फहीम अशरफ ने सुरेश रैना को बताया अपना आदर्श, भारतीय क्रिकेटरों पर किया विवादित कटाक्ष
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फहीम अशरफ के बयान ने छेड़ी नई बहस: रैना को बताया अपना हीरो
पाकिस्तान राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के ऑलराउंडर फहीम अशरफ एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार उनकी चर्चा उनके खेल के कारण नहीं, बल्कि उनके द्वारा चुने गए आदर्श खिलाड़ियों और भारतीय क्रिकेटरों पर की गई एक विवादित टिप्पणी की वजह से हो रही है। क्रिकेट जगत में भारत और पाकिस्तान के बीच संबंध हमेशा से संवेदनशील रहे हैं, और फहीम के हालिया बयान ने इस आग में घी डालने का काम किया है।
हाल ही में एक यूट्यूब पॉडकास्ट के दौरान, फहीम अशरफ ने उन खिलाड़ियों के बारे में विस्तार से बात की जिनसे वे बड़े होते समय प्रेरित हुए थे। जहां एक तरफ उन्होंने पाकिस्तानी और अंतरराष्ट्रीय दिग्गजों का नाम लिया, वहीं दूसरी तरफ उन्होंने एक भारतीय सुपरस्टार का नाम लेकर सबको चौंका दिया। यह नाम कोई और नहीं बल्कि टीम इंडिया के पूर्व आक्रामक बल्लेबाज सुरेश रैना का था।
भारतीय खिलाड़ियों पर फहीम का विवादित ‘पाबंदी’ वाला बयान
फहीम अशरफ ने न केवल अपने पसंदीदा खिलाड़ियों के नाम लिए, बल्कि एक ऐसी टिप्पणी भी की जिसने विवाद पैदा कर दिया है। उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच मौजूदा तनावपूर्ण संबंधों का जिक्र करते हुए अप्रत्यक्ष रूप से भारतीय खिलाड़ियों पर निशाना साधा।
पॉडकास्ट पर बात करते हुए फहीम ने कहा, “बल्लेबाजी में मेरे आदर्श सईद अनवर, क्रिस गेल, कुमार संगकारा और सुरेश रैना थे। शायद भारतीय खिलाड़ियों पर कुछ पाबंदियां हैं और वे शायद हमारे बारे में खुलकर बात नहीं कर सकते, लेकिन हमें उनका नाम लेने में कोई परेशानी नहीं है।” यह बयान ऐसे समय में आया है जब 2025 के करीब आते-आते दोनों देशों के बीच क्रिकेट संबंध अपने सबसे निचले स्तर पर माने जा रहे हैं। फहीम का यह दावा कि भारतीय खिलाड़ी पाकिस्तानी प्रतिभाओं की सराहना करने से कतराते हैं, सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
बल्लेबाजी के दिग्गज: अनवर, गेल और संगकारा का प्रभाव
फहीम अशरफ ने अपनी बल्लेबाजी शैली को निखारने के लिए जिन दिग्गजों को देखा, उनमें पाकिस्तान के महान सलामी बल्लेबाज सईद अनवर का नाम सबसे ऊपर है। सईद अनवर 1990 के दशक में दुनिया के सबसे स्टाइलिश और घातक बल्लेबाजों में से एक थे। उन्होंने तेज गेंदबाजों के खिलाफ आक्रामक बल्लेबाजी के तरीके को पूरी तरह से बदल दिया था। अनवर के नाम वनडे क्रिकेट में 8,800 से अधिक और टेस्ट क्रिकेट में 4,000 से अधिक रन दर्ज हैं।
इसके अलावा, उन्होंने वेस्टइंडीज के दिग्गज क्रिस गेल का भी नाम लिया। गेल, जिन्हें ‘यूनिवर्स बॉस’ के नाम से जाना जाता है, ने टी20 क्रिकेट की परिभाषा ही बदल दी। उनके लंबे छक्के और किसी भी गेंदबाजी आक्रमण को ध्वस्त करने की क्षमता ने फहीम जैसे कई युवा ऑलराउंडरों को प्रेरित किया है। गेल के करियर के आंकड़े उनकी महानता की गवाही देते हैं, जिसमें 10,000 से अधिक वनडे रन और 7,000 से अधिक टेस्ट रन शामिल हैं।
फहीम की सूची में श्रीलंका के महान बल्लेबाज कुमार संगकारा का नाम भी शामिल था। संगकारा अपनी निरंतरता, शांत स्वभाव और क्लासिक बल्लेबाजी शैली के लिए जाने जाते थे। उनके नाम टेस्ट में 12,000 और वनडे में 14,000 से ज्यादा रन हैं, जो उन्हें खेल के इतिहास के सबसे सफल बल्लेबाजों में से एक बनाते हैं।
सुरेश रैना: धोनी के दोस्त और फहीम के प्रेरणास्त्रोत
इस सूची में सबसे आश्चर्यजनक नाम सुरेश रैना का था। फहीम ने सचिन तेंदुलकर, विराट कोहली या एमएस धोनी जैसे दिग्गजों के बजाय रैना को चुना। रैना, जो एमएस धोनी के सबसे भरोसेमंद साथियों में से एक रहे हैं, ने भारत की सफेद गेंद वाली क्रिकेट (वनडे और टी20) की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
सुरेश रैना अपनी आक्रामक बल्लेबाजी, शानदार फील्डिंग और दबाव में मैच जिताने वाली पारियों के लिए मशहूर थे। एक उपयोगी ऑफ-स्पिनर के रूप में भी उन्होंने टीम इंडिया को कई विकल्प दिए। रैना ने वनडे में 5,600 से अधिक और टी20 अंतरराष्ट्रीय में 1,600 से अधिक रन बनाए हैं। फहीम द्वारा उनका नाम लेना यह दर्शाता है कि रैना का प्रभाव सीमा पार भी कितना गहरा था।
गेंदबाजी में मोहम्मद आसिफ को बताया उस्ताद
जब गेंदबाजी की बात आई, तो फहीम अशरफ ने बिना किसी हिचकिचाहट के मोहम्मद आसिफ का नाम लिया। हालांकि आसिफ का करियर स्पॉट फिक्सिंग विवाद के कारण समय से पहले समाप्त हो गया था, लेकिन उनकी स्विंग और सीम गेंदबाजी की कला आज भी दुनिया भर के क्रिकेटरों द्वारा सराही जाती है।
आसिफ के पास अत्यधिक गति नहीं थी, लेकिन गेंद को दोनों तरफ स्विंग और सीम कराने का उनका हुनर बेमिसाल था। उन्होंने अपने छोटे से करियर में कई महान बल्लेबाजों को अपनी उंगलियों पर नचाया। आसिफ ने 23 टेस्ट मैचों में 106 विकेट, 38 वनडे में 46 विकेट और 11 टी20 मैचों में 13 विकेट झटके थे। फहीम ने उन्हें ‘सचमुच प्रेरणादायक’ बताया।
निष्कर्ष
फहीम अशरफ का यह साक्षात्कार खेल और राजनीति के बीच की धुंधली रेखाओं को एक बार फिर सामने ले आया है। जहां उन्होंने खेल भावना दिखाते हुए सुरेश रैना की प्रशंसा की, वहीं ‘पाबंदियों’ वाली उनकी टिप्पणी ने नए विवाद को जन्म दे दिया है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या कोई भारतीय खिलाड़ी या बीसीसीआई इस पर कोई प्रतिक्रिया देता है या नहीं। फिलहाल, फहीम का यह बयान सोशल मीडिया पर क्रिकेट प्रशंसकों के बीच तीखी बहस का कारण बना हुआ है।