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बांग्लादेश से शर्मनाक हार के बाद कामरान अकमल का फूटा गुस्सा, पाकिस्तान क्रिकेट पर उठाए गंभीर सवाल

Priya Sharma · · 1 min read

पाकिस्तान की शर्मनाक हार पर कामरान अकमल का तीखा प्रहार

बांग्लादेश के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज में पाकिस्तान की 0-2 से हुई हार ने पूरे क्रिकेट जगत को स्तब्ध कर दिया है। इस करारी शिकस्त के बाद, पूर्व पाकिस्तानी विकेटकीपर कामरान अकमल ने अपनी ही टीम की धज्जियां उड़ा दी हैं। अकमल का मानना है कि पाकिस्तान क्रिकेट अब रसातल की ओर है और जब तक प्रशासन में बैठे लोग अपनी अहम (ego) को छोड़कर सही फैसले नहीं लेते, तब तक स्थिति में कोई सुधार नहीं होगा।

मैदान पर क्या रहा हाल?

पाकिस्तान की यह हार महज एक संयोग नहीं, बल्कि पूरी टीम के खराब नियोजन का परिणाम है। पहले टेस्ट में 104 रन और दूसरे टेस्ट में 78 रन की हार ने यह साबित कर दिया है कि पाकिस्तानी टीम किसी भी विभाग में बांग्लादेश के सामने टिक नहीं पाई। सीरीज के दौरान मोहम्मद रिजवान और शान मसूद जैसे खिलाड़ियों ने संघर्ष तो किया, लेकिन सामूहिक विफलता ने टीम को बैकफुट पर धकेल दिया। दूसरी ओर, बांग्लादेश के लिटन दास और मुशफिकुर रहीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए टीम को ऐतिहासिक जीत दिलाई।

प्रशासन पर अकमल का सीधा हमला

कामरान अकमल ने यूट्यूब चैनल ‘गेम प्लान’ पर बात करते हुए कहा कि पाकिस्तान क्रिकेट में अब कुछ भी ठीक नहीं बचा है। उन्होंने कहा, ‘वहां शर्म के अलावा कुछ नहीं बचा है। पिछले छह-सात सालों से हम यही बातें सुन रहे हैं, लेकिन बदलाव शून्य है।’ उन्होंने प्रशासन में बैठे गैर-क्रिकेट विशेषज्ञों और उनकी अहम की आलोचना करते हुए कहा कि जब चयन प्रक्रिया में मेरिट के बजाय ‘पैराशूट’ और सिफारिशें हावी होती हैं, तो परिणाम यही होता है।

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फिटनेस और मानसिकता का दोहरा मापदंड

अकमल ने खिलाड़ियों की फिटनेस नीति पर भी कड़ा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि PSL के दौरान कोई भी खिलाड़ी अनफिट नहीं होता, लेकिन घरेलू क्रिकेट के आते ही फिट होने के बहाने शुरू हो जाते हैं। उन्होंने कहा, ‘एक खिलाड़ी जो 200 रन बना सकता है और दिन में 18 ओवर फेंक सकता है, आप सिर्फ एक जंप या दो किलोमीटर की दौड़ के मानक पर उसके करियर को खत्म कर रहे हैं। आप खुद को देखें जो ये फैसले ले रहे हैं।’

भारत से तुलना और आगे का रास्ता

कामरान अकमल ने भारतीय क्रिकेट टीम का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां टीम को प्राथमिकता दी जाती है। उन्होंने अजिंक्य रहाणे, चेतेश्वर पुजारा और शिखर धवन का जिक्र करते हुए कहा कि जब प्रदर्शन गिरता है, तो भारत उन्हें बाहर करने में संकोच नहीं करता, लेकिन पाकिस्तान में ‘दोस्तियां’ मैदान पर हावी रहती हैं।

विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की स्थिति

इस हार के बाद पाकिस्तान विश्व टेस्ट चैंपियनशिप तालिका में 8वें स्थान पर खिसक गया है, जबकि बांग्लादेश 5वें पायदान पर पहुंच गया है। पाकिस्तान की लगातार 7 विदेशी टेस्ट हार और अब घरेलू मैदान पर मिली इस शिकस्त ने उनके फाइनल में पहुंचने के सपने को पूरी तरह खत्म कर दिया है।

क्या सुधार संभव है?

अकमल के अनुसार, अगर पाकिस्तान को अपनी स्थिति सुधारनी है, तो उन्हें अगले चार-पांच साल तक बड़े और कड़े फैसले लेने होंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि बिना जवाबदेही और प्रदर्शन के आधार पर चयन किए, स्थिति में कोई सुधार की उम्मीद नहीं है। अब पाकिस्तान के सामने वेस्टइंडीज और इंग्लैंड के खिलाफ आगामी विदेशी दौरे हैं, जहां उन्हें अपनी साख बचाने की चुनौती होगी।

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अंततः, यह सीरीज पाकिस्तान क्रिकेट के लिए एक आईना है, जो यह बताता है कि आधुनिक क्रिकेट में केवल प्रतिभा ही काफी नहीं है, बल्कि उसके लिए एक पेशेवर दृष्टिकोण और निष्पक्ष प्रशासन की भी आवश्यकता होती है।

Written by Priya Sharma

Priya Sharma is a senior cricket correspondent for The Indian Express, and one of the most respected voices covering women’s cricket in India. A graduate of Miranda House, she started her career in a newsroom dominated by men’s sport and deliberately chose to put women’s cricket at the centre of her reporting. Priya has chronicled the Indian women’s team through World Cups, the transformational arrival of the Women’s Premier League, and the quiet, determined rise of girls’ cricket in small towns and villages. Her long‑form profiles of cricketers like Smriti Mandhana, Jemimah Rodrigues, and Renuka Singh are known for their depth and sensitivity. Beyond match reports, Priya writes regularly on media representation and the structural barriers women face in sports journalism. A recipient of the Ramnath Goenka Award and the Laadli Media Award, she believes that telling the full story of women’s cricket is not just a beat, but a responsibility.