विराट कोहली ने रोहित शर्मा के IPL रिकॉर्ड की बराबरी की: ‘यह सब ईश्वर की कृपा है’
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विराट कोहली का नया कीर्तिमान: रोहित शर्मा के रिकॉर्ड की बराबरी
इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के इतिहास में एक और सुनहरा पन्ना तब जुड़ गया जब रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली ने एक बड़ा कीर्तिमान हासिल किया। रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह इंटरनेशनल स्टेडियम में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के खिलाफ खेले गए मुकाबले में विराट ने न केवल नाबाद 105 रनों की शानदार पारी खेली, बल्कि ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ का पुरस्कार जीतकर रोहित शर्मा के एक प्रतिष्ठित रिकॉर्ड की बराबरी भी कर ली।
क्या है यह विशेष रिकॉर्ड?
विराट कोहली ने अब आईपीएल इतिहास में सबसे ज्यादा ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ (Player of the Match) अवार्ड जीतने वाले भारतीय खिलाड़ी के रूप में रोहित शर्मा के साथ अपना नाम दर्ज करा लिया है। कोहली के नाम अब कुल 21 प्लेयर ऑफ द मैच अवार्ड हो चुके हैं। इस सूची में शीर्ष पर एबी डिविलियर्स (25) और क्रिस गेल (22) हैं, जबकि भारतीय खिलाड़ियों में अब विराट और रोहित संयुक्त रूप से शीर्ष पर बने हुए हैं। एमएस धोनी 18 पुरस्कारों के साथ इस सूची में उनके पीछे हैं।
‘सब कुछ ईश्वर की कृपा है’
मैच के बाद हुई प्रस्तुति के दौरान, जब विराट कोहली से उनके इतने लंबे करियर और निरंतर फॉर्म के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने भावुक होते हुए कहा, ‘यह सब ईश्वर की कृपा है।’ 37 वर्ष की आयु में भी खेल के प्रति उनकी दीवानगी देखते ही बनती है। कोहली ने स्पष्ट किया कि भले ही उन्होंने अपने करियर में अपार उपलब्धियां हासिल की हों, लेकिन खेल के प्रति उनका जुनून आज भी पहले दिन जैसा ही है।
उन्होंने कहा, ‘मैं अभी भी बल्लेबाजी करना पसंद करता हूँ। इस स्तर पर खेलना और दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के खिलाफ प्रतिस्पर्धा करना एक सम्मान की बात है। मैं मैदान पर बिताए गए हर पल का आनंद लेना चाहता हूँ क्योंकि मुझे पता है कि एक दिन यह सफर समाप्त हो जाएगा।’
दबाव में निखरता है कोहली का खेल
विराट कोहली ने आगे बताया कि उन्हें दबाव वाली स्थितियाँ आज भी रोमांचित करती हैं। उन्होंने कहा, ‘क्रिकेट वह है जिसे मैं वास्तव में प्यार करता हूँ। मैं मैदान पर अपना दिल और आत्मा लगा देता हूँ। दबाव की स्थितियाँ मुझे एक क्रिकेटर और एक इंसान के रूप में विकसित होने में मदद करती हैं।’
- सीखने की प्रक्रिया: कोहली का मानना है कि खेल आपको एक व्यक्ति के रूप में भी बहुत कुछ सिखाता है।
- स्पष्टता: अपनी बल्लेबाजी के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि वे अनावश्यक जोखिम लेने के बजाय ‘परसेंटेज क्रिकेट’ खेलने पर ध्यान केंद्रित करते हैं।
- रणनीति: कोहली ने बताया कि उन्होंने गैप ढूंढने, स्ट्राइक रोटेट करने और सही गेंदों पर प्रहार करने की रणनीति अपनाई।
बल्लेबाजी तकनीक और मानसिक स्पष्टता
अपनी शतकीय पारी के बारे में विस्तार से बताते हुए कोहली ने कहा, ‘मैं क्रीज पर अपनी स्थिति को लेकर स्पष्ट था। मैं कुछ भी असाधारण करने की कोशिश नहीं कर रहा था, बस अपने खेल पर भरोसा कर रहा था। मैंने चौके लगाए, गैप ढूंढे और यह स्पष्ट रखा कि मुझे कहां छक्के मारने हैं।’ उन्होंने आगे कहा कि टीम की जरूरतों को सर्वोपरि रखना और अपनी ताकत के अनुसार शॉट खेलना ही उन्हें एक सुसंगत खिलाड़ी बनाता है।
निष्कर्ष
विराट कोहली का यह बयान न केवल उनके प्रशंसकों के लिए प्रेरणादायक है, बल्कि यह उन युवा खिलाड़ियों के लिए भी एक बड़ा सबक है जो खेल में शीर्ष तक पहुंचना चाहते हैं। वर्षों की मेहनत, रनों का अंबार और अनगिनत रिकॉर्ड के बावजूद, खेल के प्रति उनका ‘प्यार’ ही उन्हें आज भी मैदान पर सबसे खतरनाक बल्लेबाज बनाता है। यह देखना वाकई अद्भुत है कि एक महान खिलाड़ी अपनी सफलता के बावजूद विनम्रता और ईश्वर के प्रति कृतज्ञता कैसे बनाए रखता है।