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Watch: Riyan Parag scolds Vaibhav Sooryavanshi in dugout; 15-year-old cries afte – रियान पराग की ‘डांट’ और वैभव सूर्यवंशी के आँसू: IPL 2026 क्वालीफायर 2 के बाद का बड़ा विवाद

Raj Thapa · · 1 min read

आईपीएल 2026 के क्वालीफायर 2 में गुजरात टाइटंस के खिलाफ राजस्थान रॉयल्स की हार ने टीम के आईपीएल अभियान को समाप्त कर दिया। लेकिन इस हार से भी ज्यादा चर्चा का विषय बन गया है एक वायरल वीडियो, जिसमें राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग डगआउट में युवा वैभव सूर्यवंशी को कुछ समझाते हुए दिख रहे हैं, जिसके बाद 15 वर्षीय वैभव भावुक हो गए। इस घटना ने सोशल मीडिया पर रियान पराग के रवैये पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं और प्रशंसकों के बीच एक नई बहस छेड़ दी है।

आईपीएल 2026 क्वालीफायर 2: रोमांचक मुकाबला और राजस्थान की हार

29 मई को महाराजा यादवेंद्र सिंह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए इस हाई-वोल्टेज मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में 214 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। पिच पर तेज गेंदबाजों को अतिरिक्त उछाल मिल रहा था, लेकिन इसके बावजूद राजस्थान के बल्लेबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। हालांकि, गुजरात टाइटंस के कप्तान शुभमन गिल के धमाकेदार शतक ने राजस्थान के सपनों पर पानी फेर दिया। गिल की 104 रनों की बेहतरीन पारी की बदौलत गुजरात ने यह लक्ष्य 7 विकेट से हासिल कर लिया और आईपीएल 2026 के फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली, जहां उनका मुकाबला रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) से 31 मई को अहमदाबाद में होगा।

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वैभव सूर्यवंशी की शानदार पारी और युवा प्रतिभा का जलवा

इस “करो या मरो” के मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स के लिए सबसे उज्ज्वल सितारे के रूप में 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी उभरे। उन्होंने अपनी बल्लेबाजी से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। बैक फुट पर लगाए गए उनके कुछ शॉट्स वाकई असाधारण थे। इस युवा बल्लेबाज ने सिर्फ 47 गेंदों में 96 रनों की तूफानी पारी खेली, जिसमें आठ चौके और सात गगनचुंबी छक्के शामिल थे। वैभव की इस पारी ने टीम को एक मजबूत स्थिति में पहुंचाया। उनके आउट होने के बाद, डोनावन फरेरा ने भी अंत में कुछ आकर्षक शॉट लगाए, उन्होंने 11 गेंदों में 38 रन बनाए, जिसमें चार छक्के और दो चौके शामिल थे, जिससे राजस्थान 200 के आंकड़े को पार करने में सफल रहा।

शुभमन गिल का पलटवार और रॉयल्स की निराशा

पहली पारी में राजस्थान रॉयल्स ने भले ही रनों का अंबार लगा दिया हो, लेकिन यह सब व्यर्थ साबित हुआ। गुजरात टाइटंस के सलामी बल्लेबाज शुभमन गिल ने अपने पार्टनर साई सुदर्शन (58 रन) के साथ मिलकर टीम को शानदार शुरुआत दी और फिर अकेले दम पर मैच को फिनिशिंग लाइन तक पहुंचाया। गिल की शतकीय पारी ने यह साबित कर दिया कि क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है और कितना भी बड़ा स्कोर क्यों न हो, उसे चेज़ किया जा सकता है।

वायरल वीडियो: रियान पराग की ‘डांट’ और वैभव के आँसू

मैच के बाद, रियान पराग और वैभव सूर्यवंशी से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हो गया। इस वीडियो में पराग डगआउट में युवा बल्लेबाज वैभव को कुछ बड़े ही गंभीर अंदाज में समझाते हुए दिख रहे थे। टीनएजर वैभव के चेहरे के हाव-भाव से यह साफ पता चल रहा था कि कप्तान की बातें उनके लिए सुखद नहीं थीं। वीडियो में वैभव के होंठ कांपते हुए और उनकी आँखों में आँसू साफ देखे जा सकते थे, जिससे उनकी भावनात्मक स्थिति का पता चलता है। यह दृश्य देखकर कई प्रशंसक भावुक हो गए और उन्होंने पराग के रवैये पर सवाल उठाने शुरू कर दिए।

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सोशल मीडिया पर प्रशंसकों की प्रतिक्रिया

