Vijay Shankar Joins Lanka Premier League Days After IPL Retirement – विजय शंकर का आईपीएल से संन्यास के बाद लंका प्रीमियर लीग में एंट्री
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विजय शंकर की नई शुरुआत: लंका प्रीमियर लीग में एंट्री
भारतीय क्रिकेट के गलियारों में हलचल तेज है। हाल ही में आईपीएल और घरेलू क्रिकेट को अलविदा कहने वाले अनुभवी ऑलराउंडर विजय शंकर ने अब अपना रुख विदेशी टी20 लीगों की ओर कर लिया है। आधिकारिक घोषणा के अनुसार, वे आगामी लंका प्रीमियर लीग (LPL) के छठे संस्करण में ‘कंडी रॉयल्स’ टीम का प्रतिनिधित्व करेंगे।
यह निर्णय उनके संन्यास की घोषणा के महज कुछ ही दिनों बाद आया है, जिससे यह स्पष्ट हो गया है कि शंकर अभी भी टी20 क्रिकेट में अपनी छाप छोड़ने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
आईपीएल से लंका प्रीमियर लीग तक का सफर
विजय शंकर, जिन्होंने 2018-19 के दौरान भारतीय टीम के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई थी और 2019 विश्व कप टीम का हिस्सा भी रहे थे, का आईपीएल करियर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। उन्होंने 2014 में चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के साथ अपना सफर शुरू किया था और अंत में 2025 में इसी फ्रेंचाइजी के साथ अपना आईपीएल सफर समाप्त किया। हालांकि, 2025 का सत्र उनके लिए व्यक्तिगत रूप से काफी निराशाजनक रहा, जिसमें वे केवल 5 पारियों में 118 रन ही बना सके। इसके बाद सीएसके ने उन्हें रिलीज कर दिया और आगामी नीलामी में किसी अन्य टीम ने उन पर दांव नहीं लगाया।
संन्यास पर क्या बोले विजय शंकर?
विजय शंकर ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपने संन्यास की जानकारी देते हुए एक भावुक संदेश साझा किया। उन्होंने कहा, ‘क्रिकेट मेरा जीवन है। मैंने 10 साल की उम्र में खेलना शुरू किया था, और 25 साल बाद, मैं खुद को धन्य मानता हूँ कि मुझे हर स्तर पर और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने का मौका मिला। देश का प्रतिनिधित्व करना हमेशा मेरे लिए गर्व और खुशी का पल रहेगा।’ उन्होंने आगे बताया कि वे अब क्रिकेट के नए अवसरों को तलाशने और दुनिया भर की लीगों में अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए उत्सुक हैं।
क्या है लंका प्रीमियर लीग का गणित?
आगामी 17 जुलाई से शुरू होने वाली लंका प्रीमियर लीग के लिए खिलाड़ियों का ड्राफ्ट 1 जून को आयोजित किया जाना है। इस सीजन के लिए 21 देशों के 650 से अधिक विदेशी खिलाड़ियों ने पंजीकरण कराया था, जिनमें से 310 को शॉर्टलिस्ट किया गया है। कैंडी रॉयल्स ने विजय शंकर को अपनी टीम में शामिल कर अपनी ताकत में इजाफा किया है। रिपोर्टों के अनुसार, विजय शंकर न केवल लंका प्रीमियर लीग, बल्कि कनाडा टी20 लीग, बांग्लादेश प्रीमियर लीग (BPL) और मेजर लीग क्रिकेट (MLC) जैसे वैश्विक आयोजनों में भी भाग लेने की योजना बना रहे हैं।
बीसीसीआई का कूलिंग-ऑफ पीरियड और भविष्य की संभावनाएं
विजय शंकर का यह कदम भारतीय क्रिकेट में एक पुरानी बहस को फिर से हवा दे रहा है: क्या बीसीसीआई को पूर्व खिलाड़ियों के लिए ‘कूलिंग-ऑफ पीरियड’ लागू करना चाहिए? अतीत में, कई खिलाड़ियों द्वारा समय से पहले संन्यास लेने के चलन को देखते हुए बीसीसीआई इस पर विचार कर चुका है कि सेवानिवृत्ति के एक साल बाद तक खिलाड़ियों को विदेशी लीग में खेलने की अनुमति न दी जाए।
ऐतिहासिक रूप से, भारत के बहुत कम खिलाड़ियों ने लंका प्रीमियर लीग में हिस्सा लिया है। इससे पहले मुनाफ पटेल और इरफान खान जैसे खिलाड़ी इस लीग में खेलते देखे गए हैं। विजय शंकर का यह फैसला यह दर्शाता है कि अब भारतीय क्रिकेटर अपने करियर के उत्तरार्ध में वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाने के लिए सक्रिय हो रहे हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि उनकी यह दूसरी पारी किस दिशा में जाती है और वे विदेशी पिचों पर अपनी पुरानी लय को कैसे वापस प्राप्त करते हैं।
क्रिकेट प्रशंसकों के लिए, यह विजय शंकर को फिर से मैदान पर खेलते देखने का एक शानदार अवसर है। कैंडी रॉयल्स के साथ उनका जुड़ाव टीम के लिए कितना प्रभावी साबित होता है, यह समय ही बताएगा।