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वसीम जाफर ने अजीत अगरकर के फैसले को बताया बकवास, मोहम्मद शमी को टीम से बाहर करने पर भड़के

Shakil Hossain · · 1 min read

मोहम्मद शमी को बाहर करने पर भड़के वसीम जाफर: अजीत अगरकर के फैसले को बताया बकवास

भारतीय क्रिकेट में टीम चयन को लेकर अक्सर विवाद होते रहते हैं, लेकिन इस बार पूर्व सलामी बल्लेबाज वसीम जाफर ने चयनकर्ताओं के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाली आगामी एकमात्र टेस्ट और तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम की घोषणा के बाद, तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को बाहर रखे जाने पर बवाल मच गया है। वसीम जाफर ने अजीत अगरकर की अगुवाई वाली चयन समिति के इस फैसले पर कड़ा ऐतराज जताया है और इसे पूरी तरह से बकवास और शमी जैसे महान खिलाड़ी का अनादर बताया है।

मंगलवार को जब अजीत अगरकर की अध्यक्षता वाले चयन पैनल ने टीम की घोषणा की, तो उसमें मोहम्मद शमी का नाम न होना सबसे बड़ा चौंकाने वाला फैसला था। इस फैसले के बाद क्रिकेट जगत में चर्चाएं तेज हो गईं और वसीम जाफर ने अपने यूट्यूब चैनल पर चयनकर्ताओं की जमकर क्लास लगाई।

वसीम जाफर ने चयनकर्ताओं को आड़े हाथों लिया: “यह मोहम्मद शमी का अपमान है”

अपने यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए वसीम जाफर ने चयनकर्ताओं के तर्कों को पूरी तरह से खारिज कर दिया। जाफर ने कहा, “यह तो बकवास है। एक खिलाड़ी जिसने पूरे घरेलू सीजन में शानदार प्रदर्शन किया हो, 40 से अधिक विकेट लिए हों – वह और क्या कर सकता है? हम यहाँ मोहम्मद शमी की बात कर रहे हैं, किसी साधारण खिलाड़ी की नहीं। वह ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने हमें कई मैच जिताए हैं और साल 2023 के वनडे विश्व कप के फाइनल में पहुँचाया था। मोहम्मद शमी के साथ ऐसा व्यवहार करना उनके प्रति अनादर है। आप उनसे कहते हैं कि घरेलू क्रिकेट खेलो और अपनी फिटनेस साबित करो।”

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जाफर ने आगे कहा कि शमी को सिर्फ टी20 प्रारूप के लिए फिट बताना चयन न करने का एक बहाना मात्र है। उन्होंने कहा, “आप देखिए, यह खिलाड़ी घरेलू स्तर पर शानदार प्रदर्शन करके वापस आ रहा है, और आप कह रहे हैं कि वह केवल टी20 के लिए फिट हैं। यह उन्हें टीम में शामिल न करने का सिर्फ एक बहाना है। अगर आप उन पर विचार नहीं कर रहे हैं, तो साफ तौर पर कहिए कि ‘हमने उन्हें नजरअंदाज किया है।’ यह एक ईमानदार बयान होता। वह बंगाल की टीम को अकेले दम पर रणजी ट्रॉफी के सेमीफाइनल में लेकर गए, जिस तरह से उन्होंने गेंदबाजी की कमान संभाली, वह काबिले तारीफ थी।”

क्या जसप्रीत बुमराह के साथ भी ऐसा ही व्यवहार होता? जाफर ने उठाए दोहरे मापदंड पर सवाल

वसीम जाफर ने चयन समिति पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप भी लगाया। उन्होंने टीम के प्रमुख तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह का उदाहरण देते हुए पूछा कि क्या बुमराह के साथ भी ऐसा ही सुलूक किया जाता? जाफर ने कहा, “उदाहरण के लिए, अगर जसप्रीत बुमराह चोटिल हो जाते हैं और फिर वापसी करते हैं, तो क्या आप उनके साथ भी ऐसा ही व्यवहार करेंगे? मोहम्मद शमी भी उसी श्रेणी के खिलाड़ी हैं। आप दुनिया के किसी भी अंतरराष्ट्रीय बल्लेबाज से जाकर पूछिए, वे शमी को शीर्ष पर रखेंगे। भारत के लिए दी गई उनकी सेवाओं को देखते हुए यह बेहद अपमानजनक है।”

अजीत अगरकर ने शमी को बाहर रखने पर क्या सफाई दी?

