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Bangladesh cricketers celebrate Eid-ul-Adha 2026 with their families – बांग्लादेश के क्रिकेटरों ने परिवार संग मनाई ईद-उल-अज़हा 2026: एक खुशी का त्योहार

Priya Sharma · · 1 min read

28 मई को पूरे बांग्लादेश में ईद-उल-अज़हा का पावन पर्व बड़ी धूमधाम और भक्ति के साथ मनाया गया। यह त्योहार दुनिया भर के मुसलमानों के लिए बलिदान, आस्था और शांति का संदेश लेकर आता है, और हर साल यह खुशियों और एकजुटता का एक नया अध्याय जोड़ता है। इस विशेष दिन पर, जब हर कोई अपने परिवार और प्रियजनों के साथ जश्न मनाता है, तो हमारे पसंदीदा खेल सितारे – बांग्लादेश के क्रिकेटर – भी इस खुशी में शामिल हुए।

आमतौर पर, बांग्लादेश के क्रिकेटरों का शेड्यूल बेहद व्यस्त रहता है। राष्ट्रीय टीम के साथ यात्रा करते हुए, उन्हें अक्सर घर से दूर, अपने परिवारों से दूर ईद जैसे बड़े त्योहार मनाने पड़ते हैं। यह एक एथलीट के जीवन का एक कठिन पहलू है, जब उन्हें अपने देश के लिए खेलने के लिए व्यक्तिगत खुशियों का त्याग करना पड़ता है। हालांकि, इस बार स्थिति थोड़ी अलग थी। 2026 में ईद-उल-अज़हा के दौरान टीम की कोई बड़ी क्रिकेट प्रतिबद्धता नहीं थी, जिसने इन खिलाड़ियों को एक दुर्लभ और बहुमूल्य अवसर दिया – अपने परिवारों के साथ दिल खोलकर ईद मनाने का। यह मौका उनके लिए किसी उपहार से कम नहीं था, और उन्होंने इसका पूरा फायदा उठाया।

सोशल मीडिया पर इन खिलाड़ियों ने अपनी ईद की खूबसूरत तस्वीरें और पल साझा किए, जिससे उनके प्रशंसक भी उनकी खुशियों में शामिल हो सके। इन तस्वीरों ने दिखाया कि कैसे इन धुरंधर क्रिकेटरों ने मैदान की प्रतिस्पर्धा को पीछे छोड़ अपने घरों में प्यार और सौहार्द का माहौल बनाया।

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बांग्लादेश के क्रिकेटरों की ईद-उल-अज़हा की खास झलकियां

मशफिकुर रहीम: परिवार के साथ खुशियों के पल

बांग्लादेश के अनुभवी बल्लेबाज मशफिकुर रहीम ने अपने फेसबुक पोस्ट के माध्यम से सभी को ईद की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ प्यारी पारिवारिक तस्वीरें साझा कीं, जिसमें वे सभी मिलकर त्योहार की खुशी मनाते हुए नजर आ रहे थे। तस्वीरों में उनके चेहरे पर मुस्कान और परिवार के साथ बिताए गए पलों की संतुष्टि साफ झलक रही थी। मशफिकुर जैसे खिलाड़ी, जो देश के लिए लगातार खेलते रहते हैं, उनके लिए ये पारिवारिक पल बेहद अनमोल होते हैं। यह दिखाता है कि मैदान पर जितना जुनून वे दिखाते हैं, उतना ही प्यार वे अपने परिवार के लिए भी रखते हैं।

शदमान इस्लाम और नईम शेख: नई पीढ़ी के साथ उत्सव

ओपनर शदमान इस्लाम ने भी अपनी पत्नी और बेटी के साथ तस्वीरें पोस्ट कीं और प्रशंसकों को ईद की शुभकामनाएं भेजीं। उनकी तस्वीरों में उनके छोटे परिवार की मासूमियत और खुशी साफ नजर आ रही थी। इसी तरह, नईम शेख भी अपनी पत्नी और बच्चे के साथ उत्सव में शामिल हुए, उन्होंने भी अपने सोशल मीडिया पर खुशी के पल साझा किए। इन युवा क्रिकेटरों के लिए अपने बच्चों के साथ ऐसे त्योहार मनाना एक अलग ही अनुभव होता है, जो उन्हें मैदान पर बेहतरीन प्रदर्शन करने के लिए और भी प्रेरित करता है।

