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IPL 2026: ऋषभ पंत की कप्तानी पर संकट, लखनऊ सुपर जायंट्स की टीम में बड़े बदलाव के संकेत

Priya Sharma · · 1 min read

आईपीएल 2026: लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए एक भूलने योग्य सीजन

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 का संस्करण लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा। सीजन की शुरुआत से ही टीम लय हासिल करने के लिए संघर्ष करती नजर आई और अंततः यह टीम अंक तालिका में सबसे निचले स्थान पर रही। केवल 8 अंक जुटा पाने वाली लखनऊ की टीम के लिए यह सीजन न केवल खेल के लिहाज से बल्कि नेतृत्व के स्तर पर भी बेहद निराशाजनक रहा है।

ऋषभ पंत की कप्तानी पर उठे सवाल

जब 2025 में ऋषभ पंत ने लखनऊ सुपर जायंट्स की कमान संभाली थी, तो टीम प्रबंधन और प्रशंसकों को उनसे बहुत उम्मीदें थीं। हालांकि, बीते दो वर्षों के आंकड़े इस उम्मीद के विपरीत कहानी बयां करते हैं। पंत के नेतृत्व में टीम ने पिछले दो सीजन में कुल 28 मैच खेले, जिनमें से वे केवल 10 में जीत हासिल कर सके और 18 मैचों में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। यह रिकॉर्ड न केवल टीम की असफलता को दर्शाता है, बल्कि पंत के कप्तानी कौशल पर भी गंभीर प्रश्न खड़े करता है।

बल्ले से भी नहीं चला पंत का जादू

कप्तानी के अलावा, ऋषभ पंत का व्यक्तिगत फॉर्म भी चिंता का एक बड़ा कारण बना हुआ है। पिछले दो सीजनों में उन्होंने कुल 581 रन बनाए हैं, जिसमें उनका स्ट्राइक रेट 135.74 रहा है। यह स्ट्राइक रेट उनके करियर के मानकों के हिसाब से काफी कम है। विशेषज्ञों का मानना है कि कप्तानी का दबाव सीधे तौर पर उनकी बल्लेबाजी को प्रभावित कर रहा है, जिसके चलते वे खुलकर अपने स्वाभाविक खेल का प्रदर्शन नहीं कर पा रहे हैं।

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टॉम मूडी और टीम प्रबंधन की योजना

सीजन के अंतिम मैच के बाद, लखनऊ सुपर जायंट्स के ग्लोबल डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट, टॉम मूडी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ तौर पर संकेत दिए कि टीम को एक बड़े बदलाव यानी ‘रीसेट’ की आवश्यकता है। मूडी ने कहा, “कप्तानी के नजरिए से देखें तो पंत के लिए यह चुनौतीपूर्ण रहा है और परिणाम इसका प्रमाण हैं। हम हर विभाग पर गंभीरता से विचार करेंगे और यह देखेंगे कि भविष्य के लिए क्या सही है।”

क्या है टीम के भीतर का माहौल?

हाल ही में ऋषभ पंत ने अपनी निराशा जाहिर करते हुए कहा था कि टीम के फैसलों में बहुत अधिक लोगों की भागीदारी है, जिससे नेतृत्व में भ्रम की स्थिति पैदा होती है। वहीं, हेड कोच जस्टिन लैंगर ने भी टीम के प्रदर्शन पर दुख जताया है। हालांकि, टीम प्रबंधन फिलहाल किसी एक व्यक्ति पर उंगली उठाने के बजाय सामूहिक जिम्मेदारी की बात कर रहा है। टॉम मूडी ने स्पष्ट किया कि अब समय आरोप-प्रत्यारोप का नहीं, बल्कि शांति से समीक्षा करने और ठोस निर्णय लेने का है।

भविष्य की राह: एक नए अध्याय की शुरुआत?

लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या वे एक नए कप्तान के साथ आगे बढ़ेंगे? आगामी सीजन के लिए फ्रेंचाइजी को अपनी रणनीति को पूरी तरह से बदलने की जरूरत है। चाहे वह टीम का संयोजन हो या नेतृत्व का ढांचा, लखनऊ को आने वाले समय में कड़े और साहसी निर्णय लेने होंगे।

अंत में, क्रिकेट के इस खेल में परिणाम ही सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। यदि टीम अपनी क्षमता के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पा रही है, तो बदलाव स्वाभाविक है। ऋषभ पंत के लिए यह एक कठिन समय है, लेकिन एक पेशेवर खिलाड़ी के तौर पर उन्हें अपनी लय और खोया हुआ आत्मविश्वास वापस पाने के लिए कड़े प्रयास करने होंगे। वहीं, लखनऊ सुपर जायंट्स के प्रशंसक उम्मीद करेंगे कि आगामी सीजन में उनकी टीम एक मजबूत वापसी करेगी।

  • सीजन का परिणाम: अंक तालिका में सबसे नीचे।
  • प्रमुख चिंता: कप्तानी का दबाव और बल्लेबाजी में निरंतरता का अभाव।
  • अगला कदम: टीम प्रबंधन द्वारा पूरी टीम का पुनर्गठन और रीसेट।
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फिलहाल, लखनऊ सुपर जायंट्स के खेमे में चिंतन का माहौल है। यह देखना दिलचस्प होगा कि प्रबंधन पंत के साथ आगे बढ़ता है या किसी नई नेतृत्व शैली के साथ आईपीएल के अगले सीजन में उतरता है।

Written by Priya Sharma

Priya Sharma is a senior cricket correspondent for The Indian Express, and one of the most respected voices covering women’s cricket in India. A graduate of Miranda House, she started her career in a newsroom dominated by men’s sport and deliberately chose to put women’s cricket at the centre of her reporting. Priya has chronicled the Indian women’s team through World Cups, the transformational arrival of the Women’s Premier League, and the quiet, determined rise of girls’ cricket in small towns and villages. Her long‑form profiles of cricketers like Smriti Mandhana, Jemimah Rodrigues, and Renuka Singh are known for their depth and sensitivity. Beyond match reports, Priya writes regularly on media representation and the structural barriers women face in sports journalism. A recipient of the Ramnath Goenka Award and the Laadli Media Award, she believes that telling the full story of women’s cricket is not just a beat, but a responsibility.