दूसरी ओर, मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मोहम्मद शमी को न चुने जाने के पीछे का कारण स्पष्ट किया। अगरकर के अनुसार, चयनकर्ताओं को सूचित किया गया था कि शमी का शरीर फिलहाल एक दिन में केवल चार ओवर गेंदबाजी करने की अनुमति दे रहा है, जिसके कारण उन्हें लंबे प्रारूपों के लिए नहीं चुना गया।

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अजीत अगरकर ने पत्रकारों से कहा, “हाँ, मेरा मतलब है नहीं, क्योंकि जहाँ तक हमें बताया गया है, इस समय उनका शरीर उन्हें… मुझे पता है कि उन्होंने इस साल घरेलू सीजन खेला है और वह सब किया है, लेकिन मुझे जो जानकारी मिली है, उसके अनुसार इस समय वह केवल टी20 क्रिकेट के लिए तैयार हैं। इसलिए उनके नाम पर कोई चर्चा नहीं हुई।”

अगर आंकड़ों की बात करें, तो मोहम्मद शमी ने भारत के लिए अपना आखिरी वनडे मैच मार्च 2025 में और आखिरी टेस्ट मैच जून 2023 में खेला था। हाल ही में समाप्त हुए आईपीएल 2026 में, शमी ने 12 मैचों में 41.00 की गेंदबाजी औसत और 8.80 की इकॉनमी रेट से 10 विकेट चटकाए थे।

अफगानिस्तान सीरीज के लिए टीम इंडिया में हुए बड़े बदलाव

शमी के अलावा, अजीत अगरकर की अगुवाई वाली चयन समिति ने टीम में कई अन्य कड़े और चौंकाने वाले फैसले लिए हैं। वनडे और टेस्ट दोनों ही टीमों की कमान शुभमन गिल को सौंपी गई है।

टीम के कुछ प्रमुख बदलावों और फैसलों पर एक नज़र डालते हैं:

  • रोहित शर्मा और हार्दिक पांड्या की वापसी: इन दोनों दिग्गज खिलाड़ियों को वनडे टीम में शामिल किया गया है, लेकिन यह उनकी फिटनेस पर निर्भर करेगा।
  • रवींद्र जडेजा और अक्षर पटेल बाहर: स्टार ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा को टेस्ट मैच से आराम दिया गया है और उन्हें वनडे टीम से बाहर कर दिया गया है। वहीं, अक्षर पटेल को भी वनडे टीम से ड्रॉप कर दिया गया है।
  • जसप्रीत बुमराह को आराम: तेज गेंदबाजी आक्रमण के अगुआ जसप्रीत बुमराह को इस पूरी सीरीज के लिए आराम दिया गया है।
  • ऋषभ पंत पर गिरी गाज: विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत को वनडे टीम से पूरी तरह से बाहर कर दिया गया है। वहीं, टेस्ट टीम में केएल राहुल को उप-कप्तान की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
  • नए चेहरों को मिला मौका: मोहम्मद शमी के लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के साथी खिलाड़ी प्रिंस यादव को वनडे टीम में पहली बार मौका दिया गया है। इसके अलावा, तेज गेंदबाज गुरनूर बराड़ और बाएं हाथ के स्पिनर हर्ष दुबे को दोनों टीमों (टेस्ट और वनडे) में शामिल किया गया है। वहीं, एक और बाएं हाथ के स्पिनर मानव सुथार को टेस्ट टीम में बुलावा भेजा गया है।
  • आकिब नबी को निराशा: जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज आकिब नबी को इस बार भी चयनकर्ताओं ने नजरअंदाज कर दिया।
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अफगानिस्तान के खिलाफ यह सीरीज टीम इंडिया के लिए नए खिलाड़ियों को आजमाने और आगामी बड़ी श्रृंखलाओं के लिए बेंच स्ट्रेंथ तैयार करने का एक बेहतरीन मौका होगी। हालांकि, मोहम्मद शमी जैसे अनुभवी खिलाड़ी को बाहर रखने और चयनकर्ताओं की कार्यप्रणाली पर वसीम जाफर के इस तीखे बयान ने निश्चित रूप से एक नई बहस को जन्म दे दिया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आगामी मैचों में नए खिलाड़ी इस भरोसे पर कितना खरा उतरते हैं।

Written by Shakil Hossain

Shakil Hossain is a senior cricket correspondent for the Dhaka Tribune, renowned for his deeply informed coverage of the Bangladesh national team and the country’s rapidly evolving domestic cricket ecosystem. A double graduate of the University of Dhaka, he began his career covering the Dhaka Premier League from the press boxes of Mirpur and Fatullah, building an encyclopedic knowledge of the players, pitches, and politics that shape Bangladeshi cricket. Shakil is especially valued for his ability to decode spin bowling tactics and the influence of slow, turning tracks on match outcomes. He has reported from multiple World Cups, every edition of the Bangladesh Premier League, and numerous bilateral series at home and abroad. A BSPA Award winner, Shakil’s hallmark is the long-form profile—human, unsentimental, and precise—that brings the stories of emerging talents and seasoned campaigners alike to a hungry cricketing public.