth cricket and a firm believer that Nepal’s best sporting stories are yet to be written.