तस्कीन अहमद: पिता और पुत्र के साथ ईद की नमाज़

तेज गेंदबाज तस्कीन अहमद ने हर साल की तरह इस बार भी ढाका में अपनी ईद मनाई। तस्कीन ने अपने पिता अब्दुर राशिद और अपने बेटे तशफिन अहमद रिहान के साथ ईद की नमाज़ अदा की। यह एक खूबसूरत पल था, जिसमें तीन पीढ़ियां एक साथ खुदा का शुक्रिया अदा कर रही थीं। नमाज़ के बाद, तस्कीन ने मीडिया से भी बात की और त्योहार के महत्व पर अपने विचार साझा किए। बाद में, उन्होंने फेसबुक पर अपने पिता और बेटे के साथ तस्वीरें पोस्ट कीं और सभी को ईद की मुबारकबाद दी। तस्कीन की ये तस्वीरें परिवारिक मूल्यों और परंपराओं के प्रति उनके सम्मान को दर्शाती हैं।

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शाकिब अल हसन: अमेरिकी धरती पर ईद और फुटबॉल का मज़ा

इस बीच, बांग्लादेश के सबसे बड़े क्रिकेटरों में से एक, शाकिब अल हसन ने अपने परिवार के साथ संयुक्त राज्य अमेरिका में ईद मनाई। अमेरिका में ईद एक दिन पहले मनाई गई थी, जिससे उन्हें थोड़ा अलग अनुभव मिला। उत्सव के साथ-साथ, शाकिब ने ईद समारोह के दौरान कुछ फुटबॉल गतिविधियों का भी आनंद लिया, जो उनके बहुमुखी व्यक्तित्व को दर्शाता है। ईद के दिन उनकी पत्नी के साथ की तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब साझा की गईं, जिससे प्रशंसकों को उनकी आरामदायक और खुशहाल ईद की झलक मिली। शाकिब, जो अक्सर दुनिया भर में यात्रा करते रहते हैं, उनके लिए परिवार के साथ अमेरिकी धरती पर यह खास मौका यादगार बन गया होगा।

तमीम इकबाल: अध्यक्ष के रूप में परिवार के साथ

बांग्लादेश के पूर्व कप्तान और वर्तमान बीसीबी (बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड) के अध्यक्ष तमीम इकबाल ने भी इस खास दिन को अपने परिवार के साथ बिताया। हालांकि उन्होंने सार्वजनिक रूप से बहुत अधिक तस्वीरें साझा नहीं कीं, लेकिन यह तय है कि उन्होंने भी अपने प्रियजनों के साथ इस पवित्र त्योहार का आनंद लिया होगा। एक प्रशासक के रूप में उनकी भूमिका के बावजूद, तमीम ने परिवार के साथ समय बिताने के महत्व को समझा और इस अवसर को संजोया।

निष्कर्ष: परिवार, आस्था और क्रिकेट का अद्भुत मेल

यह ईद-उल-अज़हा बांग्लादेश के क्रिकेटरों के लिए सिर्फ एक धार्मिक त्योहार नहीं, बल्कि अपने परिवारों के साथ फिर से जुड़ने और व्यस्त खेल जीवन से एक बहुमूल्य ब्रेक लेने का अवसर भी था। इन तस्वीरों और साझा किए गए पलों ने यह साबित कर दिया कि चाहे वे मैदान पर कितने भी बड़े सितारे क्यों न हों, आखिर में वे भी इंसान हैं जो अपने परिवार के प्यार और साथ को तरसते हैं। यह त्योहार एक बार फिर यह संदेश लेकर आया कि जीवन में परिवार, आस्था और त्याग का महत्व कितना गहरा है, और हमारे खिलाड़ी भी इस भावना को पूरी तरह से जीते हैं। उम्मीद है कि परिवार के साथ बिताए गए इन खुशियों भरे पलों ने उन्हें आगे आने वाले मैचों के लिए नई ऊर्जा और प्रेरणा दी होगी।

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Written by Priya Sharma

Priya Sharma is a senior cricket correspondent for The Indian Express, and one of the most respected voices covering women’s cricket in India. A graduate of Miranda House, she started her career in a newsroom dominated by men’s sport and deliberately chose to put women’s cricket at the centre of her reporting. Priya has chronicled the Indian women’s team through World Cups, the transformational arrival of the Women’s Premier League, and the quiet, determined rise of girls’ cricket in small towns and villages. Her long‑form profiles of cricketers like Smriti Mandhana, Jemimah Rodrigues, and Renuka Singh are known for their depth and sensitivity. Beyond match reports, Priya writes regularly on media representation and the structural barriers women face in sports journalism. A recipient of the Ramnath Goenka Award and the Laadli Media Award, she believes that telling the full story of women’s cricket is not just a beat, but a responsibility.