Hardik Pandya Not Alone! Rohit, SKY, And Bumrah Also Targeted By Mumbai Indians – क्या मुंबई इंडियंस में सब कुछ ठीक नहीं है? हार्दिक के साथ रोहित, बुमराह और सूर्या भी निशाने पर
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मुंबई इंडियंस का संकट: मैदान के अंदर और बाहर की तनातनी
आईपीएल 2026 मुंबई इंडियंस के लिए एक बुरे सपने जैसा रहा। पांच बार की चैंपियन टीम इस सीजन में 14 में से केवल चार मैच जीत सकी और अंक तालिका में नौवें स्थान पर रही। इस शर्मनाक प्रदर्शन के बाद टीम की कप्तानी और आंतरिक तालमेल पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हालांकि, चर्चा का केंद्र सिर्फ हार्दिक पांड्या नहीं हैं, बल्कि खबरें हैं कि फ्रेंचाइजी का प्रबंधन अब वरिष्ठ खिलाड़ियों के व्यवहार से भी खासे नाराज है।
अहंकार का टकराव: ‘अल्फा’ खिलाड़ियों की भीड़
मुंबई इंडियंस की टीम हमेशा से ही सितारों से सजी रही है। यहां भारत के दिग्गज खिलाड़ी एक साथ खेलते हैं, जिन्होंने देश को कई बार गौरव दिलाया है। लेकिन यही खूबी अब टीम के लिए मुसीबत बन गई है। जब टीम में रोहित शर्मा, सूर्यकुमार यादव और जसप्रीत बुमराह जैसे अनुभवी ‘अल्फा’ लीडर मौजूद हों, तो कप्तानी करना कोई आसान काम नहीं है। रोहित शर्मा की कप्तानी के दौर में चीजें संतुलित थीं, लेकिन हार्दिक पांड्या के आने के बाद ड्रेसिंग रूम का समीकरण पूरी तरह बदल गया है।
हार्दिक को गुजरात टाइटंस से ट्रेड करके लाया गया और रोहित को कप्तानी से हटा दिया गया, जिसने एक तरह से असंतोष के बीज बो दिए। अब हार्दिक को ऐसे खिलाड़ियों का नेतृत्व करना पड़ रहा है जिनके पास उनसे कहीं अधिक कप्तानी का अनुभव है। मैदान पर कई बार हार्दिक और वरिष्ठ खिलाड़ियों के बीच तीखी बहस देखी गई है, जो टीम के बिखराव को साफ दर्शाती है।
प्रबंधन की चिंता: खिलाड़ियों का ‘कोचेबल’ न होना
द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ मैच के बाद कोचिंग स्टाफ ने एक टीम मीटिंग की थी। रिपोर्ट में एक इनसाइडर के हवाले से कहा गया है कि वरिष्ठ खिलाड़ी ऑफ-फील्ड तो टीम की योजनाओं पर सहमति जताते हैं, लेकिन मैदान पर डेटा-आधारित रणनीति का पालन करने से कतराते हैं।
स्रोत ने बताया, “कोचिंग स्टाफ ने स्पष्ट संदेश दिया था कि खिलाड़ियों को ‘कोचेबल’ होना चाहिए। कई बार ऐसा हुआ कि कोचिंग स्टाफ ने डेटा-आधारित सुझाव दिए, लेकिन खिलाड़ियों ने उन पर अमल नहीं किया।” यह ‘अनकोचेबल’ रवैया अब प्रबंधन के लिए सिरदर्द बन चुका है, और हार्दिक पांड्या के साथ-साथ इन दिग्गजों की कार्यशैली भी जांच के घेरे में है।
मुंबई इंडियंस का ऐतिहासिक पतन
मुंबई इंडियंस का ट्रैक रिकॉर्ड हमेशा से दबदबा बनाने वाला रहा है। 2015, 2017, 2019 और 2021 के सीजन में टीम ने शानदार प्रदर्शन किया था। लेकिन 2024 के बाद स्थिति पूरी तरह पलट गई है। हार्दिक पांड्या की कप्तानी में टीम का जीत का प्रतिशत बुरी तरह गिर गया है।
व्यक्तिगत प्रदर्शन पर गहरा असर
टीम के खराब प्रदर्शन का असर खिलाड़ियों के निजी फॉर्म पर भी पड़ा है। मौजूदा सीजन में मुंबई इंडियंस का कोई भी खिलाड़ी ऑरेंज या पर्पल कैप की दौड़ में दूर-दूर तक नहीं है। टीम के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज रयान रिकेल्टन रन बनाने वालों की सूची में केवल 17वें स्थान पर हैं, जबकि सर्वश्रेष्ठ स्पिनर अल्लाह गजनफर विकेट लेने वालों की सूची में 14वें नंबर पर हैं।
कागज पर मुंबई इंडियंस के पास विश्व क्रिकेट के सबसे बड़े नाम मौजूद हैं, लेकिन मैदान पर उनका प्रदर्शन बेहद साधारण रहा है। यदि मुंबई इंडियंस को अपनी पुरानी विरासत को वापस पाना है, तो उन्हें न केवल कप्तानी के मुद्दों को हल करना होगा, बल्कि ड्रेसिंग रूम के इस ‘अल्फा’ टकराव को भी खत्म करना होगा। अब समय आ गया है कि प्रबंधन सख्त कदम उठाए और टीम के पतन के असली कारणों का पता लगाकर उन्हें दुरुस्त करे।