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मोहम्मद शमी का ऐतिहासिक आईपीएल रिकॉर्ड: भारतीय टीम चयन पर उठे सवाल

Shakil Hossain · · 1 min read

मोहम्मद शमी का ऐतिहासिक आईपीएल कारनामा

भारतीय क्रिकेट के सबसे घातक तेज गेंदबाजों में से एक, मोहम्मद शमी ने आईपीएल 2026 सीजन के दौरान एक ऐसी उपलब्धि हासिल की है जो आने वाले कई वर्षों तक याद रखी जाएगी। लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के लिए खेलते हुए, शमी ने पंजाब किंग्स के सलामी बल्लेबाज प्रियांश आर्य को अपनी पहली ही गेंद पर आउट कर इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा लिया है।

आईपीएल इतिहास का नया रिकॉर्ड

शमी ने इस सीजन में कुल छह बार अपनी पहली ही गेंद पर विकेट लेने का अद्भुत कारनामा किया है। इस उपलब्धि के साथ, उन्होंने जोफ्रा आर्चर के पांच विकेट के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए आईपीएल इतिहास में ‘पहली गेंद पर सर्वाधिक विकेट’ लेने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। यह प्रदर्शन उनकी गेंदबाजी की सटीकता और दबाव में विकेट चटकाने की अद्भुत क्षमता को दर्शाता है।

लखनऊ सुपर जायंट्स का चुनौतीपूर्ण सीजन

हालांकि लखनऊ सुपर जायंट्स का 2026 सीजन आठ अंकों के साथ समाप्त हुआ और वे प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो गए, लेकिन शमी का व्यक्तिगत प्रदर्शन पूरे टूर्नामेंट के दौरान आकर्षण का केंद्र रहा। 2025 में सनराइजर्स हैदराबाद के साथ खराब सीजन के बाद, लखनऊ की टीम में शामिल होने के बाद से ही शमी ने अपनी पुरानी लय हासिल कर ली है। उन्होंने इस सीजन में 13 मैचों में 12 विकेट लिए और पावरप्ले के दौरान अपनी किफायती गेंदबाजी से टीम को हमेशा मैच में बनाए रखा।

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चोट के बाद वापसी और घरेलू क्रिकेट का दबदबा

शमी की वापसी किसी प्रेरणा से कम नहीं है। चोट के कारण लंबे समय तक भारतीय टीम से बाहर रहने के बाद, शमी ने कड़ी मेहनत और पुनर्वास (rehabilitation) के जरिए खुद को फिट किया। घरेलू सत्र में बंगाल के लिए उन्होंने रणजी ट्रॉफी, विजय हजारे ट्रॉफी और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन किया। एक गेंदबाज के रूप में उनकी फिटनेस और निरंतरता ने यह साबित कर दिया कि वे अभी भी शीर्ष स्तर पर प्रतिस्पर्धी हैं।

भारतीय टीम चयन पर उठते सवाल

शमी का शानदार फॉर्म और फिटनेस के बावजूद, भारतीय टीम में उनकी अनदेखी ने क्रिकेट प्रशंसकों और विशेषज्ञों को अचंभित कर दिया है। अजित अगरकर की अध्यक्षता वाली चयन समिति ने आगामी अफगानिस्तान वनडे सीरीज के लिए मोहम्मद शमी को नजरअंदाज किया है। इसके बजाय, एलएसजी के उनके साथी मोहसिन खान और प्रिंस यादव को टीम में मौका दिया गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि जहां एक तरफ मोहसिन खान चोटों से जूझते रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ शमी ने लगातार क्रिकेट खेलकर और विकेट लेकर अपनी उपयोगिता साबित की है। चयन समिति का यह निर्णय अब चर्चा का विषय बन गया है कि क्या शमी जैसे अनुभवी गेंदबाज की अनदेखी भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिए सही है?

निष्कर्ष

मोहम्मद शमी का करियर हमेशा से संघर्ष और वापसी की कहानियों से भरा रहा है। आईपीएल 2026 में उनका यह रिकॉर्ड न केवल उनकी व्यक्तिगत प्रतिभा का प्रमाण है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि उनमें अभी भी बहुत क्रिकेट बाकी है। भले ही चयनकर्ताओं ने उन्हें इस बार मौका न दिया हो, लेकिन मैदान पर उनके प्रदर्शन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वे अभी भी विश्व स्तरीय गेंदबाजों की सूची में शुमार हैं। आने वाले समय में, यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या शमी अपनी मेहनत से चयनकर्ताओं को अपना फैसला बदलने पर मजबूर कर पाते हैं या नहीं।

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Written by Shakil Hossain

Shakil Hossain is a senior cricket correspondent for the Dhaka Tribune, renowned for his deeply informed coverage of the Bangladesh national team and the country’s rapidly evolving domestic cricket ecosystem. A double graduate of the University of Dhaka, he began his career covering the Dhaka Premier League from the press boxes of Mirpur and Fatullah, building an encyclopedic knowledge of the players, pitches, and politics that shape Bangladeshi cricket. Shakil is especially valued for his ability to decode spin bowling tactics and the influence of slow, turning tracks on match outcomes. He has reported from multiple World Cups, every edition of the Bangladesh Premier League, and numerous bilateral series at home and abroad. A BSPA Award winner, Shakil’s hallmark is the long-form profile—human, unsentimental, and precise—that brings the stories of emerging talents and seasoned campaigners alike to a hungry cricketing public.