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IPL 2026: ऋषभ पंत बल्लेबाजी करने क्यों नहीं आए? लखनऊ सुपर जायंट्स की रणनीति का खुलासा

Shakil Hossain · · 1 min read

IPL 2026: ऋषभ पंत ने क्यों छोड़ी अपनी बल्लेबाजी की बारी?

आईपीएल 2026 के एक रोमांचक मुकाबले में जब लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) का सामना चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) से हुआ, तो प्रशंसकों को एक बड़ा सवाल परेशान कर रहा था। लक्ष्य का पीछा करते हुए जब टीम के तीन विकेट गिर गए, तो कप्तान ऋषभ पंत के मैदान पर आने की उम्मीद थी। हालांकि, पंत बल्लेबाजी के लिए नहीं आए, जिसके बाद क्रिकेट गलियारों में अटकलों का बाजार गर्म हो गया। अब खुद कप्तान ने इस रहस्य से पर्दा उठा दिया है।

रणनीति के तहत लिया गया फैसला

मैच के बाद प्रेजेंटेशन के दौरान ऋषभ पंत ने खुलासा किया कि यह फैसला पूरी तरह से रणनीतिक था। पंत ने बताया कि वे उन खिलाड़ियों को मौका देना चाहते थे जिन्हें इस सीजन में पर्याप्त गेम टाइम नहीं मिला है। उन्होंने कहा, ‘मैं बल्लेबाजी के लिए तैयार था, लेकिन ड्रेसिंग रूम में यह विचार आया कि क्यों न उन खिलाड़ियों को आजमाया जाए जिन्हें अब तक ज्यादा मौके नहीं मिले हैं।’

मैदान पर नहीं, डगआउट में थे पंत

दिलचस्प बात यह है कि जब टीम ने नौ रन के भीतर तीन विकेट गंवा दिए थे, उस समय ऋषभ पंत डगआउट में पूरी तरह तैयार (पैड पहनकर) बैठे थे। उन्होंने स्वीकार किया कि उनके मन में बार-बार यह विचार आ रहा था कि क्या उन्हें खुद जाना चाहिए, क्योंकि वे मैदान पर रहने के इच्छुक थे। हालांकि, टीम की ‘थिंक टैंक’ और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए उन्होंने अपने फैसले को बदला और अन्य खिलाड़ियों को मौका दिया।

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टीम का बदलता समीकरण

इस सीजन में लखनऊ सुपर जायंट्स ने अपनी ओपनिंग जोड़ियों के साथ काफी प्रयोग किए हैं। मिशेल मार्श और जोश इंग्लिश की जोड़ी, जिन्होंने हाल ही में 135 रन की साझेदारी की, टीम का नया प्रयोग है। पंत ने कहा कि शुरुआत में टीम का विचार था कि पावरप्ले का फायदा उठाने के लिए विदेशी बल्लेबाजों को शीर्ष क्रम में रखा जाए।

हालांकि, यह हमेशा उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। निकोलस पूरन, एडेन मार्करम और जोश इंग्लिश जैसे खिलाड़ियों की उपलब्धता और फॉर्म ने टीम के संयोजन को प्रभावित किया। पंत ने अपनी बात रखते हुए कहा, ‘कभी-कभी जब आपकी सोची हुई रणनीति मैदान पर पूरी तरह लागू नहीं होती, तो निराशा होती है। लेकिन एक टीम के रूप में हमें अपनी क्षमताओं पर गर्व है। सबसे बड़ी चुनौती यह है कि बहुत ज्यादा विचारों के बीच उलझने से बचें।’

भविष्य की ओर देखते हुए

ऋषभ पंत का यह फैसला भले ही चौंकाने वाला था, लेकिन यह दर्शाता है कि वे केवल व्यक्तिगत प्रदर्शन के बजाय टीम के दीर्घकालिक विकास को प्राथमिकता दे रहे हैं। 188 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए निकोलस पूरन का नंबर तीन पर आना और उसके बाद अब्दुल समद और मुकुल चौधरी का बल्लेबाजी करना, यह बताता है कि पंत बेंच स्ट्रेंथ को मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं।

पंत ने आगे कहा, ‘एक कप्तान के तौर पर यह संतुलन बनाना जरूरी है कि आप कब व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदारी लें और कब युवा खिलाड़ियों को तराशने के लिए खुद को पीछे रखें।’ इस जीत ने न केवल लखनऊ के अंक तालिका में सुधार किया है, बल्कि यह भी स्पष्ट किया है कि टीम प्रबंधन आने वाले मैचों के लिए अपने विकल्पों को खुला रख रहा है।

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निष्कर्ष

लखनऊ सुपर जायंट्स की इस जीत ने यह साबित कर दिया है कि एक मजबूत टीम के पीछे अक्सर ऐसे कड़े फैसले होते हैं जो पहली नजर में अजीब लग सकते हैं। ऋषभ पंत का बल्लेबाजी न करना महज एक विकल्प नहीं, बल्कि टीम में प्रतिस्पर्धा और आत्मविश्वास पैदा करने की एक प्रक्रिया है। आने वाले मैचों में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह ‘थिंक टैंक’ किस तरह के नए प्रयोगों के साथ मैदान में उतरता है।

Written by Shakil Hossain

Shakil Hossain is a senior cricket correspondent for the Dhaka Tribune, renowned for his deeply informed coverage of the Bangladesh national team and the country’s rapidly evolving domestic cricket ecosystem. A double graduate of the University of Dhaka, he began his career covering the Dhaka Premier League from the press boxes of Mirpur and Fatullah, building an encyclopedic knowledge of the players, pitches, and politics that shape Bangladeshi cricket. Shakil is especially valued for his ability to decode spin bowling tactics and the influence of slow, turning tracks on match outcomes. He has reported from multiple World Cups, every edition of the Bangladesh Premier League, and numerous bilateral series at home and abroad. A BSPA Award winner, Shakil’s hallmark is the long-form profile—human, unsentimental, and precise—that brings the stories of emerging talents and seasoned campaigners alike to a hungry cricketing public.