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अफगानिस्तान टेस्ट: आकिब नबी के चयन न होने पर शुभमन गिल की भूमिका पर उठे सवाल

Priya Sharma · · 1 min read

भारतीय क्रिकेट में चयन प्रक्रिया पर गरमाई बहस

भारत और अफगानिस्तान के बीच होने वाले एकमात्र टेस्ट मैच के लिए जैसे ही भारतीय टीम की घोषणा हुई, क्रिकेट जगत में हलचल मच गई। इस टीम में कप्तान शुभमन गिल के नेतृत्व में कई नए चेहरों को शामिल किया गया है, लेकिन जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज आकिब नबी की अनदेखी ने चयनकर्ताओं और कप्तान की कार्यप्रणाली पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

आकिब नबी का शानदार घरेलू रिकॉर्ड

आकिब नबी पिछले कुछ वर्षों से लगातार घरेलू क्रिकेट में अपने बेहतरीन प्रदर्शन से सबका ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। जम्मू-कश्मीर को पहली बार रणजी ट्रॉफी जिताने में उनकी भूमिका अहम रही है। उन्होंने मात्र 17 पारियों में 60 विकेट चटकाकर अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया है। ऐसे में उनका टीम से बाहर रहना न केवल प्रशंसकों के लिए बल्कि क्रिकेट विशेषज्ञों के लिए भी हैरानी भरा है।

सुरेश रैना ने उठाए शुभमन गिल पर सवाल

पूर्व भारतीय बल्लेबाज सुरेश रैना ने इस पूरे मामले पर खुलकर बात की है। जियोहॉटस्टार पर चर्चा के दौरान रैना ने दावा किया कि आकिब नबी को निश्चित रूप से मौका मिलना चाहिए था। रैना के अनुसार, टीम चयन में कप्तान की पसंद मायने रखती है और यह संभव है कि शुभमन गिल ने अपने हिसाब से गेंदबाजों की मांग की हो, जिसके चलते नबी को नजरअंदाज किया गया। रैना ने स्पष्ट कहा, ‘आकिब नबी को मौका मिलना चाहिए था, लेकिन शुभमन ने निश्चित रूप से उन गेंदबाजों के बारे में अपनी राय दी होगी जिन्हें वे टीम में चाहते थे।’

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आईपीएल बनाम रणजी ट्रॉफी: चयन का आधार क्या है?

आकिब नबी का मामला भारतीय क्रिकेट में एक पुरानी बहस को फिर से जिंदा कर रहा है: क्या रणजी ट्रॉफी के प्रदर्शन को अब उतना महत्व नहीं दिया जा रहा है? कई प्रशंसकों का मानना है कि आईपीएल के चमक-धमक वाले प्रदर्शन के सामने घरेलू क्रिकेट के निरंतर प्रदर्शन को अनदेखा किया जा रहा है। टीम प्रबंधन अक्सर ‘संतुलन’ की बात करता है, लेकिन इस प्रक्रिया में घरेलू क्रिकेट के दिग्गजों का हक मारा जा रहा है।

गुरनूर बराड़ के चयन पर उठते सवाल

चयनकर्ताओं ने आकिब नबी की जगह लंबे कद के तेज गेंदबाज गुरनूर बराड़ को प्राथमिकता दी है। बराड़ एक 6’5′ लंबे गेंदबाज हैं, जिनमें प्रतिभा तो है, लेकिन उनकी निरंतरता पर सवाल उठाए जा रहे हैं। आंकड़ों पर नजर डालें तो बराड़ ने 18 मैचों में 52 विकेट लिए हैं, जो कागज पर तो ठीक लगते हैं, लेकिन पिछले 3-4 वर्षों में उनकी नियमितता खराब रही है। उन्होंने केवल एक पूर्ण घरेलू सीजन खेला है। ऐसे में आकिब नबी जैसे निरंतर विकेट लेने वाले गेंदबाज को छोड़ना कई लोगों को समझ से परे लग रहा है।

टीम इंडिया की तैयारी और नजरें

6 जून से न्यू चंडीगढ़ में शुरू होने वाले इस एकमात्र टेस्ट मैच के लिए टीम इंडिया पूरी तरह तैयार है। जसप्रीत बुमराह को कार्यभार प्रबंधन (workload management) के कारण आराम दिया गया है, जबकि केएल राहुल उप-कप्तान की भूमिका निभाएंगे। युवाओं में मानव सुथार, हर्ष दुबे, गुरनूर बराड़ और प्रिंस यादव को पहली बार कॉल-अप मिला है।

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निष्कर्ष

भारतीय टीम का लक्ष्य अफगानिस्तान के खिलाफ बेहतर प्रदर्शन करना है, लेकिन चयन के विवादों ने माहौल को थोड़ा तनावपूर्ण बना दिया है। प्रशंसकों को उम्मीद है कि भविष्य में घरेलू प्रदर्शन को अधिक तरजीह दी जाएगी ताकि आकिब नबी जैसे खिलाड़ियों का मनोबल न गिरे। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या नई टीम प्रबंधन अपनी रणनीति में बदलाव करेगी या आने वाले मैचों में भी यही प्रक्रिया जारी रहेगी।

अफगानिस्तान के खिलाफ भारतीय टेस्ट टीम:

  • कप्तान: शुभमन गिल
  • उप-कप्तान: केएल राहुल
  • अन्य खिलाड़ी: यशस्वी जायसवाल, साई सुदर्शन, ऋषभ पंत, देवदत्त पडिक्कल, ध्रुव जुरेल, वाशिंगटन सुंदर, मोहम्मद सिराज, कुलदीप यादव, नितीश कुमार रेड्डी, मानव सुथार, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़ और हर्ष दुबे।
Written by Priya Sharma

Priya Sharma is a senior cricket correspondent for The Indian Express, and one of the most respected voices covering women’s cricket in India. A graduate of Miranda House, she started her career in a newsroom dominated by men’s sport and deliberately chose to put women’s cricket at the centre of her reporting. Priya has chronicled the Indian women’s team through World Cups, the transformational arrival of the Women’s Premier League, and the quiet, determined rise of girls’ cricket in small towns and villages. Her long‑form profiles of cricketers like Smriti Mandhana, Jemimah Rodrigues, and Renuka Singh are known for their depth and sensitivity. Beyond match reports, Priya writes regularly on media representation and the structural barriers women face in sports journalism. A recipient of the Ramnath Goenka Award and the Laadli Media Award, she believes that telling the full story of women’s cricket is not just a beat, but a responsibility.