क्या आप बुमराह के साथ शमी जैसा व्यवहार करेंगे? पूर्व बल्लेबाज ने अजीत अगरकर पर साधा निशाना
क्या आप बुमराह के साथ शमी जैसा व्यवहार करेंगे? वसीम जाफर ने अगरकर पर साधा निशाना
भारतीय क्रिकेट के पूर्व सलामी बल्लेबाज वसीम जाफर ने चयन समिति के प्रमुख अजीत अगरकर और BCCI पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि मोहम्मद शमी के साथ चयन समिति का व्यवहार अनुचित और अपमानजनक है। शमी को आगामी अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट मैच के लिए भी फिर से नजरअंदाज किया गया है।
शमी की घरेलू प्रतिस्पर्धा में शानदार प्रदर्शन को नजरअंदाज
मोहम्मद शमी ने हाल ही में रंजी ट्रॉफी में बंगाल की टीम को सेमीफाइनल तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई थी। उन्होंने 7 मैचों में 37 विकेट लिए, जो टूर्नामेंट के शीर्ष गेंदबाजों में से एक था। इसके बावजूद चयन समिति ने उन्हें टेस्ट टीम में वापसी का मौका नहीं दिया।
वसीम जाफर ने अगरकर के बयान पर नाराजगी जताई कि शमी अब केवल टी20 क्रिकेट के लिए उपयुक्त हैं। जाफर ने कहा, “यह बयान बकवास है। हम मोहम्मद शमी की बात कर रहे हैं, जिन्होंने भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतरीन प्रदर्शन किया है। उन्हें टी20 तक सीमित घोषित करना अपमानजनक है।”
बुमराह की तुलना में शमी का अनदेखा
जाफर ने जसप्रीत बुमराह के साथ शमी की तुलना करते हुए प्रश्न उठाया कि अगर बुमराह घायल होकर वापसी करते हैं, तो क्या उनके साथ भी ऐसा ही व्यवहार किया जाएगा? उन्होंने कहा, “मोहम्मद शमी बुमराह जैसे ही गेंदबाज हैं। कोई भी अंतरराष्ट्रीय टीम उन्हें शीर्ष स्तर के तेज गेंदबाज में गिनेगी।”
जाफर ने आगे कहा कि अगर शमी बंगाल के लिए प्रदर्शन के बावजूद चुने नहीं जा रहे हैं, तो चयनकर्ताओं को कम से कम स्पष्ट बयान देना चाहिए कि उनकी अनुपस्थिति के पीछे क्या कारण है।
आईपीएल 2026 में शमी का फॉर्म
मोहम्मद शमी वर्तमान में लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए आईपीएल 2026 में खेल रहे हैं। 12 मैचों में उन्होंने 10 विकेट लिए हैं। पिछले सीजन वे सनराइजर्स हैदराबाद के लिए खेल रहे थे, लेकिन औसत प्रदर्शन के बाद टीम ने उन्हें छोड़ दिया था।
बुमराह को दी जा रही सुविधाओं की तुलना
इधर, जसप्रीत बुमराह को अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट और तीन मैचों की वनडे सीरीज से आराम दिया गया है। BCCI उनके कार्यभार का प्रबंधन कर रहा है। बुमराह मुंबई इंडियंस के लिए 19वें सीजन में खेल रहे हैं, लेकिन टूर्नामेंट में अब तक अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं।
वसीम जाफर ने सवाल उठाया कि अगर शमी के साथ ऐसा व्यवहार नहीं किया जा रहा है जैसा बुमराह के साथ किया जा रहा है, तो फिर उनके प्रति इतनी कठोरता क्यों?
घरेलू क्रिकेट के प्रति उपेक्षा?
शमी के अलावा, रंजी ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन करने वाले कई अन्य खिलाड़ी भी राष्ट्रीय टीम में चयन से वंचित हैं। जाफर के हमदर्दी भरे बयान ने यह सवाल फिर से ताजा कर दिया है कि क्या BCCI घरेलू क्रिकेट के प्रति उपेक्षा बरत रहा है?
उन्होंने कहा, “शमी ने बंगाल के लिए नेतृत्व गेंदबाजी किया, सेमीफाइनल में पहुंचाया, फिर भी उनकी उपेक्षा हो रही है। यह गलत संकेत भेज रहा है।”
निष्कर्ष: सम्मान और पारदर्शिता की आवश्यकता
मोहम्मद शमी के साथ चयन समिति का दृष्टिकोण चिंता का विषय है। एक ऐसे खिलाड़ी को जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के लिए निर्णायक भूमिका निभा चुके हैं, उनके प्रति स्पष्टता और सम्मान की उम्मीद की जानी चाहिए।
वसीम जाफर की आवाज ने उस चर्चा को बल दिया है जो लंबे समय से चल रही है — चयन प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता और घरेलू क्रिकेट के प्रति समर्पण की आवश्यकता है।