Ros Rivaz appointed to ICC board as independent director – डॉ. रॉस रिवाज़ बनीं आईसीसी बोर्ड की नई स्वतंत्र निदेशक
Contents
क्रिकेट प्रशासन में एक नया अध्याय
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने अपने बोर्ड की संरचना को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। डॉ. रॉस रिवाज़ को आईसीसी बोर्ड में स्वतंत्र निदेशक के रूप में नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति क्रिकेट की वैश्विक संस्था के लिए एक महत्वपूर्ण घटना है, जो सुशासन और रणनीतिक विकास के प्रति आईसीसी की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
डॉ. रॉस रिवाज़ का शानदार करियर
डॉ. रिवाज़ अपने साथ अनुभव का एक विशाल भंडार लेकर आई हैं। वर्तमान में, वह एंग्लियन वॉटर की चेयरपर्सन हैं और एपेरम एसए (Aperam SA) तथा विक्ट्रेक्स पीएलसी (Victrex plc) जैसी प्रतिष्ठित यूरोपीय सामग्री विज्ञान कंपनियों में लीड इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के रूप में कार्यरत हैं। आईसीसी द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, उनका अनुभव रणनीति, जोखिम प्रबंधन और प्रदर्शन सुधारने में अत्यंत सहायक साबित होगा।
विविधता और समावेश का दृष्टिकोण
सिर्फ कॉर्पोरेट रणनीति ही नहीं, बल्कि डॉ. रिवाज़ का जीवन सामाजिक और शैक्षिक पहलों से भी गहराई से जुड़ा रहा है। उन्होंने ‘योर-लाइफ’ अभियान के माध्यम से युवा महिलाओं में STEM (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) शिक्षा को बढ़ावा देने में सक्रिय भूमिका निभाई है। इसके अलावा, उन्होंने साउथेम्प्टन विश्वविद्यालय की परिषद की अध्यक्षता भी की है और वाटर एड जैसी धर्मार्थ संस्थाओं के साथ काम किया है। आईसीसी का मानना है कि उनकी यह पृष्ठभूमि बोर्ड की विविधता और समावेशी निर्णय प्रक्रिया को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।
आईसीसी बोर्ड में उनकी प्राथमिकताएं
अपनी नियुक्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए, डॉ. रॉस रिवाज़ ने कहा, ‘क्रिकेट के खेल के लिए इस रोमांचक समय में आईसीसी बोर्ड में शामिल होना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। क्रिकेट दुनिया भर में लगातार नए दर्शकों तक पहुंच रहा है, समुदायों को प्रेरित कर रहा है और एक प्रभावशाली वैश्विक खेल के रूप में अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है।’ उन्होंने आगे कहा कि सुशासन, दीर्घकालिक सोच और समावेशी निर्णय लेना ही क्रिकेट के भविष्य को उज्ज्वल बनाए रखने की कुंजी है।
ऐतिहासिक संदर्भ और बदलाव
यह नियुक्ति आईसीसी के उस सफर का हिस्सा है, जिसे 2018 में शुरू किया गया था, जब इंदिरा नूयी आईसीसी की पहली स्वतंत्र महिला निदेशक बनी थीं। यह बदलाव आईसीसी के संविधान में किए गए व्यापक सुधारों का हिस्सा है। कई जानकारों का मानना है कि यह कदम उस ‘वुल्फ रिपोर्ट’ (Woolf Report) की याद दिलाता है, जिसमें वर्षों पहले आईसीसी जैसी संस्थाओं में अधिक स्वतंत्र निदेशकों की आवश्यकता पर जोर दिया गया था।
निष्कर्ष
डॉ. रॉस रिवाज़ का तीन साल का शुरुआती कार्यकाल, जिसे तीन और वर्षों के लिए बढ़ाया जा सकता है, आईसीसी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होगा। उनके रणनीतिक कौशल और कॉर्पोरेट अनुभव से क्रिकेट जगत को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। आईसीसी चेयरमैन और अन्य बोर्ड सदस्यों के साथ मिलकर, डॉ. रिवाज़ का लक्ष्य न केवल खेल का विस्तार करना है, बल्कि इसे आने वाली पीढ़ियों के लिए और अधिक अवसर प्रदान करने वाला मंच बनाना भी है।
क्रिकेट प्रशंसकों और हितधारकों के लिए यह देखना दिलचस्प होगा कि डॉ. रिवाज़ की देखरेख में बोर्ड किस तरह की नई नीतियां अपनाता है और कैसे खेल का स्वरूप वैश्विक स्तर पर बदलता है।