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पाकिस्तान की शर्मनाक बल्लेबाजी पर भड़के फैसल इकबाल, बाबर आजम की मानसिकता पर उठाए सवाल

Shakil Hossain · · 1 min read

पाकिस्तान क्रिकेट का गिरता स्तर और बढ़ती चिंताएं

पाकिस्तान की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम एक बार फिर आलोचनाओं के घेरे में है। सिलहट इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में बांग्लादेश के खिलाफ खेले जा रहे दूसरे और अंतिम टेस्ट मैच में पाकिस्तान की बल्लेबाजी इकाई पूरी तरह विफल रही। सीरीज के पहले मैच में 104 रनों की हार झेलने के बाद, शान मसूद की कप्तानी वाली टीम के लिए यह मैच अपनी प्रतिष्ठा बचाने की आखिरी उम्मीद थी, लेकिन बल्लेबाजों ने टीम को एक बार फिर निराश किया है।

मैच का घटनाक्रम: शानदार शुरुआत के बाद लड़खड़ाई पाकिस्तान

मैच की शुरुआत में शान मसूद ने टॉस जीतकर गेंदबाजी का फैसला किया, जो शुरुआती सत्रों में सही भी साबित हुआ। तेज गेंदबाजों ने बांग्लादेशी बल्लेबाजों पर दबाव बनाया और मेजबान टीम को 117/6 के स्कोर पर समेट दिया था। हालांकि, लिटन दास की शानदार 126 रनों की पारी ने बांग्लादेश को 278 रनों के सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचा दिया। पाकिस्तान के लिए खुर्रम शहजाद ने 4 और मोहम्मद अब्बास ने 3 विकेट झटके।

जवाब में पाकिस्तान की शुरुआत ठीक रही, लेकिन दूसरे दिन बांग्लादेशी गेंदबाजों ने पूरी तरह से शिकंजा कस लिया। पाकिस्तान की टीम 232 रनों पर ही सिमट गई। बाबर आजम ने 68 रनों की पारी खेलने की कोशिश जरूर की, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से कोई सहयोग नहीं मिला। तैजुल इस्लाम और नाहिद राणा की घातक गेंदबाजी के आगे पाकिस्तान के सीनियर बल्लेबाज घुटने टेकते नजर आए।

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फैसल इकबाल का तीखा हमला

इस शर्मनाक प्रदर्शन के बाद, पूर्व पाकिस्तानी टेस्ट क्रिकेटर फैसल इकबाल ने टीम के अनुभवी खिलाड़ियों पर करारा प्रहार किया है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से बाबर आजम की बल्लेबाजी की तकनीक और उनके मानसिक दृष्टिकोण पर गंभीर सवाल उठाए हैं। इकबाल का मानना है कि सीनियर खिलाड़ियों के पास इतने अनुभव के बावजूद दबाव में प्रदर्शन करने की क्षमता नहीं बची है।

बाबर आजम की फॉर्म और मानसिकता पर सवाल

फैसल इकबाल ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी निराशा व्यक्त करते हुए लिखा, “हमारी टेस्ट क्रिकेट अब किस दिशा में जा रही है? सीनियर खिलाड़ियों ने इतना क्रिकेट खेला है, फिर भी वे दबाव की स्थितियों में पूरी तरह बेकार साबित हो रहे हैं। दुर्भाग्य से, बाबर का संघर्ष बहुत लंबा खिंच गया है; उनमें कोई संयम (टेम्परमेंट) नहीं दिख रहा है। कठिन परिस्थितियों में टीम को बचाने की क्षमता उनमें नजर नहीं आती।”

आगे की राह और चुनौतियां

बांग्लादेश की टीम ने दूसरी पारी में भी सकारात्मक खेल दिखाया है। सलामी बल्लेबाज महमुदुल हसन जॉय के अर्धशतक की बदौलत बांग्लादेश ने पाकिस्तान पर अपनी बढ़त मजबूत कर ली है। खेल के दूसरे दिन के अंत तक बांग्लादेश 110/3 के स्कोर पर था और उनकी कुल बढ़त 156 रनों की हो चुकी थी।

निष्कर्ष

पाकिस्तान क्रिकेट टीम के लिए यह एक कठिन दौर है। जब टीम के सबसे अनुभवी खिलाड़ी ही परिस्थितियों के अनुसार ढलने में विफल रहें, तो युवा खिलाड़ियों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद करना बेमानी हो जाता है। फैसल इकबाल की यह टिप्पणी केवल बाबर आजम के लिए नहीं, बल्कि पूरे पाकिस्तानी बल्लेबाजी लाइनअप के लिए एक चेतावनी है। क्या पाकिस्तान इस सीरीज में वापसी कर पाएगा या उन्हें एक और करारी हार का सामना करना पड़ेगा? यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा, लेकिन फिलहाल टीम के मानसिक और तकनीकी पहलुओं पर काम करने की सख्त जरूरत है।

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टीम के सीनियर खिलाड़ियों को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी क्योंकि टेस्ट क्रिकेट में धैर्य और तकनीकी कौशल ही जीत की कुंजी होते हैं। बाबर आजम जैसे दिग्गज खिलाड़ी से टीम को हमेशा बड़ी पारियों की उम्मीद रहती है, और यदि वे अपनी फॉर्म और मानसिक दृष्टिकोण में सुधार नहीं लाते हैं, तो पाकिस्तान का टेस्ट क्रिकेट में संघर्ष जारी रहेगा।

Written by Shakil Hossain

Shakil Hossain is a senior cricket correspondent for the Dhaka Tribune, renowned for his deeply informed coverage of the Bangladesh national team and the country’s rapidly evolving domestic cricket ecosystem. A double graduate of the University of Dhaka, he began his career covering the Dhaka Premier League from the press boxes of Mirpur and Fatullah, building an encyclopedic knowledge of the players, pitches, and politics that shape Bangladeshi cricket. Shakil is especially valued for his ability to decode spin bowling tactics and the influence of slow, turning tracks on match outcomes. He has reported from multiple World Cups, every edition of the Bangladesh Premier League, and numerous bilateral series at home and abroad. A BSPA Award winner, Shakil’s hallmark is the long-form profile—human, unsentimental, and precise—that brings the stories of emerging talents and seasoned campaigners alike to a hungry cricketing public.