Rishabh Pant Warned Against Following MS Dhoni With LSG Captaincy At Stake
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आईपीएल 2026 का निराशाजनक अंत
लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के लिए आईपीएल 2026 का सफर बेहद निराशाजनक रहा है। पंजाब किंग्स के खिलाफ अपनी अंतिम हार के साथ, टीम अंक तालिका में सबसे नीचे खिसक गई है। 14 मैचों में केवल चार जीत के साथ, टीम का प्रदर्शन उम्मीदों से काफी दूर रहा है। इस खराब प्रदर्शन के केंद्र में कप्तान ऋषभ पंत रहे हैं, जिनकी कप्तानी और बल्लेबाजी दोनों पर अब गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
अंबाती रायडू की सीधी सलाह
पूर्व भारतीय बल्लेबाज अंबाती रायडू ने ऋषभ पंत को एक महत्वपूर्ण सुझाव दिया है। रायडू का मानना है कि पंत को कप्तानी के बोझ से मुक्त होकर केवल एक खिलाड़ी के रूप में अपनी बल्लेबाजी पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। रायडू ने यह भी कहा कि पंत का कप्तानी करने का तरीका एमएस धोनी की तरह ‘इंस्टिंक्टिव’ (अंतर्ज्ञान पर आधारित) है, लेकिन यह स्टाइल उनके लिए फायदेमंद साबित नहीं हो रहा है। रायडू के अनुसार, कोचिंग स्टाफ और पंत के इस स्वभाव के बीच तालमेल की कमी हो सकती है।
धोनी के मॉडल की विफलता
एमएस धोनी की कप्तानी की शैली हमेशा से ही शांत और सहज रही है, जिसने सीएसके को कई खिताब जिताए हैं। हालांकि, ऋषभ पंत का धोनी को कॉपी करने का प्रयास अब तक असफल रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि हर खिलाड़ी की अपनी एक अलग शैली होती है, और धोनी जैसा बनने की कोशिश में पंत अपनी स्वाभाविक खेल शैली खो रहे हैं। यह स्थिति वैसी ही है जैसे 2017 में राइजिंग पुणे सुपरजायंट्स के दौरान धोनी के साथ हुई थी, जहाँ उन्हें कप्तानी से हटाकर स्टीव स्मिथ को कमान सौंपी गई थी।
कप्तानी के फैसलों पर उठते सवाल
ऋषभ पंत की कप्तानी के दौरान कई फैसलों पर सवाल उठाए गए हैं, जिनमें खराब फील्ड प्लेसमेंट, डेथ ओवर्स में भ्रमित गेंदबाजी रणनीतियां और गलत डीआरएस (DRS) निर्णय शामिल हैं। साथ ही, इम्पैक्ट प्लेयर के उपयोग में भी निरंतरता की कमी देखी गई है। आईपीएल इतिहास के सबसे महंगे खिलाड़ी के रूप में उन पर दबाव भी बहुत अधिक था, जिसने निश्चित रूप से उनके मानसिक खेल को प्रभावित किया होगा।
भविष्य की राह
लखनऊ सुपर जायंट्स के डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट, टॉम मूडी ने स्पष्ट किया है कि फ्रेंचाइजी भविष्य को लेकर कप्तानी पर गंभीर विचार करेगी। अगले सीजन से पहले, यह तय करना जरूरी होगा कि क्या टीम एक नए लीडर के साथ आगे बढ़ेगी या पंत को एक और मौका दिया जाएगा। हालांकि, यह स्पष्ट है कि यदि पंत को अपनी बल्लेबाजी की लय वापस पानी है, तो उन्हें कप्तानी के दबाव से बाहर निकलकर अपने स्वाभाविक खेल पर ध्यान देना होगा।
निष्कर्ष
ऋषभ पंत निस्संदेह भारत के सबसे प्रतिभाशाली क्रिकेटरों में से एक हैं। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने अतीत में कई मैच जिताए हैं। वर्तमान में, कप्तानी उनके खेल के स्वाभाविक प्रवाह में बाधा डाल रही है। यदि वे कप्तानी के बोझ को छोड़ते हैं, तो वे अधिक स्वतंत्रता और आत्मविश्वास के साथ खेल सकते हैं, जो न केवल उनके लिए बल्कि लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए भी बेहतर होगा। क्रिकेट विशेषज्ञों का स्पष्ट मानना है कि पंत को अपनी पहचान खुद बनानी होगी, न कि किसी और की नकल करनी होगी।