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Mumbai Indians Player Ratings For IPL 2026 – IPL 2026: मुंबई इंडियंस के खिलाड़ियों का प्रदर्शन और रिपोर्ट कार्ड

Priya Sharma · · 1 min read

IPL 2026: मुंबई इंडियंस का संघर्ष और खिलाड़ियों का लेखा-जोखा

आईपीएल 2026 का संस्करण मुंबई इंडियंस के प्रशंसकों के लिए अत्यंत निराशाजनक रहा। पांच बार की आईपीएल विजेता टीम इस बार ग्रुप स्टेज के 14 मैचों में से केवल चार में जीत हासिल कर सकी और अंक तालिका में नौवें पायदान पर रही। यह लगातार छठा साल है जब टीम ट्रॉफी जीतने में विफल रही है। इस कठिन सीजन के दौरान, कुछ खिलाड़ियों ने अपना दमखम दिखाया, जबकि कई बड़े नाम उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे। आइए, मुंबई इंडियंस के खिलाड़ियों के प्रदर्शन का विस्तृत विश्लेषण करते हैं।

बल्लेबाजों का प्रदर्शन

रयान रिकेल्टन (7.5/10): इस सीजन में रिकेल्टन मुंबई के सबसे शानदार बल्लेबाज बनकर उभरे। उन्होंने 12 पारियों में 186.67 के स्ट्राइक रेट से 448 रन बनाए। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने प्रशंसकों का दिल जीत लिया।

रोहित शर्मा (6.5/10): हैमस्ट्रिंग की चोट के बावजूद, रोहित ने 9 पारियों में 283 रन बनाए। 157.22 के स्ट्राइक रेट और दो अर्धशतकों के साथ, उन्होंने मुश्किल परिस्थितियों में टीम को संभाला।

तिलक वर्मा (7/10): तिलक ने शानदार खेल दिखाते हुए 14 पारियों में 359 रन बनाए। गुजरात टाइटंस के खिलाफ खेली गई उनकी नाबाद 101 रनों की पारी इस सीजन की सबसे यादगार पारियों में से एक रही।

नमन धीर (8/10): युवा बल्लेबाज नमन धीर ने परिपक्वता दिखाई। उन्होंने 14 पारियों में 318 रन बनाए और दबाव में टीम के लिए भरोसेमंद मध्यक्रम बल्लेबाज साबित हुए।

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सूर्यकुमार यादव (5/10): सूर्यकुमार यादव का यह सीजन उनके स्तर के अनुरूप नहीं रहा। 13 पारियों में 270 रन उनके मानकों से काफी कम हैं। उनका खराब फॉर्म टीम के लिए चिंता का विषय बना रहा।

गेंदबाजों और ऑलराउंडरों का विश्लेषण

शार्दुल ठाकुर (7/10): शार्दुल ने मात्र 7 पारियों में 12 विकेट लेकर खुद को टीम का सबसे प्रभावी गेंदबाज साबित किया। केकेआर और राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ उनका प्रदर्शन सराहनीय था।

जसप्रीत बुमराह (7.5/10): बुमराह के लिए यह करियर का सबसे कठिन सीजन रहा। केवल 4 विकेट मिलने के बावजूद, उन्होंने 8.37 की इकॉनमी के साथ अनुशासन बनाए रखा।

हार्दिक पांड्या (4/10): कप्तान के रूप में हार्दिक का सीजन बेहद खराब रहा। न तो वे बल्ले से कमाल दिखा सके (206 रन) और न ही गेंदबाजी में (4 विकेट, 11.43 इकॉनमी)। उनकी कप्तानी पर अब कई सवाल उठने लगे हैं।

अल्लाह गजनफर (6/10): युवा स्पिनर ने 11 पारियों में 15 विकेट झटके। हालांकि उनकी इकॉनमी थोड़ी अधिक रही, लेकिन वे मध्य के ओवरों में विकेट लेने में सफल रहे।

दीपक चाहर (5/10): चाहर 8 मैचों में 8 विकेट ही ले सके। 10.39 की इकॉनमी के साथ, डेथ ओवरों में उनकी गेंदबाजी टीम के लिए एक बड़ी समस्या बनी रही।

अन्य खिलाड़ियों का प्रदर्शन

  • क्विंटन डी कॉक (7.5/10): मौके मिलने पर उन्होंने 3 पारियों में 132 रन बनाकर अपनी उपयोगिता साबित की।
  • शेरफेन रदरफोर्ड (6.5/10): मध्यक्रम में उन्होंने 164 के स्ट्राइक रेट से 123 रन बनाए और फिनिशर की भूमिका निभाई।
  • विल जैक्स (6.5/10): देर से टीम में शामिल होने के बावजूद, उन्होंने आक्रामक तेवर दिखाए।
  • कॉर्बिन बॉश (6/10): ऑलराउंड प्रदर्शन करते हुए उन्होंने टीम को संतुलन प्रदान किया।
  • रघु शर्मा (6/10): 33 साल की उम्र में डेब्यू करते हुए, उन्होंने अपनी अनुशासित गेंदबाजी से प्रभावित किया।
  • मयंक मार्कंडे (4/10): 15.20 की इकॉनमी और विकेट न मिलने के कारण वे प्लेइंग इलेवन से बाहर हो गए।
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कुल मिलाकर, यह सीजन मुंबई इंडियंस के लिए आत्मनिरीक्षण का समय है। आगामी सीजन के लिए टीम प्रबंधन को अपनी गेंदबाजी और कप्तानी के मोर्चे पर ठोस बदलाव करने की आवश्यकता होगी।

Written by Priya Sharma

Priya Sharma is a senior cricket correspondent for The Indian Express, and one of the most respected voices covering women’s cricket in India. A graduate of Miranda House, she started her career in a newsroom dominated by men’s sport and deliberately chose to put women’s cricket at the centre of her reporting. Priya has chronicled the Indian women’s team through World Cups, the transformational arrival of the Women’s Premier League, and the quiet, determined rise of girls’ cricket in small towns and villages. Her long‑form profiles of cricketers like Smriti Mandhana, Jemimah Rodrigues, and Renuka Singh are known for their depth and sensitivity. Beyond match reports, Priya writes regularly on media representation and the structural barriers women face in sports journalism. A recipient of the Ramnath Goenka Award and the Laadli Media Award, she believes that telling the full story of women’s cricket is not just a beat, but a responsibility.