इस वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर प्रशंसकों की प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। कई लोगों ने रियान पराग के इस व्यवहार को अनुचित बताया, खासकर तब जब वैभव ने टीम के लिए इतनी शानदार पारी खेली थी। एक ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) पोस्ट में लिखा था, “रियान पराग ड्रेसिंग रूम में वैभव सूर्यवंशी को पूरे एटीट्यूड के साथ ज्ञान दे रहा है, लेकिन मैदान के अन्दर जाते ही खुद इसकी हवा निकल जाती है।” यह टिप्पणी पराग के अपने प्रदर्शन और उनके व्यवहार के बीच के विरोधाभास को उजागर करती है।

रियान पराग का उतार-चढ़ाव भरा सीजन और विवाद

आईपीएल 2026 के अधिकांश सीजन में रियान पराग अपने प्रदर्शन और मैदान के अंदर व बाहर अपने रवैये को लेकर प्रशंसकों के निशाने पर रहे हैं। मध्यक्रम के इस बल्लेबाज को पूरे सीजन में लगातार फॉर्म, चोटों की समस्या और कई विवादों से जूझना पड़ा। उन्हें आईपीएल 2026 के एक मैच के दौरान ड्रेसिंग रूम में ‘वेपिंग’ (vaping) करते हुए पाए जाने का भी आरोप लगा था, जिसने उनके इमेज को और खराब किया। क्वालीफायर 2 में भी उनका प्रदर्शन निराशाजनक रहा, जहां वह सिर्फ 6 गेंदों में 11 रन बनाकर आउट हो गए, जबकि टीम को उनसे एक बड़ी पारी की उम्मीद थी।

आंकड़ों की जुबानी: पराग बनाम सूर्यवंशी

अगर हम इस सीजन के आंकड़ों पर गौर करें तो रियान पराग ने 14 मैचों और इतनी ही पारियों में 23.76 की औसत और 157.65 की स्ट्राइक रेट से कुल 309 रन बनाए। वहीं, दूसरी ओर, वैभव सूर्यवंशी, जो इस सीजन में ऑरेंज कैप के प्रबल दावेदार रहे, उन्होंने 16 मैचों में 48.50 की शानदार औसत और 237.30 के विस्फोटक स्ट्राइक रेट से कुल 776 रन बनाए। आंकड़ों का यह अंतर साफ दर्शाता है कि जहां वैभव ने निरंतरता और धमाकेदार प्रदर्शन किया, वहीं पराग अपने नाम के अनुरूप प्रदर्शन करने में विफल रहे।

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निष्कर्ष: खेल भावना और युवा खिलाड़ियों का समर्थन

क्रिकेट एक टीम गेम है, जहां हर खिलाड़ी का प्रदर्शन मायने रखता है। एक युवा खिलाड़ी के तौर पर वैभव सूर्यवंशी ने इस महत्वपूर्ण मैच में अविश्वसनीय साहस और प्रतिभा का प्रदर्शन किया। ऐसे में, किसी अनुभवी खिलाड़ी या कप्तान का उनसे इस तरह बात करना, खासकर हार के बाद, कई सवाल खड़े करता है। खेल भावना और टीम के माहौल को बनाए रखने के लिए यह आवश्यक है कि वरिष्ठ खिलाड़ी युवा प्रतिभाओं का मार्गदर्शन करें और उन्हें प्रोत्साहित करें, न कि उन्हें हतोत्साहित। यह घटना निश्चित रूप से दोनों खिलाड़ियों के लिए एक सीख होगी और उम्मीद है कि भविष्य में ऐसी स्थितियों को बेहतर तरीके से संभाला जाएगा।

Written by Raj Thapa

Raj Thapa is a senior sports journalist for The Himalayan Times, widely regarded as one of the most consistent chroniclers of Nepal’s cricket journey from obscurity to the ICC global stage. A Tribhuvan University graduate, he began covering school and university cricket in the Kathmandu Valley before witnessing firsthand the national team’s rise through the World Cricket League. Raj specialises in fast bowling analysis, a rare focus in a region dominated by spin, and has tracked Nepal’s emerging seam attack with technical precision. He has reported from ICC World Cup Qualifiers, multiple Everest Premier League seasons, and bilateral series across South Asia. His writing blends match‑day insight with long‑term narratives about the structures and sacrifices behind Associate Member sport. A recipient of the NSJF award and his newspaper’s top journalism honour, Raj remains a passionate advocate for youth cricket and a firm believer that Nepal’s best sporting stories are yet to be written.