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Ex-Ranji Trophy player dies during match amid IPL 2026

Raj Thapa · · 1 min read

कर्नाटक क्रिकेट को लगा बड़ा झटका: एसएल अक्षय का निधन

खेल जगत के लिए यह बेहद दुखद समय है, जहां एक ओर आईपीएल 2026 का रोमांच चरम पर है, वहीं दूसरी ओर एक Ex-Ranji Trophy player dies during match amid IPL 2026 की खबर ने सभी को स्तब्ध कर दिया है। कर्नाटक के पूर्व तेज गेंदबाज एसएल अक्षय का बेंगलुरु में एक स्थानीय क्रिकेट मैच के दौरान दिल का दौरा पड़ने से असामयिक निधन हो गया।

मैदान पर क्या हुआ?

रविवार दोपहर की यह घटना बेंगलुरु के केआर पुरम की है, जहां 39 वर्षीय एसएल अक्षय एक थर्ड-डिवीजन लीग मैच खेल रहे थे। फील्डिंग के दौरान उन्होंने सीने में दर्द और बेचैनी की शिकायत की, जिसके कुछ ही क्षणों बाद वे मैदान पर गिर पड़े। उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनकी मृत्यु ने न केवल उनके परिवार को बल्कि पूरे कर्नाटक क्रिकेट समुदाय को गहरे सदमे में डाल दिया है।

दिग्गज खिलाड़ियों ने जताया शोक

पूर्व भारतीय क्रिकेटर डोडा गणेश ने इस दुखद समाचार पर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी भावनाएं साझा करते हुए याद किया कि कैसे उन्होंने अक्षय को उनके अंडर-19 के दिनों से करीब से देखा था। उन्होंने कहा, ‘क्रिकेट समुदाय के लिए यह बेहद दुखद खबर है। एसएल अक्षय, जो एक मृदुभाषी व्यक्ति थे और जिन्होंने 2011/12 के दौरान कर्नाटक के लिए शानदार प्रदर्शन किया था, अब हमारे बीच नहीं रहे।’

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केएससीए ने दी श्रद्धांजलि

कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (KSCA) ने भी एक आधिकारिक बयान जारी कर एसएल अक्षय को श्रद्धांजलि दी। संघ ने उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि खिलाड़ी के रूप में अपनी सेवा देने के बाद, अक्षय ने एक कोच के रूप में युवा प्रतिभाओं को निखारने का काम किया था। उनका समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा। अक्षय ने न केवल रंजी ट्रॉफी में कर्नाटक का प्रतिनिधित्व किया था, बल्कि वे महाराजा ट्रॉफी केएससीए टी20 में भी काफी सक्रिय रहे थे।

एथलीटों में अचानक हृदय गति रुकने का खतरा

एसएल अक्षय की मृत्यु ने खेल के मैदान पर खिलाड़ियों के स्वास्थ्य को लेकर एक गंभीर बहस छेड़ दी है। चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि शारीरिक रूप से फिट दिखना हमेशा यह गारंटी नहीं देता कि खिलाड़ी किसी छिपी हुई हृदय स्थिति से सुरक्षित है।

चिकित्सकों की राय

विशेषज्ञों के अनुसार, कई सक्रिय व्यक्ति वर्षों तक बिना किसी लक्षण के कार्डियोवैस्कुलर जोखिमों को ढोते रहते हैं। इसमें शामिल हो सकते हैं:

  • धमनियों में रुकावट
  • आनुवंशिक हृदय स्थितियां
  • उच्च कोलेस्ट्रॉल और रक्तचाप
  • इंसुलिन प्रतिरोध
  • अनियमित हृदय ताल (Arrhythmia)

अत्यधिक शारीरिक श्रम कभी-कभी उन लोगों में घातक हृदय ताल समस्याओं को ट्रिगर कर सकता है जिन्हें पहले से कोई हृदय समस्या का पता नहीं होता है। कार्डियक अरेस्ट, हार्ट अटैक से अलग होता है, क्योंकि इसमें हृदय की इलेक्ट्रिकल प्रणाली अचानक विफल हो जाती है, जिससे हृदय पंप करना बंद कर देता है।

निष्कर्ष

एसएल अक्षय का जाना क्रिकेट जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनकी यादें उनके खेल और उनके द्वारा प्रशिक्षित किए गए युवा खिलाड़ियों के माध्यम से जीवित रहेंगी। यह घटना सभी एथलीटों के लिए एक चेतावनी है कि स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न बरतें और समय-समय पर गहन चिकित्सा जांच करवाते रहें। हम उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हैं।

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Written by Raj Thapa

Raj Thapa is a senior sports journalist for The Himalayan Times, widely regarded as one of the most consistent chroniclers of Nepal’s cricket journey from obscurity to the ICC global stage. A Tribhuvan University graduate, he began covering school and university cricket in the Kathmandu Valley before witnessing firsthand the national team’s rise through the World Cricket League. Raj specialises in fast bowling analysis, a rare focus in a region dominated by spin, and has tracked Nepal’s emerging seam attack with technical precision. He has reported from ICC World Cup Qualifiers, multiple Everest Premier League seasons, and bilateral series across South Asia. His writing blends match‑day insight with long‑term narratives about the structures and sacrifices behind Associate Member sport. A recipient of the NSJF award and his newspaper’s top journalism honour, Raj remains a passionate advocate for youth cricket and a firm believer that Nepal’s best sporting stories are yet to be written.