नाहिद राणा हैं बांग्लादेश के शोएब अख्तर: बासित अली का पाकिस्तानी टीम पर तीखा प्रहार
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सिलहट टेस्ट में बांग्लादेश का दबदबा और पाकिस्तान की मुश्किलें
सिलहट में खेले जा रहे टेस्ट मैच में बांग्लादेश की टीम ने अपनी पकड़ बेहद मजबूत कर ली है। इस प्रदर्शन को देखकर क्रिकेट जगत हैरान है, लेकिन पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर बासित अली के लिए यह कोई आश्चर्य की बात नहीं है। बासित अली ने अपने हालिया विश्लेषण में न केवल बांग्लादेशी गेंदबाजों की तारीफ की है, बल्कि पाकिस्तानी टीम प्रबंधन की गलतियों को भी उजागर किया है। मैच के तीसरे दिन के खेल के बाद, पाकिस्तान ने केवल दो ओवर बल्लेबाजी की, लेकिन उन दो ओवरों में ही जो दबाव देखने को मिला, वह मैच के भविष्य की ओर इशारा कर रहा था। बासित अली ने बताया कि बादलों से घिरे आकाश के नीचे और गिरते तापमान में गेंद जिस तरह से हरकत कर रही थी, उसने पाकिस्तान के युवा बल्लेबाजों को पूरी तरह से बैकफुट पर धकेल दिया।
नाहिद राणा: रफ्तार का नया सौदागर और शोएब अख्तर से तुलना
बासित अली के विश्लेषण का सबसे बड़ा केंद्र बिंदु युवा तेज गेंदबाज नाहिद राणा रहे। बासित ने एक बड़ा और साहसी बयान देते हुए नाहिद राणा की तुलना दिग्गज शोएब अख्तर से कर दी। उन्होंने कहा, ‘पाकिस्तान को सबसे पहले नई गेंद का सामना करना होगा, लेकिन उसके बाद बांग्लादेश का असली हथियार आएगा – नाहिद राणा। वह वास्तव में बांग्लादेश के शोएब अख्तर हैं।’ बासित ने चेतावनी दी कि नाहिद की गति और उनके द्वारा फेंकी गई बाउंसर पाकिस्तानी बल्लेबाजों के लिए काल साबित हो सकती है। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि यदि नाहिद राणा विकेट के चारों ओर (around the wicket) आकर गेंदबाजी करना शुरू करते हैं, तो दाएं हाथ के बल्लेबाजों के लिए पिच पर टिकना लगभग असंभव हो जाएगा। उनकी रफ्तार और उछाल का मिश्रण उन्हें इस समय दुनिया के सबसे खतरनाक युवा गेंदबाजों में से एक बनाता है।
पाकिस्तान की चयन प्रक्रिया पर उठे गंभीर सवाल
बासित अली ने पाकिस्तानी टीम के चयन को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने साजिद खान को टीम में शामिल करने के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह नियमित रूप से विकेट लेने वाले गेंदबाज नहीं हैं। बासित के अनुसार, एक वास्तविक गेंदबाज वही होता है जो स्लिप में कैच के अवसर पैदा करे, न कि केवल मिड-विकेट या मिड-ऑन पर विकेट की तलाश करे। उन्होंने आरोप लगाया कि टीम का चयन क्रिकेट की समझ के बजाय सोशल मीडिया के दबाव में किया गया था। लोगों का कहना था कि बांग्लादेश के पास बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं, इसलिए ऑफ-स्पिनर को खिलाना चाहिए, और प्रबंधन ने इसी दबाव में आकर साजिद खान को मौका दे दिया। बासित ने आगे कहा कि यदि सलमान अली आगा को गेंदबाजी के अधिक अवसर दिए जाते या नोमान अली को टीम में रखा जाता, तो परिणाम काफी अलग हो सकते थे।
शॉन टेट का प्रभाव: पाकिस्तान का नुकसान, बांग्लादेश का फायदा
कोचिंग सेटअप पर बात करते हुए बासित ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) को आईना दिखाया। उन्होंने याद दिलाया कि जो शॉन टेट आज बांग्लादेश के गेंदबाजी कोच के रूप में शानदार परिणाम दे रहे हैं, वे कभी पाकिस्तान के साथ थे। पाकिस्तान ने उन्हें जाने दिया, और अब वही कोच बांग्लादेश के तेज गेंदबाजों को विश्व स्तरीय बना रहे हैं। तस्कीन अहमद और शोरफुल इस्लाम जिस तरह से सीम का इस्तेमाल कर रहे हैं, उसमें शॉन टेट की छाप स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। बासित ने सवाल किया कि पाकिस्तान अपने प्रतिभाशाली कोचों और खिलाड़ियों को पहचानने में विफल क्यों रहता है। उन्होंने बांग्लादेश के पेस अटैक की पहचान उनकी सीम प्रेजेंटेशन को बताया, जो किसी भी बल्लेबाजी क्रम को ध्वस्त करने की क्षमता रखती है।
पाकिस्तानी बल्लेबाजों के लिए रणनीति और चेतावनी
मैच की वर्तमान स्थिति को देखते हुए बासित अली ने पाकिस्तानी बल्लेबाजों को बहुत ही स्पष्ट सलाह दी है। उन्होंने कहा कि बल्लेबाजों को मेरिट पर खेलना होगा और सत्र दर सत्र (session by session) अपनी योजना बनानी होगी। बासित ने चेतावनी देते हुए कहा, ‘आप एक ओवर में दो छक्के लगाकर अपना विकेट स्लिप में नहीं फेंक सकते। आपको धैर्य दिखाना होगा।’ उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि पाकिस्तान को नाहिद राणा के अलावा ताइजुल इस्लाम और मेहदी हसन मिराज के लिए भी अलग-अलग योजनाएं तैयार करनी होंगी। यदि अज़ान और फज़ल जैसे युवा खिलाड़ी 100 रनों की साझेदारी निभाने में सफल होते हैं, तभी पाकिस्तान इस मैच में वापसी की उम्मीद कर सकता है। बासित ने अंत में पाकिस्तान के बल्लेबाजी कोच को भी आड़े हाथों लिया और कहा कि उन्हें खिलाड़ियों के साथ बैठकर बारीकियों पर काम करने की जरूरत है, हालांकि उन्हें संदेह है कि ऐसा वास्तव में होगा या नहीं।