अकीब नबी को क्यों नहीं मिली जगह? अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट टीम में चयन न होने पर फैंस का फूटा गुस्सा
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भारतीय टेस्ट टीम की घोषणा और अकीब नबी का न होना
भारतीय क्रिकेट में यह एक दुर्लभ दृश्य था जब अकीब नबी नामक एक तेज गेंदबाज ने रणजी ट्रॉफी 2025-26 सीजन में अपने शानदार गेंदबाजी स्पैल के जरिए सुर्खियां बटोरीं। आधुनिक क्रिकेट में, जहां अधिकांश ध्यान बल्लेबाजों पर केंद्रित रहता है, नबी के उदय ने प्रशंसकों के बीच एक नई उम्मीद जगाई थी। कई विशेषज्ञों का मानना था कि अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाले आगामी एकमात्र टेस्ट मैच में अकीब नबी को निश्चित रूप से टीम इंडिया की जर्सी में देखा जाएगा।
हालांकि, अजीत अगरकर की अध्यक्षता वाली चयन समिति के विचार कुछ अलग ही निकले। जब टीम की घोषणा हुई, तो उसमें अकीब नबी का नाम न पाकर क्रिकेट प्रेमी दंग रह गए। पिछले कयासों के विपरीत, चयन समिति ने अफगानिस्तान का सामना करने के लिए गेंदबाजों के एक नए समूह को चुना है, जिसमें अनुभवी जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज को आराम दिया गया है।
घरेलू क्रिकेट के ‘किंग’ के साथ अन्याय?
अकीब नबी के घरेलू क्रिकेट के आंकड़े किसी को भी आश्चर्यचकित करने के लिए काफी हैं। उन्होंने प्रथम श्रेणी (First-Class) क्रिकेट में 156 विकेट झटके हैं, और सबसे महत्वपूर्ण बात उनका गेंदबाजी औसत है। महज 18.37 की औसत से विकेट लेना प्रथम श्रेणी क्रिकेट में एक ‘असाधारण’ उपलब्धि मानी जाती है। इतने शानदार रिकॉर्ड के बावजूद उन्हें टीम में जगह न मिलना कई सवाल खड़े करता है।
सोशल मीडिया पर प्रशंसकों ने ‘Justice for Auqib Nabi’ (अकीब नबी को न्याय मिले) के नारे लगाने शुरू कर दिए हैं। प्रशंसकों का कहना है कि अगर घरेलू क्रिकेट में इतने जबरदस्त प्रदर्शन के बाद भी किसी खिलाड़ी को राष्ट्रीय टीम में मौका नहीं मिलता, तो फिर चयन का आधार क्या है? कई फैंस ने ट्वीट किया, “18.37 की औसत से 156 विकेट! यह वाकई अविश्वसनीय है। वह निश्चित रूप से टीम में जगह पाने के हकदार थे।”
अजीत अगरकर का बयान और चयन समिति का रुख
टीम चयन के बाद मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने अपनी चुप्पी तोड़ी। उन्होंने टीम चयन की प्रक्रिया और अकीब नबी के बारे में चर्चा की। अगरकर ने कहा, “हमें बताया गया है कि इस समय वह टी20 क्रिकेट के लिए तैयार हैं, इसलिए मोहम्मद शमी को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई। अकीब नबी के नाम पर भी बातचीत हुई थी। ऋषभ पंत टेस्ट टीम का हिस्सा बने रहेंगे और वह एक अविश्वसनीय खिलाड़ी हैं। वह वनडे टीम का हिस्सा नहीं हैं, लेकिन फिलहाल वह टेस्ट टीम का मुख्य हिस्सा हैं।”
अगरकर के इस बयान से स्पष्ट है कि चयन समिति अकीब नबी के नाम पर विचार तो कर रही थी, लेकिन अंततः उन्हें टीम में शामिल न करने का फैसला लिया गया। चयनकर्ताओं ने नबी की जगह अन्य विकल्पों को तरजीह दी है, जो फैंस के गले नहीं उतर रही है।
अफगानिस्तान के खिलाफ भारतीय टेस्ट टीम
अकीब नबी की अनुपस्थिति में, प्रसिद्ध कृष्णा भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण की कमान संभालेंगे। गेंदबाजी विभाग में प्रसिद्ध के साथ गुरनूर बरार, मानव सुथार, हर्ष दुबे और कुलदीप यादव को नियमित गेंदबाजों के रूप में शामिल किया गया है। इसके अलावा ऑलराउंडर के रूप में नीतीश कुमार रेड्डी और वाशिंगटन सुंदर टीम को मजबूती देंगे।
अफगानिस्तान के खिलाफ भारत की टेस्ट टीम इस प्रकार है:
- शुभमन गिल (कप्तान)
- यशस्वी जायसवाल
- केएल राहुल (उप-कप्तान)
- साई सुदर्शन
- ऋषभ पंत
- देवदत्त पडिक्कल
- नीतीश कुमार रेड्डी
- वाशिंगटन सुंदर
- कुलदीप यादव
- प्रसिद्ध कृष्णा
- गुरनूर बरार
- मानव सुथार
- हर्ष दुबे
- ध्रुव जुरेल
निष्कर्ष: आगे की राह
अकीब नबी का टीम से बाहर होना निश्चित रूप से उनके और उनके समर्थकों के लिए निराशाजनक है। हालांकि, चयन समिति के फैसले ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वे युवाओं और विविधता को टीम में जगह दे रहे हैं। गुरनूर बरार और हर्ष दुबे जैसे नए चेहरों के पास अब खुद को साबित करने का मौका होगा। वहीं, अकीब नबी को अपनी मेहनत जारी रखनी होगी ताकि वह अपने प्रदर्शन के दम पर चयनकर्ताओं को मजबूर कर सकें कि वे उन्हें भविष्य के दौरों के लिए नजरअंदाज न करें। भारतीय क्रिकेट का इतिहास गवाह है कि कई बार महान खिलाड़ियों को भी शुरुआती दौर में संघर्ष करना पड़ा है, लेकिन अंततः प्रतिभा अपनी जगह बना ही लेती है।