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यशस्वी जायसवाल का वनडे टीम से बाहर होना: प्रशंसकों में भारी आक्रोश

Priya Sharma · · 1 min read

यशस्वी जायसवाल की अनदेखी: एक उभरते सितारे का करियर दांव पर?

हाल ही में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाली आगामी द्विपक्षीय सीरीज के लिए भारतीय टेस्ट और वनडे टीम की घोषणा की। इस टीम चयन के बाद से ही सोशल मीडिया पर प्रशंसकों की नाराजगी साफ देखी जा सकती है। सबसे अधिक चर्चा जिस खिलाड़ी की हो रही है, वह हैं यशस्वी जायसवाल, जिन्हें टीम से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है।

पिछले दो से तीन वर्षों से जायसवाल को भारतीय टीम के भविष्य के रूप में देखा जा रहा था। रोहित शर्मा और शुभमन गिल की मौजूदगी में भी जायसवाल ने अपनी उपयोगिता साबित की थी। जब उन्होंने अपना आखिरी वनडे मैच खेला था, तब उन्होंने शानदार शतक जड़कर अपनी दावेदारी पेश की थी। ऐसे में उनका अचानक टीम से बाहर होना न केवल चौंकाने वाला है, बल्कि क्रिकेट प्रेमियों के लिए निराशाजनक भी है।

जायसवाल का वनडे सफर और संघर्ष

यशस्वी जायसवाल ने 2023 में अपने टेस्ट और टी20 करियर की शुरुआत की, लेकिन वनडे क्रिकेट में उन्हें अपनी बारी का लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा। 2025 की शुरुआत में नागपुर में इंग्लैंड के खिलाफ पदार्पण करने वाले जायसवाल को विराट कोहली की वापसी के बाद बाहर होना पड़ा था। हालांकि, नवंबर-दिसंबर 2025 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सीरीज में शुभमन गिल की अनुपस्थिति में जायसवाल को मौका मिला। उन्होंने सीरीज के निर्णायक मैच में 121 गेंदों पर नाबाद 116 रन बनाकर यह सिद्ध कर दिया कि वे लंबी पारियां खेलने में सक्षम हैं।

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ईशान किशन की वापसी और चयन का गणित

प्रशंसकों का मुख्य तर्क यह है कि जायसवाल एक ‘ऑटोमैटिक चॉइस’ होने चाहिए थे। लेकिन चयनकर्ताओं ने उनकी जगह ईशान किशन पर भरोसा जताया है। टीम प्रबंधन का यह रुख साफ संकेत देता है कि वे ऐसे खिलाड़ियों को तरजीह दे रहे हैं जो ‘मल्टी-डायमेंशनल’ यानी एक से अधिक भूमिकाएं निभा सकें। ईशान किशन न केवल बल्लेबाजी करते हैं, बल्कि विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी भी संभाल सकते हैं।

बीते 12 से 18 महीनों में भारतीय टीम मैनेजमेंट का झुकाव उन खिलाड़ियों की तरफ अधिक रहा है जो हरफनमौला प्रदर्शन कर सकें। टी20 वर्ल्ड कप के दौरान भी जायसवाल की जगह ईशान को प्राथमिकता दी गई थी। अब अफगानिस्तान सीरीज के लिए भी यही पैटर्न दोहराया जा रहा है, जहाँ टीम में नीतीश रेड्डी जैसे नए खिलाड़ियों को मौका देने के लिए जायसवाल और ऋषभ पंत जैसे नामदारों को जगह नहीं मिली है।

अफगानिस्तान सीरीज के लिए भारतीय वनडे टीम

टीम की घोषणा के बाद बीसीसीआई द्वारा जारी सूची इस प्रकार है:

  • शुभमन गिल (कप्तान)
  • रोहित शर्मा
  • विराट कोहली
  • श्रेयस अय्यर (उप-कप्तान)
  • केएल राहुल
  • ईशान किशन
  • हार्दिक पांड्या
  • नीतीश कुमार रेड्डी
  • वाशिंगटन सुंदर
  • कुलदीप यादव
  • अर्शदीप सिंह
  • प्रसिद्ध कृष्णा
  • प्रिंस यादव
  • गुरनूर बराड़
  • हर्ष दुबे

भारत और अफगानिस्तान के बीच 6 जून से 10 जून तक एक टेस्ट मैच खेला जाएगा, जिसके बाद 14 जून से तीन मैचों की वनडे सीरीज शुरू होगी।

निष्कर्ष: क्या यह सही फैसला है?

क्रिकेट के जानकारों का मानना है कि यशस्वी जायसवाल जैसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी को निरंतरता की जरूरत है। जिस तरह से उन्होंने वनडे क्रिकेट में अपनी क्षमता दिखाई है, उन्हें बाहर रखना उनके आत्मविश्वास को प्रभावित कर सकता है। प्रशंसकों का गुस्सा वाजिब है क्योंकि एक ऐसे खिलाड़ी को टीम से दूर रखना जो भविष्य की नींव है, चयनकर्ताओं की दूरदर्शिता पर बड़े सवाल खड़े करता है। अब देखना यह होगा कि टीम का यह नया समीकरण मैदान पर क्या परिणाम लाता है और क्या जायसवाल की वापसी के रास्ते जल्द खुलेंगे या नहीं।

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नोट: यह लेख खेल पत्रकारिता के मानदंडों के अनुरूप तथ्यों पर आधारित है।

Written by Priya Sharma

Priya Sharma is a senior cricket correspondent for The Indian Express, and one of the most respected voices covering women’s cricket in India. A graduate of Miranda House, she started her career in a newsroom dominated by men’s sport and deliberately chose to put women’s cricket at the centre of her reporting. Priya has chronicled the Indian women’s team through World Cups, the transformational arrival of the Women’s Premier League, and the quiet, determined rise of girls’ cricket in small towns and villages. Her long‑form profiles of cricketers like Smriti Mandhana, Jemimah Rodrigues, and Renuka Singh are known for their depth and sensitivity. Beyond match reports, Priya writes regularly on media representation and the structural barriers women face in sports journalism. A recipient of the Ramnath Goenka Award and the Laadli Media Award, she believes that telling the full story of women’s cricket is not just a beat, but a responsibility.