Bangladesh Cricket

सिल्हट टेस्ट: बाबर आजम ने बल्लेबाजी पतन के लिए ‘सॉफ्ट विकेट्स’ को ठहराया जिम्मेदार

Raj Thapa · · 1 min read

सिल्हट टेस्ट में पाकिस्तान की निराशाजनक बल्लेबाजी

सिल्हट टेस्ट मैच में पाकिस्तान की टीम का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। पहली पारी में 278 रनों का पीछा करते हुए पाकिस्तानी बल्लेबाजी पूरी तरह से बिखर गई और पूरी टीम महज 232 रनों पर सिमट गई। इस खराब प्रदर्शन के कारण बांग्लादेश को 46 रनों की महत्वपूर्ण बढ़त हासिल हुई है। इस मैच के बाद पाकिस्तान के पूर्व कप्तान और स्टार बल्लेबाज बाबर आजम ने अपनी टीम की बल्लेबाजी पर खुलकर बात की है।

‘गेंदबाजी नहीं, खराब शॉट चयन है समस्या’

बाबर आजम ने इस हार के लिए बांग्लादेशी गेंदबाजों की तारीफ करने से इनकार कर दिया है। बाबर का मानना है कि उनकी टीम ने बांग्लादेश की बेहतरीन गेंदबाजी के कारण नहीं, बल्कि अपनी गलतियों के कारण विकेट गंवाए हैं। बाबर ने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि हमारी बल्लेबाजी इसलिए विफल रही क्योंकि बांग्लादेश ने बहुत अच्छी गेंदबाजी की। उनकी गेंदबाजी अच्छी थी, लेकिन हमने बहुत सारे ‘सॉफ्ट विकेट्स’ गंवाए हैं।’

बाबर आजम ने स्वयं 68 रनों की एक जुझारू पारी खेली और अपनी टीम के लिए सबसे अधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे। हालांकि, उनके अलावा कोई भी अन्य बल्लेबाज अर्धशतक तक नहीं पहुंच सका, जो पाकिस्तान के लिए चिंता का विषय है।

पिच और साझेदारी पर बाबर की राय

पिच की स्थिति के बारे में पूछे जाने पर बाबर ने इसे बल्लेबाजी के लिए अनुकूल करार दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सिल्हट की पिच में कोई खराबी नहीं थी और गेंद बल्ले पर काफी अच्छे से आ रही थी। बाबर ने अपनी निराशा जाहिर करते हुए कहा, ‘ईमानदारी से कहूं तो विकेट बहुत अच्छी है। गेंद बल्ले पर अच्छी तरह आ रही है। हम बस साझेदारी बनाने में विफल रहे। हमें अच्छी शुरुआत मिली थी। सलमान और मैं साझेदारी बनाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन यह बड़ी साझेदारी नहीं बन पाई।’

READ:  सिल्हट टेस्ट: पाकिस्तान को जीत के लिए 121 रन की दरकार, बांग्लादेश जीत से 3 विकेट दूर

मैच का टर्निंग पॉइंट

बाबर के अनुसार, मैच का रुख उनके और सलमान अली आगा के आउट होने के बाद बदला। उन्होंने जोर देकर कहा कि इन दो महत्वपूर्ण विकेटों ने मैच की गति को पूरी तरह से बदल दिया। उनके आउट होने के बाद पाकिस्तान की मध्य और निचली क्रम की बल्लेबाजी पूरी तरह बिखर गई और कोई भी बड़ी साझेदारी नहीं हो सकी।

क्या बांग्लादेश के खिलाफ कोई ‘मेंटल ब्लॉक’ है?

हाल के समय में बांग्लादेश के खिलाफ पाकिस्तान का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है। वे लगातार तीन टेस्ट मैच हार चुके हैं, और यदि सिल्हट में भी उन्हें हार का सामना करना पड़ता है, तो यह आंकड़ा चार तक पहुंच जाएगा। हालांकि, बाबर आजम ने इस बात को सिरे से खारिज कर दिया कि पाकिस्तानी बल्लेबाजों के मन में बांग्लादेशी गेंदबाजों को लेकर कोई ‘मेंटल ब्लॉक’ या डर बैठा है।

बाबर ने कहा, ‘नहीं, दोनों टीमें एक-दूसरे के खिलाफ कई बार खेल चुकी हैं। मुझे नहीं लगता कि कोई मानसिक बाधा है। समस्या यह है कि हमारी साझेदारियां बहुत छोटी हैं। टेस्ट क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए आपको दो या तीन बड़ी साझेदारियों की आवश्यकता होती है, जो हम करने में विफल रहे हैं।’

निष्कर्ष

पाकिस्तान के लिए यह एक आत्मनिरीक्षण का समय है। बाबर आजम की बातें स्पष्ट करती हैं कि टीम को तकनीकी खामियों से ज्यादा अपनी मानसिकता और क्रीज पर टिकने की क्षमता पर काम करने की जरूरत है। टेस्ट क्रिकेट में धैर्य और साझेदारी ही जीत की कुंजी है, और आने वाले दिनों में पाकिस्तान को इस पर गंभीरता से काम करना होगा।

READ:  Bangladesh cricketers celebrate Eid-ul-Adha 2026 with their families - बांग्लादेश के क्रिकेटरों ने परिवार संग मनाई ईद-उल-अज़हा 2026: एक खुशी का त्योहार
Written by Raj Thapa

Raj Thapa is a senior sports journalist for The Himalayan Times, widely regarded as one of the most consistent chroniclers of Nepal’s cricket journey from obscurity to the ICC global stage. A Tribhuvan University graduate, he began covering school and university cricket in the Kathmandu Valley before witnessing firsthand the national team’s rise through the World Cricket League. Raj specialises in fast bowling analysis, a rare focus in a region dominated by spin, and has tracked Nepal’s emerging seam attack with technical precision. He has reported from ICC World Cup Qualifiers, multiple Everest Premier League seasons, and bilateral series across South Asia. His writing blends match‑day insight with long‑term narratives about the structures and sacrifices behind Associate Member sport. A recipient of the NSJF award and his newspaper’s top journalism honour, Raj remains a passionate advocate for youth cricket and a firm believer that Nepal’s best sporting stories are yet to be written.