काउंटी चैंपियनशिप: बेन रेन और कैलम पार्किंसन की साहसिक पारी से डरहम ने केंट के खिलाफ मैच ड्रॉ कराया
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काउंटी चैंपियनशिप: डरहम ने दिखाई जुझारूपन की मिसाल
रोथेसे काउंटी चैंपियनशिप डिवीजन टू में केंट और डरहम के बीच खेला गया मुकाबला क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक यादगार अनुभव रहा। बेकनहम में खेले गए इस मैच में डरहम की टीम एक समय बेहद मुश्किल स्थिति में थी, लेकिन बेन रेन और कैलम पार्किंसन की जुझारू साझेदारी ने टीम को हार से बचा लिया।
मैच की स्थिति और शुरुआत
केंट ने अपनी पहली पारी में 523 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया था, जिसमें डौकिन्स (180) और नॉर्थईस्ट (141) ने शानदार शतक लगाए थे। डरहम की ओर से पॉट्स ने 92 रन देकर 6 विकेट चटकाए थे। हालांकि, जब डरहम की पारी शुरू हुई तो टीम लगातार अंतराल पर विकेट गंवाती रही और एक समय स्कोर 288 रनों पर 9 विकेट हो गया था, जिससे फॉलो-ऑन का खतरा मंडराने लगा था।
रेन और पार्किंसन का ऐतिहासिक संघर्ष
डरहम की उम्मीदें लगभग खत्म हो चुकी थीं, तभी अंतिम जोड़ी के रूप में बेन रेन और कैलम पार्किंसन मैदान पर उतरे। इन दोनों बल्लेबाजों ने न केवल फॉलो-ऑन को टाला, बल्कि 158 रनों की अटूट साझेदारी कर केंट के गेंदबाजों को थका दिया। बेन रेन ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 106 रन बनाए, जबकि कैलम पार्किंसन 54 रन बनाकर नाबाद रहे। यह डरहम की ओर से केंट के खिलाफ 10वें विकेट की सबसे बड़ी साझेदारी साबित हुई।
गेंदबाजों का संघर्ष
केंट की ओर से एकांश सिंह और मैट मिल्नेस ने तीन-तीन विकेट लेकर दबाव बनाने की पूरी कोशिश की। जेम्स टेलर ने भी महत्वपूर्ण विकेट चटकाए, जिसमें इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स का विकेट भी शामिल था, जो 45 रन बनाकर आउट हुए। हालांकि, अंतिम जोड़ी के खिलाफ केंट के गेंदबाज बेबस नजर आए। स्थिति यह हो गई थी कि केंट के कप्तान को स्पिन गेंदबाजी के लिए जेड क्रॉली तक को गेंद थमानी पड़ी, लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी।
अंतिम क्षण और परिणाम
मैच का तीसरा दिन बारिश की भेंट चढ़ गया था, जिससे ड्रॉ की संभावना पहले ही प्रबल हो गई थी। अंतिम दिन जब रेन अंततः आउट हुए, तो डरहम ने अपनी पारी 446 रनों पर समाप्त की। दिलचस्प बात यह रही कि रेन ने विकेट के पीछे दस्ताने संभाले और ग्राहम क्लार्क की गेंद पर बेन डौकिन्स को शून्य पर कैच आउट किया। इसके बाद दोनों टीमों ने आपसी सहमति से मैच को ड्रॉ घोषित कर दिया।
निष्कर्ष
डरहम की यह वापसी उनके दृढ़ संकल्प को दर्शाती है। जहां केंट के बल्लेबाजों ने पहली पारी में अपना दबदबा बनाया था, वहीं डरहम के निचले क्रम के बल्लेबाजों ने यह साबित किया कि क्रिकेट में जब तक अंतिम गेंद नहीं फेंकी जाती, तब तक हार नहीं मानी जा सकती। रेन और पार्किंसन की यह पारी लंबे समय तक याद रखी जाएगी।