RCB’s Yash Dayal Breaks Silence For First Time After IPL 2026 Snub
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आरसीबी की खिताबी जीत और यश दयाल का विवाद
आईपीएल 2008 में अपनी शुरुआत के बाद से ही रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) का खिताब जीतने का सपना अधूरा था, जो आखिरकार पिछले सीजन में पूरा हुआ। पंजाब किंग्स को हराकर आरसीबी ने अपना पहला आईपीएल खिताब अपने नाम किया। हालांकि, इस ऐतिहासिक जीत के जश्न के बीच टीम पर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया। टीम के प्रमुख तेज गेंदबाज यश दयाल का नाम यौन दुराचार और गंभीर कानूनी मामलों में आने से टीम की छवि पर गहरा असर पड़ा।
विवाद की जड़ें और कानूनी परेशानियां
साल 2025 में यश दयाल के खिलाफ दो गंभीर मामले दर्ज किए गए। जुलाई 2025 में गाजियाबाद में एक महिला ने उन पर यौन, मानसिक और आर्थिक शोषण के आरोप लगाए। इसके अलावा, उन पर नाबालिग से जुड़े POCSO अधिनियम के तहत भी मामले दर्ज किए गए। जयपुर में एक दूसरा एफआईआर भी दर्ज हुआ, जिसमें 2023 की एक घटना का जिक्र था। दिसंबर 2025 में जयपुर की विशेष POCSO अदालत ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी, जिसके बाद आरसीबी के लिए उन्हें टीम में बनाए रखना नामुमकिन सा हो गया था।
RCB’s Yash Dayal Breaks Silence For First Time After IPL 2026 Snub
आईपीएल 2026 से बाहर किए जाने के बाद, यश दयाल ने पहली बार सार्वजनिक रूप से अपना बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फ्रेंचाइजी द्वारा उन्हें टीम से पूरी तरह न निकालना उनके लिए एक सकारात्मक संकेत है। दयाल ने कहा, ‘वह मेरी टीम है और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि उन्होंने मुझे टीम से हटाया नहीं है। उन्होंने मुझे रिटेन किया और मेरा कोई रिप्लेसमेंट भी घोषित नहीं किया। वे मुझे टीम का अहम हिस्सा मानते हैं।’
अपनी बात जारी रखते हुए उन्होंने आगे कहा, ‘आईपीएल 2026 सीजन से बाहर रहने का फैसला मेरा व्यक्तिगत निर्णय नहीं था। यह निर्णय अधिकारियों द्वारा लिया गया था, इसलिए मुझे नहीं पता कि आरसीबी ने मुझे क्यों नहीं खिलाया। लेकिन अब मैं इस विवाद के बारे में और बात नहीं करना चाहता।’
यश दयाल का आईपीएल सफर: फर्श से अर्श तक
यश दयाल का आईपीएल करियर उतार-चढ़ाव भरा रहा है। 2022 में डेब्यू करने के बाद 2023 में रिंकू सिंह के हाथों लगातार पांच छक्के खाने के बाद उनका करियर खत्म माना जा रहा था। हालांकि, आरसीबी ने उन पर भरोसा जताया और उन्हें अपनी टीम में शामिल किया। दयाल ने अपने पहले ही सीजन में 14 मैचों में 15 विकेट लेकर टीम को प्लेऑफ तक पहुँचाया। इसके बाद आरसीबी के खिताबी सीजन में भी उन्होंने 13 विकेट चटकाकर अहम भूमिका निभाई।
भविष्य की संभावनाएं
वर्तमान स्थिति यह है कि जब तक दयाल को कानूनी रूप से क्लीन चिट नहीं मिल जाती, तब तक उनका आईपीएल में खेलना मुश्किल है। आरसीबी ने सही कदम उठाते हुए उन्हें टीम से दूर रखा है ताकि किसी भी तरह की नैतिक और कानूनी जटिलताओं से बचा जा सके। खेल जगत के जानकारों का मानना है कि यदि यश दयाल इन आरोपों से बेदाग साबित होते हैं, तो उन्हें फिर से टीम में शामिल किया जा सकता है। फिलहाल, खिलाड़ी के लिए यह समय व्यक्तिगत सुधार और कानूनी लड़ाई लड़ने का है।
निष्कर्ष
यश दयाल का यह बयान एक कठिन परिस्थिति में उनकी हताशा और उम्मीदों को दर्शाता है। एक तरफ जहाँ आरसीबी ने उन्हें टीम का हिस्सा बनाए रखकर एक संकेत दिया है, वहीं दूसरी ओर कानून की प्रक्रिया अपना काम कर रही है। क्रिकेट फैंस और खेल प्रेमी अब इस मामले के अंतिम निर्णय का इंतजार कर रहे हैं ताकि यह स्पष्ट हो सके कि क्या यह तेज गेंदबाज एक बार फिर आरसीबी की नीली जर्सी में मैदान पर वापसी कर पाएगा या नहीं।