शायकत अली के 88* रन की बदौलत ढाका लेपर्ड्स ने गुलशन को 6 विकेट से हराया – DPL
सवार में बुधवार को खेले गए ढाका प्रीमियर लीग (DPL) के एक रोमांचक मुकाबले में ढाका लेपर्ड्स ने गुलशन क्रिकेट क्लब पर 6 विकेट से शानदार जीत दर्ज की। 179 रनों के चुनौतीपूर्ण लक्ष्य का पीछा करते हुए, ढाका लेपर्ड्स को शुरुआती झटकों का सामना करना पड़ा, लेकिन शायकत अली की अविश्वसनीय 88 रनों की नाबाद पारी ने टीम को मुश्किलों से उबारा और 34.4 ओवर में जीत दिला दी। यह जीत ढाका लेपर्ड्स के लिए टूर्नामेंट में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई, जिसमें शायकत अली का प्रदर्शन निर्णायक रहा।
गुलशन क्रिकेट क्लब की पारी: शुरुआती लड़खड़ाहट और मध्य क्रम का संघर्ष
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी गुलशन क्रिकेट क्लब की शुरुआत बेहद खराब रही। पारी की तीसरी ही गेंद पर सलामी बल्लेबाज मोइनुल इस्लाम तनमॉय बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए। इसके तुरंत बाद, दूसरे ओवर में शाकिब शाहरियर भी आउट हो गए, जिससे टीम का स्कोर 1 रन पर 2 विकेट हो गया। इस शुरुआती झटके ने गुलशन को गहरे दबाव में डाल दिया, और एक बड़े स्कोर की उम्मीदें धूमिल होती नजर आईं।
ऐसे मुश्किल हालात में, अलिफ हसन एमोन और शाहरियार साकिब ने पारी को संभालने का प्रयास किया। दोनों ने मिलकर 60 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी की, जिसने टीम को थोड़ी स्थिरता प्रदान की। एमोन ने सकारात्मक बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया और 45 गेंदों में 6 चौकों और 1 छक्के की मदद से 43 रन बनाए, लेकिन अराफात सन्नी की गेंद पर वे एलबीडब्ल्यू आउट हो गए। साकिब ने 28 गेंदों में 17 रन बनाए, लेकिन वे अपनी पारी को बड़ी नहीं कर पाए।
एमोन और साकिब के आउट होने के बाद, शहादत हुसैन सब्बीर ने 44 गेंदों में धीमी गति से 21 रन बनाकर पारी को स्थिर करने की कोशिश की। हालांकि, विकेट नियमित अंतराल पर गिरते रहे, जिससे कोई बड़ी साझेदारी नहीं बन पाई। मध्य ओवरों में, मोसब्बर हुसैन ने थोड़ी तेजी दिखाई और 17 गेंदों में एक चौके और तीन छक्कों की मदद से तेजतर्रार 29 रन बनाए, जिससे टीम को कुछ गति मिली। लेकिन उनके आउट होने से गुलशन पर एक बार फिर दबाव आ गया।
जब टीम का स्कोर 118 रन था, तब फरहाद रजा बिना खाता खोले रन आउट हो गए, जिससे टीम की मुश्किलें और बढ़ गईं। अंत में, अब्दुर रहीम और नायम हुसैन साकिब ने कुछ हद तक प्रतिरोध दिखाया। रहीम ने 51 गेंदों में एक चौके और तीन छक्कों के साथ 34 रन का योगदान दिया, जबकि नायम ने 64 गेंदों में धीमी गति से 15 रन बनाए। गुलशन क्रिकेट क्लब की पूरी टीम 46.4 ओवर में 178 रन बनाकर ऑल आउट हो गई। यह स्कोर मैच जीतने के लिए पर्याप्त नहीं था, खासकर धीमी पिच पर भी।
ढाका लेपर्ड्स के गेंदबाजों का शानदार प्रदर्शन
ढाका लेपर्ड्स के लिए, गेंदबाजों ने अनुशासित प्रदर्शन किया। अराफात सन्नी और मोइन खान ने दो-दो विकेट लेकर गुलशन के बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखा। युवा गेंदबाज हसन मुराद ने बेहद प्रभावशाली गेंदबाजी की, उन्होंने अपने 9 ओवर में सिर्फ 26 रन देकर 2 महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए। अलाउद्दीन बाबू, अल फाहद और शेख परवेज जीवन ने भी एक-एक विकेट लेकर गुलशन की पारी को नियमित रूप से बाधित किया। टीम के सामूहिक गेंदबाजी प्रयास ने उन्हें एक हासिल करने योग्य लक्ष्य का पीछा करने का अवसर दिया।
ढाका लेपर्ड्स की लक्ष्य का पीछा: शायकत अली का अविस्मरणीय प्रदर्शन
179 रनों का पीछा करते हुए, ढाका लेपर्ड्स की शुरुआत भी खराब रही। जवाद अबरार और जाकिर हसन, दोनों सलामी बल्लेबाज केवल 5 रन के कुल स्कोर पर आउट हो गए, जिससे टीम पर शुरुआती दबाव बढ़ गया। ऐसा लग रहा था कि गुलशन के गेंदबाज मैच पर हावी हो रहे हैं।
हालांकि, यहीं से शायकत अली और इफ्तिखार हुसैन इफ्ती ने मोर्चा संभाला। दोनों ने मिलकर 83 रनों की एक महत्वपूर्ण साझेदारी की, जिसने मैच का रुख ढाका लेपर्ड्स की ओर मोड़ दिया। इफ्ती ने 66 गेंदों में तीन चौकों और एक छक्के की मदद से 46 रन बनाकर शायकत का बखूबी साथ दिया। उनकी यह साझेदारी न केवल रनों के लिए महत्वपूर्ण थी, बल्कि इसने टीम को आत्मविश्वास भी प्रदान किया।
लेकिन इस पारी की असली चमक शायकत अली के बल्ले से निकली। उन्होंने शुरुआत में धीमी गति से बल्लेबाजी की, लेकिन धीरे-धीरे खेल पर नियंत्रण स्थापित कर लिया। शायकत ने 90 गेंदों पर 2 चौकों और 7 गगनचुंबी छक्कों की मदद से 88 रनों की शानदार नाबाद पारी खेली। स्पिनरों के खिलाफ उनकी आत्मविश्वासपूर्ण बल्लेबाजी ने गुलशन के गेंदबाजों की रणनीतियों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। उन्होंने बिना किसी गलती के अपनी टीम को जीत की दहलीज तक पहुंचाया।
इफ्ती के आउट होने के बाद, मोहम्मद मिथुन ने भी तेजी से रन बनाए। उन्होंने 31 गेंदों में 2 चौकों और 2 छक्कों की मदद से महत्वपूर्ण 33 रन जोड़े, जिससे लक्ष्य का पीछा और आसान हो गया। अंत में, शायकत अली और मोइन खान ने ढाका लेपर्ड्स को जीत दिलाई, शायकत अली ने अंतिम रनों को भी बनाया और नाबाद पवेलियन लौटे। गुलशन के लिए, शहादत हुसैन सोबुज ने 2 विकेट लिए, जबकि तनवीर अहमद और अब्दुर रहीम को एक-एक सफलता मिली। हालांकि, वे पूरी पारी के दौरान दबाव बनाए रखने में विफल रहे, जिसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ा। शायकत अली की यह पारी निश्चित रूप से DPL के इस संस्करण की सबसे यादगार पारियों में से एक बन गई है।