जब विराट कोहली और ट्रैविस हेड ने मिलकर पैट कमिंस को बनाया था अपना शिकार
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आईपीएल का एक भूला-बिसरा अध्याय
आईपीएल के मौजूदा सीजन में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के बीच हुई भिड़ंत ने क्रिकेट प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर खींचा। इस मुकाबले के केंद्र में विराट कोहली और ट्रैविस हेड के बीच की अनबन रही। मैदान पर हुई स्लेजिंग और मैच के बाद हैंडशेक से इनकार करने की घटनाओं ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी। हालांकि, आज के इस तीखे प्रतिद्वंद्विता भरे माहौल से उलट, इतिहास के पन्नों में एक ऐसी कहानी दर्ज है जो इन दोनों खिलाड़ियों के बीच के तालमेल की गवाही देती है।
2017 का वह मुकाबला
बात 2017 के आईपीएल सीजन की है, जब विराट कोहली और ट्रैविस हेड दोनों आरसीबी की जर्सी पहनते थे। दिल्ली डेयरडेविल्स के खिलाफ अरुण जेटली स्टेडियम में खेले गए उस मैच में कोहली कप्तान थे और उन्होंने शानदार 58 रनों की पारी खेली थी। उस मैच में आरसीबी ने 20 ओवर में 161 रन बनाए थे। हालांकि ट्रैविस हेड बल्लेबाजी में कुछ खास नहीं कर पाए, लेकिन गेंदबाजी के दौरान उन्होंने और कोहली ने मिलकर एक बड़ी रणनीति बनाई थी।
पैट कमिंस का वह संघर्ष
दिल्ली डेयरडेविल्स की तरफ से बल्लेबाजी करने आए पैट कमिंस उस समय अपने करियर के शुरुआती दौर में थे। दिल्ली की टीम 87 रनों पर चार विकेट खोकर संघर्ष कर रही थी। कमिंस ने क्रीज पर आते ही आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने ट्रैविस हेड की गेंद पर एक शानदार छक्का लगाकर दिल्ली की उम्मीदों को जिंदा रखा था। ऐसा लग रहा था कि मैच का रुख बदल सकता है, लेकिन अगले ही पल खेल का पासा पलट गया।
जब कोहली और हेड की जुगलबंदी ने किया कमाल
16वें ओवर की आखिरी गेंद पर ट्रैविस हेड ने एक चालाकी भरी गेंद फेंकी। यह गेंद ऑफ-स्टंप के बाहर काफी वाइड और फुल थी। कमिंस ने इसे एक्स्ट्रा कवर के ऊपर से मारने की कोशिश की, लेकिन गेंद बल्ले के बाहरी किनारे को छूती हुई सीधे लॉन्ग-ऑफ की तरफ चली गई। वहां तैनात विराट कोहली ने कोई गलती नहीं की और एक सुरक्षित कैच लपक लिया। यह दृश्य आज के समय में कल्पना करना मुश्किल है, जहां ये दोनों खिलाड़ी अब अलग-अलग टीमों के लिए खेलते हुए एक-दूसरे के आमने-सामने हैं।
खेल और समय का बदलाव
नौ साल बाद की स्थिति पूरी तरह से बदल चुकी है। आज जहां विराट कोहली और ट्रैविस हेड एक-दूसरे के कड़े प्रतिद्वंद्वी हैं, वहीं पैट कमिंस खुद एक सफल कप्तान के रूप में स्थापित हो चुके हैं। 2017 की उस जीत में कोहली और हेड का जश्न आज के दौर की कड़वाहट के बिल्कुल विपरीत था। क्रिकेट के मैदान पर ऐसे पल हमेशा याद रखे जाते हैं, जहां खिलाड़ी अपनी टीम की जीत के लिए अपने निजी समीकरणों को भूलकर एक लक्ष्य पर काम करते हैं। भले ही आज वे मैदान पर एक-दूसरे को कड़ा मुकाबला दे रहे हों, लेकिन 2017 की वह जुगलबंदी आईपीएल के उन सुनहरे पलों में से एक है जिसे फैन्स आज भी याद करते हैं।
यह कहानी हमें याद दिलाती है कि क्रिकेट में दोस्ती और प्रतिद्वंद्विता का चक्र कितनी तेजी से घूमता है। आज जो साथी हैं, कल वे विरोधी हो सकते हैं, और यही इस खेल की खूबसूरती है।