विराट कोहली का बड़ा बयान: भारतीय हॉकी खिलाड़ियों की फिटनेस के आगे हम 15% भी नहीं
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विराट कोहली का फिटनेस पर नया नजरिया
हाल ही में बेंगलुरु में आयोजित ‘आरसीबी इनोवेशन लैब इंडियन स्पोर्ट्स समिट’ के दौरान भारतीय क्रिकेट के दिग्गज और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के स्टार खिलाड़ी विराट कोहली ने एक ऐसा बयान दिया है जिसने खेल जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। फिटनेस के मामले में पूरी दुनिया में एक आइकन के रूप में पहचाने जाने वाले विराट कोहली ने यह स्वीकार किया कि भारतीय हॉकी खिलाड़ियों की फिटनेस का स्तर क्रिकेटरों की तुलना में कहीं अधिक है।
क्रिकेटर्स के लिए फिटनेस एक जरूरत है, न कि कोई असाधारण उपलब्धि
विराट कोहली ने स्पष्ट किया कि उनके लिए फिटनेस कोई दिखावा या कोई असाधारण चीज नहीं है, बल्कि यह खेल की बुनियादी मांग है। 37 वर्षीय कोहली का मानना है कि हर एथलीट को अपने खेल के स्तर के अनुसार शारीरिक रूप से फिट रहना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘मैं जानता हूं कि लोग कभी-कभी फिटनेस को कुछ असाधारण मानते हैं, लेकिन मेरे लिए यह सिर्फ काम की मांग है। यह एक सामान्य मानक होना चाहिए, न कि कुछ ऐसा जिसे खास मानकर सराहा जाए। हमारे देश में क्रिकेट इतना लोकप्रिय है कि हम अक्सर अन्य खेलों में खिलाड़ियों द्वारा की जा रही कड़ी मेहनत को नजरअंदाज कर देते हैं।’
रोहित शर्मा की फिटनेस पर भी हुई चर्चा
इस बातचीत के दौरान कोहली ने एक मजेदार टिप्पणी करते हुए कहा, ‘अगर मैं पूरी ईमानदारी से कहूं, तो हम भारतीय हॉकी खिलाड़ियों की फिटनेस का 15% भी नहीं हैं। यदि हॉकी खिलाड़ी हमारे प्रशिक्षण सत्रों को देखेंगे, तो वे शायद हंसेंगे क्योंकि उनका खेल कहीं अधिक शारीरिक शक्ति और सहनशक्ति की मांग करता है।’
हॉकी कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने साझा किए अनुभव
भारतीय पुरुष हॉकी टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने कोहली के साथ हुई अपनी बातचीत को याद करते हुए बताया कि विराट हॉकी के प्रति काफी उत्सुक थे। हरमनप्रीत ने कहा, ‘हमने हाल ही में एक इवेंट में फिटनेस पर बहुत अच्छी चर्चा की थी। उन्होंने मुझसे हॉकी के फिटनेस मानकों के बारे में पूछा। जब मैंने उन्हें बताया कि हमारे गोलकीपर भी यो-यो टेस्ट में 20 से ऊपर का स्कोर करते हैं, तो वह वास्तव में हैरान रह गए थे।’ हरमनप्रीत ने कोहली का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि एक बड़े क्रिकेट सुपरस्टार द्वारा हॉकी खिलाड़ियों की मेहनत को पहचानना पूरे खेल समुदाय के लिए गर्व की बात है।
क्यों हॉकी है सबसे कठिन खेलों में से एक?
भारतीय हॉकी टीम के अनुभवी मिडफील्डर मनप्रीत सिंह ने भी इस बहस पर अपनी राय रखी। मनप्रीत के अनुसार, हॉकी आज के दौर में बेहद तेज खेल बन चुका है। उन्होंने विस्तार से बताया, ‘हॉकी में गेंद सेकंडों में एक छोर से दूसरे छोर तक पहुंच जाती है। खिलाड़ी लगातार दौड़ते हैं, प्रेसिंग करते हैं और स्थिति बदलते रहते हैं। यह खेल गति, सहनशक्ति और निरंतर दौड़ने पर टिका है, जिसके कारण इसमें फिटनेस का उच्चतम स्तर बनाए रखना अनिवार्य है।’
निष्कर्ष: खेलों के बीच तालमेल और सम्मान
विराट कोहली का यह बयान न केवल उनकी विनम्रता को दर्शाता है, बल्कि यह भारतीय खेलों के बीच आपसी सम्मान का एक शानदार उदाहरण भी है। चाहे वह क्रिकेट हो या हॉकी, एथलीटों का फिटनेस के प्रति समर्पण ही उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफल बनाता है। कोहली के शब्दों में, जब देश के सबसे बड़े खेल सुपरस्टार दूसरे खेलों के खिलाड़ियों की मेहनत को सम्मान देते हैं, तो इससे पूरे देश में एक सकारात्मक संदेश जाता है। यह स्पष्ट है कि आने वाले समय में फिटनेस को लेकर जागरूकता और बढ़ेगी, और संभवतः क्रिकेट के खिलाड़ी भी हॉकी खिलाड़ियों की तरह और अधिक मेहनत करने के लिए प्रेरित होंगे।