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‘After watching cartoons, I realise I’m still a kid’: Vaibhav Sooryavanshi’s hil – वैभव सूर्यवंशी: आईपीएल के नए सुपरस्टार का खुलासा, कार्टून देखना है आज भी पसंद

Priya Sharma · · 1 min read

वैभव सूर्यवंशी: मैदान का शेर और दिल से एक बच्चा

भारतीय क्रिकेट में पिछले कुछ महीनों में अगर किसी खिलाड़ी ने सबसे अधिक ध्यान आकर्षित किया है, तो वह राजस्थान रॉयल्स के युवा सितारे वैभव सूर्यवंशी हैं। 13 साल की उम्र में 1.1 करोड़ रुपये की बड़ी बोली के साथ आईपीएल में कदम रखने वाले इस खिलाड़ी ने न केवल अपनी बल्लेबाजी से आलोचकों को जवाब दिया है, बल्कि अपने खेल के अंदाज से भी सबको प्रभावित किया है। हाल ही में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ शानदार प्रदर्शन के बाद, रॉयल्स की टीम अब टूर्नामेंट के दूसरे नॉकआउट मुकाबले के लिए तैयार है, और इस सफलता के पीछे वैभव का बड़ा हाथ माना जा रहा है।

खेल के परे: एक मासूम खुलासा

मैदान पर गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाने वाले वैभव सूर्यवंशी जब ड्रेसिंग रूम से बाहर निकलते हैं, तो वे एक सामान्य किशोर की तरह ही व्यवहार करते हैं। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने अपने निजी जीवन से जुड़ी कुछ बेहद प्यारी बातें साझा कीं। जब उनसे उनके पसंदीदा भोजन और ‘चीट मील’ के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, ‘वैसे तो मुझे घर का बना खाना बहुत पसंद है, लेकिन चीट मील के तौर पर मुझे आइसक्रीम खाना बहुत अच्छा लगता है।’

अपनी दिनचर्या पर बात करते हुए उन्होंने एक ऐसी बात कही जो हर किसी का दिल जीत लेगी। वैभव ने बताया, ‘जब भी मुझे आराम करना होता है या मैं तरोताजा महसूस करना चाहता हूँ, तो मैं अपने कमरे में बैठकर अपने पसंदीदा कार्टून देखना पसंद करता हूँ। कार्टून देखकर मुझे अपने घर की याद आती है और मुझे एहसास होता है कि मैं अभी भी एक बच्चा हूँ।’

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छक्के लगाने की कला और कड़ी मेहनत

वैभव सूर्यवंशी की बल्लेबाजी की सबसे बड़ी ताकत उनके छक्के लगाने की क्षमता है। टी20 के आधुनिक खेल में उनका रिकॉर्ड शानदार रहा है। उन्होंने इस सीजन में अब तक 65 छक्के जड़े हैं, जो अपने आप में एक मिसाल है। हर मैच में औसतन चार से अधिक छक्के लगाने वाले इस खिलाड़ी से जब उनकी इस जादुई क्षमता के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कोई रहस्य नहीं बताया, बल्कि अपनी कड़ी मेहनत का जिक्र किया।

युवा खिलाड़ी ने कहा, ‘मैंने बचपन से ही कड़ी मेहनत की है और भविष्य में भी इसे जारी रखूंगा। मेरा सपना है कि मैं अपनी मेहनत के दम पर लगातार अच्छा क्रिकेट खेलूं और एक दिन भारत का प्रतिनिधित्व कर सकूं।’

गुजरात टाइटंस के खिलाफ बड़ी चुनौती

वैभव का आत्मविश्वास उनके उम्र से कहीं अधिक बड़ा है। दुनिया के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी आक्रमण के सामने भी वे बिना किसी डर के बल्लेबाजी करते हैं। गुजरात टाइटंस के खिलाफ उनका रिकॉर्ड इस बात का सबूत है। डेब्यू के बाद से टाइटंस के खिलाफ तीन पारियों में उन्होंने 101 (38 गेंदों पर), 31 (18 गेंदों पर) और 36 (16 गेंदों पर) रन बनाए हैं।

  • आईपीएल 2025 में वैभव सूर्यवंशी ने अपने प्रदर्शन से सभी को चौंकाया है।
  • वे अब तक एक सीजन में 65 छक्के लगाकर रिकॉर्ड बना चुके हैं।
  • वैभव का लक्ष्य भारतीय टीम के लिए खेलना है।

जैसे-जैसे नॉकआउट मुकाबला करीब आ रहा है, न्यू पीसीए स्टेडियम में एक बार फिर वैभव सूर्यवंशी का बल्ला गरजने के लिए तैयार है। यह देखना वाकई रोमांचक होगा कि यह युवा खिलाड़ी अपनी निडर बल्लेबाजी से किस तरह विरोधियों की रणनीतियों को ध्वस्त करता है। खेल की दुनिया में वैभव जैसे खिलाड़ी न केवल जीत दिलाते हैं, बल्कि प्रशंसकों को उम्मीद भी देते हैं कि भारतीय क्रिकेट का भविष्य सुरक्षित हाथों में है।

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Written by Priya Sharma

Priya Sharma is a senior cricket correspondent for The Indian Express, and one of the most respected voices covering women’s cricket in India. A graduate of Miranda House, she started her career in a newsroom dominated by men’s sport and deliberately chose to put women’s cricket at the centre of her reporting. Priya has chronicled the Indian women’s team through World Cups, the transformational arrival of the Women’s Premier League, and the quiet, determined rise of girls’ cricket in small towns and villages. Her long‑form profiles of cricketers like Smriti Mandhana, Jemimah Rodrigues, and Renuka Singh are known for their depth and sensitivity. Beyond match reports, Priya writes regularly on media representation and the structural barriers women face in sports journalism. A recipient of the Ramnath Goenka Award and the Laadli Media Award, she believes that telling the full story of women’s cricket is not just a beat, but a responsibility.