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पाकिस्तान के स्पिनर अबरार अहमद को मिली भारतीय फ्रेंचाइजी के लिए खेलने की मंजूरी

Raj Thapa · · 1 min read

अबरार अहमद का द हंड्रेड में सफर: एक ऐतिहासिक फैसला

क्रिकेट की दुनिया में एक बड़ा और चौंकाने वाला घटनाक्रम देखने को मिला है, जहाँ पाकिस्तान के प्रतिभाशाली स्पिनर अबरार अहमद को ‘द हंड्रेड 2026’ के ऑक्शन में सनराइजर्स लीड्स द्वारा चुना गया है। यह घटना इसलिए भी चर्चा का विषय बनी हुई है क्योंकि सनराइजर्स लीड्स एक भारतीय स्वामित्व वाली फ्रेंचाइजी है। अबरार का चयन न केवल क्रिकेट जगत में, बल्कि भारत और पाकिस्तान के खेल प्रशंसकों के बीच भी व्यापक बहस का मुद्दा बन गया है।

नीलामी और सनराइजर्स लीड्स का दांव

द हंड्रेड 2026 की नीलामी में कुल तेरह पाकिस्तानी खिलाड़ियों ने अपना पंजीकरण कराया था। इसमें अबरार अहमद को सनराइजर्स लीड्स द्वारा £190,000 की बड़ी राशि में खरीदा गया। इस चयन ने सभी को हैरान कर दिया क्योंकि वह इस टूर्नामेंट में किसी आईपीएल-समर्थित टीम द्वारा चुने गए एकमात्र पाकिस्तानी खिलाड़ी बन गए। यह निर्णय उस समय लिया गया जब दोनों देशों के बीच कूटनीतिक और राजनीतिक तनाव की स्थिति बनी हुई थी, जिसके कारण प्रशंसकों की ओर से कड़ी प्रतिक्रियाएं भी देखने को मिलीं।

पीसीबी की आधिकारिक मंजूरी और मोहसिन नकवी का निर्णय

शुरुआत में, अबरार अहमद की भागीदारी पर संदेह के बादल छाए हुए थे, क्योंकि उनके और वेस्टइंडीज के खिलाफ पाकिस्तान की टेस्ट सीरीज के बीच शेड्यूल टकराने की संभावना थी। हालांकि, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के अध्यक्ष मोहसिन नकवी ने स्थिति स्पष्ट करते हुए अबरार को पूरे सीजन के लिए एनओसी (NOC) जारी कर दी है।

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बोर्ड के इस फैसले का मतलब है कि अबरार अब बिना किसी बाधा के सनराइजर्स लीड्स के साथ जुड़ सकते हैं और टूर्नामेंट के दौरान प्रशिक्षण और मैच खेल सकते हैं। मोहसिन नकवी ने इस बात पर जोर दिया कि बोर्ड ने राष्ट्रीय हितों और खिलाड़ी के करियर के विकास के बीच संतुलन बनाने का प्रयास किया है ताकि उन्हें अंतरराष्ट्रीय अनुभव हासिल करने का उचित अवसर मिल सके।

चुनौतियां और प्रशंसकों की प्रतिक्रिया

एनओसी मिलने के बाद भी सनराइजर्स लीड्स के लिए चुनौतियां कम नहीं हुई हैं। फ्रेंचाइजी की मालिक काव्या मारन को इस फैसले के बाद सोशल मीडिया पर प्रशंसकों की तीखी आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। कई भारतीय प्रशंसकों का मानना है कि मौजूदा राजनीतिक माहौल को देखते हुए यह फैसला भावनाओं के खिलाफ है।

इन विवादों के कारण सनराइजर्स लीड्स ने स्थिति को संभालने के लिए अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर भी कुछ समय के लिए सख्ती बरती थी। फ्रेंचाइजी का कहना है कि उन्होंने केवल अबरार की प्रतिभा और उनकी गेंदबाजी शैली की विशिष्टता को देखकर उन्हें टीम में शामिल किया है।

निष्कर्ष: खेल बनाम राजनीति

अबरार अहमद का सनराइजर्स लीड्स के लिए खेलना क्रिकेट के वैश्विक होने का एक बड़ा उदाहरण है। भले ही प्रशंसकों के बीच इसे लेकर मतभेद हों, लेकिन पेशेवर स्तर पर अबरार का यह अनुभव उनके करियर के लिए एक नया मोड़ साबित हो सकता है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि मैदान पर उनका प्रदर्शन इन तमाम विवादों के बावजूद कैसा रहता है और क्या वे अपनी गेंदबाजी से आलोचकों का मुंह बंद कर पाते हैं या नहीं।

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द हंड्रेड 2026 न केवल रोमांचक क्रिकेट का गवाह बनेगा, बल्कि यह टूर्नामेंट कूटनीतिक सीमाओं के पार खिलाड़ियों के खेलने के विषय पर भी एक मिसाल पेश करेगा।

Written by Raj Thapa

Raj Thapa is a senior sports journalist for The Himalayan Times, widely regarded as one of the most consistent chroniclers of Nepal’s cricket journey from obscurity to the ICC global stage. A Tribhuvan University graduate, he began covering school and university cricket in the Kathmandu Valley before witnessing firsthand the national team’s rise through the World Cricket League. Raj specialises in fast bowling analysis, a rare focus in a region dominated by spin, and has tracked Nepal’s emerging seam attack with technical precision. He has reported from ICC World Cup Qualifiers, multiple Everest Premier League seasons, and bilateral series across South Asia. His writing blends match‑day insight with long‑term narratives about the structures and sacrifices behind Associate Member sport. A recipient of the NSJF award and his newspaper’s top journalism honour, Raj remains a passionate advocate for youth cricket and a firm believer that Nepal’s best sporting stories are yet to be written.