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Ravindra Jadeja Rewrites Rare Record After 16 Years

Basir Ahmadi · · 1 min read

आईपीएल 2026: रवींद्र जडेजा का अनोखा रिकॉर्ड

वानखेड़े स्टेडियम में मुंबई इंडियंस के खिलाफ खेले गए आईपीएल 2026 के रोमांचक मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स के अनुभवी ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा ने एक दुर्लभ रिकॉर्ड अपने नाम किया है। यह मैच न केवल टीम के प्रदर्शन के लिए चर्चा में रहा, बल्कि जडेजा का बल्लेबाजी क्रम भी प्रशंसकों और विशेषज्ञों के बीच बहस का विषय बन गया। अनुभवी बाएं हाथ के इस बल्लेबाज को पारी के अंतिम चरणों में नंबर 9 पर बल्लेबाजी करने के लिए भेजा गया, जो उनके लंबे टी20 करियर में केवल दूसरा ही ऐसा अवसर है।

टॉप ऑर्डर के ढहने के बाद राजस्थान रॉयल्स की रणनीति

मुंबई इंडियंस की घातक गेंदबाजी के सामने राजस्थान रॉयल्स की शुरुआत बेहद खराब रही। पावरप्ले के दौरान यशस्वी जायसवाल और वैभव सूर्यवंशी के जल्दी आउट हो जाने से टीम दबाव में आ गई थी। कप्तान रियान पराग ने कुछ अच्छे शॉट्स जरूर खेले, लेकिन वे पारी को लंबा नहीं खींच सके। विकेटकीपर-बल्लेबाज ध्रुव जुरेल ने 38 रनों की उपयोगी पारी खेलकर टीम को संभाला। इसके बाद दासुन शनाका ने 29 रनों का योगदान दिया, लेकिन अंत में जोफ्रा आर्चर की आक्रामक बल्लेबाजी ने सारा खेल बदल दिया। आर्चर ने केवल 15 गेंदों में 32 रन जड़े, जिससे राजस्थान रॉयल्स 205 रनों का सम्मानजनक स्कोर खड़ा करने में सफल रही।

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क्यों देरी से बल्लेबाजी करने आए रवींद्र जडेजा?

जडेजा का इतनी देर से बल्लेबाजी के लिए आना केवल संयोग नहीं था, बल्कि इसके पीछे राजस्थान रॉयल्स का ‘वर्कलोड मैनेजमेंट’ (कार्यभार प्रबंधन) भी एक बड़ा कारण था। रिपोर्ट्स के अनुसार, जडेजा हाल के दिनों में घुटने की मामूली परेशानी और थकान से जूझ रहे हैं। लगातार क्रिकेट खेलने के कारण प्रबंधन उन्हें पूरी तरह से फिट रखना चाहता है। टीम ने उन्हें एक ‘इम्पैक्ट सब्स्टीट्यूट’ के तौर पर बचाकर रखा था ताकि वह पारी के अंत में फिनिशर की भूमिका निभा सकें। मुंबई के तेज गेंदबाजी आक्रमण के सामने उन्हें जल्दी जोखिम में न डालना टीम की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा था।

16 साल बाद दोहराया गया इतिहास

रवींद्र जडेजा के लिए यह दुर्लभ पल 16 साल के लंबे अंतराल के बाद आया है। इससे पहले, टी20 अंतरराष्ट्रीय करियर में जडेजा केवल एक बार नंबर 9 या उससे नीचे बल्लेबाजी करने आए थे। वह मौका 2010 के आईसीसी टी20 विश्व कप का था, जब भारत और वेस्टइंडीज के बीच ब्रिजटाउन में मुकाबला हुआ था। उस समय टीम इंडिया में एमएस धोनी, युवराज सिंह, रोहित शर्मा और सुरेश रैना जैसे दिग्गज खिलाड़ी शामिल थे, जिसके कारण जडेजा का क्रम काफी नीचे था। 16 साल बाद, एक बार फिर परिस्थितियों ने उन्हें उसी स्थिति में ला खड़ा किया।

क्या यह रणनीति राजस्थान के लिए फायदेमंद रही?

ईमानदारी से कहा जाए तो, राजस्थान रॉयल्स का जडेजा को देरी से भेजने का फैसला अंततः टीम के काम आया। जोफ्रा आर्चर जैसे पावर-हिटर्स को ऊपर भेजने से टीम को रन गति बनाए रखने में मदद मिली। जब टॉप ऑर्डर लड़खड़ा गया था, तो आर्चर की निडर बल्लेबाजी ने टीम को गति दी। शार्दुल ठाकुर की नो-बॉल वाली घटना के बाद जडेजा की क्रीज पर मौजूदगी ने टीम को उस स्कोर तक पहुंचने में मदद की जो मुंबई इंडियंस के गेंदबाजों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हुआ। राजस्थान रॉयल्स की टीम ने दबाव के बावजूद जिस तरह से वापसी की, वह उनके जज्बे को दर्शाता है। जडेजा का यह अनूठा रिकॉर्ड क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक यादगार पल बन गया है, जो साबित करता है कि खेल में परिस्थितियों के अनुसार बदलाव कितना महत्वपूर्ण होता है।

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Written by Basir Ahmadi

Basir Ahmadi is a senior sports journalist for Ariana News, recognised for his authoritative reporting on Afghan cricket’s rise from war‑torn obscurity to global recognition. A Kabul University journalism graduate, Basir started covering local tape‑ball tournaments before embedding himself with the national team’s journey through the ICC World Cricket League. He is widely read for his nuanced analysis of spin bowling—particularly the Afghan school of leg‑spin and googly—and his ability to explain tactical shifts in fast‑paced T20 contests. Basir has reported from major ICC events and has been a familiar voice on radio and television panels across South Asia. A winner of Ariana News’s top internal honour and the ACB Media Award, he continues to document Afghanistan’s cricketing story with empathy, accuracy, and an unshakeable belief in the power of sport to unite and inspire.