Latest Cricket News

अजीत अगरकर की दो टूक: रोहित शर्मा और विराट कोहली को फिटनेस पर देना होगा ध्यान

Shakil Hossain · · 1 min read

भारतीय क्रिकेट में नए युग की आहट: फिटनेस पर जोर

अजीत अगरकर की अगुवाई में भारतीय चयन समिति एक महत्वपूर्ण दौर से गुजर रही है। आने वाले समय में अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाली घरेलू सीरीज के लिए टीम का चयन केवल वर्तमान फॉर्म पर ही नहीं, बल्कि लंबी अवधि की योजना पर भी केंद्रित होगा। चयनकर्ताओं की नजरें 2027 में होने वाले वनडे विश्व कप पर टिकी हैं और इसके लिए वे एक ऐसा पूल तैयार करना चाहते हैं जो शारीरिक रूप से पूरी तरह सक्षम हो।

रोहित और विराट के भविष्य पर मंथन

चर्चा का सबसे बड़ा विषय रोहित शर्मा और विराट कोहली की भारतीय टीम में निरंतर भूमिका है। हालांकि दोनों खिलाड़ी भारतीय क्रिकेट के स्तंभ रहे हैं, लेकिन बढ़ती उम्र और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए चयन समिति अब कड़े फैसले लेने की ओर अग्रसर है। रोहित शर्मा की बात करें तो हालिया समय में उनकी हैमस्ट्रिंग की चोट और मुंबई इंडियंस के लिए प्रभावहीन प्रदर्शन चिंता का विषय रहा है। अगरकर की समिति ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई खिलाड़ी 100 ओवर के क्रिकेट की शारीरिक मांगों को पूरा करने के लिए पूरी तरह फिट नहीं है, तो उसे टीम में जगह बनाना मुश्किल होगा।

विराट कोहली का शानदार सफर

दूसरी ओर, विराट कोहली ने अपनी फॉर्म और फिटनेस से सभी आशंकाओं को खारिज कर दिया है। आईपीएल 2026 में उनका प्रदर्शन और हालिया न्यूजीलैंड सीरीज में 80 की औसत से रन बनाना यह साबित करता है कि वे अभी भी टीम की रीढ़ हैं। विराट के नाम वनडे क्रिकेट में 54 शतक और 14,797 रन दर्ज हैं, जो उनकी निरंतरता को बयां करते हैं। विश्व कप 2023 में सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़कर उन्होंने अपनी विरासत को और भी मजबूत किया है।

READ:  क्रिकेट कनाडा के अध्यक्ष के घर पर फायरिंग, बोर्ड में मचा हड़कंप

क्या है टीम मैनेजमेंट की प्राथमिकता?

अफगानिस्तान के खिलाफ 14 जून को धर्मशाला में शुरू होने वाली सीरीज के लिए शुभमन गिल की कप्तानी में टीम मैदान में उतरेगी। 17 जून को लखनऊ और 20 जून को चेन्नई में होने वाले मैचों के लिए चयन समिति ने एक स्पष्ट संदेश दिया है। टीम में किसी भी खिलाड़ी की जगह पक्की नहीं है। खिलाड़ियों को अपनी फिटनेस और प्रदर्शन को साबित करना होगा ताकि वे विश्व कप 2027 की टीम में अपनी जगह सुनिश्चित कर सकें।

बढ़ती उम्र का दबाव

यह एक कड़वा सच है कि 2027 विश्व कप के समय रोहित शर्मा 40 वर्ष और विराट कोहली 38 वर्ष के होंगे। इसी कारण चयन समिति के लिए यह चर्चा का विषय बन गया है कि क्या वे अगले तीन सालों तक समान ऊर्जा के साथ टीम की कमान संभाल पाएंगे। रोहित शर्मा का हालिया फॉर्म, जहां उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज में मात्र 20.33 की औसत से रन बनाए, उनके लिए दबाव बढ़ा रहा है। उनके करियर के 11,577 रन और 33 शतक उन्हें महान खिलाड़ियों की श्रेणी में रखते हैं, लेकिन वर्तमान क्रिकेट की गति और फिटनेस मानक अब बहुत ऊंचे हो चुके हैं।

निष्कर्ष

अजीत अगरकर का दृष्टिकोण स्पष्ट है: भारतीय क्रिकेट का भविष्य ऐसे खिलाड़ियों के हाथ में होगा जो न केवल तकनीकी रूप से दक्ष हैं, बल्कि शारीरिक रूप से भी सौ फीसदी फिट हैं। रोहित और विराट के लिए अब चुनौती केवल मैदान पर रन बनाने की नहीं, बल्कि खुद को उस स्तर पर बनाए रखने की है जहां वे युवाओं के साथ प्रतिस्पर्धा कर सकें। आगामी वनडे सीरीज यह तय करेगी कि भारतीय टीम किस दिशा में आगे बढ़ने वाली है और चयनकर्ता किन खिलाड़ियों पर दांव लगाने के लिए तैयार हैं। प्रशंसकों के लिए यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या दिग्गज खिलाड़ी अपनी फिटनेस के दम पर अपनी जगह सुरक्षित रख पाते हैं या टीम बदलाव की ओर कदम बढ़ाती है।

READ:  "Proud of everyone": Ajinkya Rahane lauds entire KKR team despite disappointing end to IPL 2026
Written by Shakil Hossain

Shakil Hossain is a senior cricket correspondent for the Dhaka Tribune, renowned for his deeply informed coverage of the Bangladesh national team and the country’s rapidly evolving domestic cricket ecosystem. A double graduate of the University of Dhaka, he began his career covering the Dhaka Premier League from the press boxes of Mirpur and Fatullah, building an encyclopedic knowledge of the players, pitches, and politics that shape Bangladeshi cricket. Shakil is especially valued for his ability to decode spin bowling tactics and the influence of slow, turning tracks on match outcomes. He has reported from multiple World Cups, every edition of the Bangladesh Premier League, and numerous bilateral series at home and abroad. A BSPA Award winner, Shakil’s hallmark is the long-form profile—human, unsentimental, and precise—that brings the stories of emerging talents and seasoned campaigners alike to a hungry cricketing public.