ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट में हलचल: पैट कमिंस और स्टार खिलाड़ी BBL छोड़ SA20 का रुख करने को तैयार
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ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट में वेतन को लेकर बड़ा विवाद
ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के गलियारों में इस समय हलचल मची हुई है। टेस्ट और वनडे टीम के कप्तान पैट कमिंस सहित कई प्रमुख ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी साल 2028 के सीजन से पहले एक बड़े बदलाव की योजना बना रहे हैं। खबरें हैं कि यदि बिग बैश लीग (BBL) में खिलाड़ियों के वेतन को वैश्विक बाजार के मानकों के अनुरूप नहीं बढ़ाया गया, तो ये सितारे ‘नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट’ (NOC) लेकर दक्षिण अफ्रीका की SA20 लीग में खेलने का फैसला ले सकते हैं।
वेतन संरचना और क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की चुनौती
खिलाड़ियों के वेतन को लेकर बढ़ती चिंताएं क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (CA) के लिए सिरदर्द बन गई हैं। दबाव यह है कि बोर्ड BBL में निजी निवेश को आमंत्रित करे, लेकिन इस प्रक्रिया में क्रिकेट न्यू साउथ वेल्स और क्वींसलैंड क्रिकेट की ओर से भारी विरोध का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान में, BBL के कई खिलाड़ी अपनी सैलरी स्ट्रक्चर से खुश नहीं हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, खिलाड़ी अब अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखने के लिए लगभग 1 मिलियन डॉलर के अनुबंध की मांग कर रहे हैं।
विदेशी खिलाड़ी ड्राफ्ट पर पुनर्विचार
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया फिलहाल अपने घरेलू सिस्टम में बड़े बदलावों पर चर्चा कर रहा है। इनमें से एक मुख्य मुद्दा ‘ओवरसीज प्लेयर ड्राफ्ट’ को हटाना है। साल 2022 से अब तक इस ड्राफ्ट के जरिए विदेशी खिलाड़ियों को 20 मिलियन डॉलर से अधिक का भुगतान किया गया है। सीए के क्रिकेट प्रमुख जेम्स ऑलसॉप ने इस बारे में बात करते हुए कहा कि बोर्ड अपने मल्टी-फॉर्मेट और व्हाइट-बॉल विशेषज्ञों को उचित भुगतान सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि वे ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट से जुड़े रहें।
ऑलसॉप ने स्वीकार किया कि वैश्विक फ्रैंचाइजी लीगों के कारण खिलाड़ियों के पास कमाई के ढेरों अवसर हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, ‘आज की दुनिया ऐसी है जहां खिलाड़ी फ्रैंचाइजी सर्किट में जाकर अच्छा पैसा कमा सकते हैं। यदि हमारे अग्रणी खिलाड़ी घरेलू लीग छोड़कर बाहर जाते हैं, तो यह ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के भविष्य के लिए अच्छा नहीं होगा।’
पूर्व सीईओ मैल्कम स्पीड की कड़ी टिप्पणी
इस विवाद के बीच, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के पूर्व सीईओ मैल्कम स्पीड ने भी अपनी राय रखी है। उन्होंने BBL की भुगतान प्रणाली की आलोचना करते हुए कहा कि विदेशी खिलाड़ियों को स्थानीय सितारों की तुलना में अधिक वेतन दिया जा रहा है, जो कि अनुचित है। स्पीड ने रेडियो पर बातचीत के दौरान कहा, ‘बीबीएल में अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों के मुकाबले लगभग 1,00,000 डॉलर अधिक मिलते हैं। इसे खत्म करना चाहिए। ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी भी उतनी ही राशि पाने के हकदार हैं।’
भविष्य की अनिश्चितताएं
केवल वेतन ही नहीं, बल्कि व्यस्त अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम भी BBL के लिए एक समस्या है। 2026/27 के सीजन में कई बड़े ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों के उपलब्ध न होने की संभावना है, क्योंकि उन्हें न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज और उसके तुरंत बाद भारत के दौरे पर जाना है। पैट कमिंस, मिचेल स्टार्क और जोश हेजलवुड जैसे खिलाड़ियों को पहले भी ‘द हंड्रेड’ के लिए बड़े ऑफर मिले थे, जिसे स्वीकार करने का अर्थ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से समझौता करना होता। अब देखना यह होगा कि क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया इन खिलाड़ियों को रोके रखने के लिए क्या ठोस कदम उठाता है।
निष्कर्ष
आने वाले समय में यह स्पष्ट हो जाएगा कि क्या क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया अपने घरेलू ढांचे में बदलाव कर खिलाड़ियों की मांगों को पूरा कर पाता है या फिर ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट को अपने प्रमुख सितारों के पलायन का सामना करना पड़ेगा। यह स्थिति निश्चित रूप से भविष्य में खेल की दिशा तय करने वाली है।