MS Dhoni CSK Head Coach: क्या धोनी की मौजूदगी के कारण कोच नहीं आना चाहते CSK में?
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आईपीएल 2026 में सीएसके का निराशाजनक प्रदर्शन और बड़े बदलाव की सुगबुगाहट
चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के लिए आईपीएल 2026 का सीजन किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा। पांच बार की चैंपियन टीम इस साल प्लेऑफ के लिए क्वालीफाई करने में पूरी तरह असफल रही। टीम ने अपने सभी 14 लीग मैच खेल लिए हैं, लेकिन वे अंतिम चार में जगह बनाने में नाकाम रहे। इस निराशाजनक प्रदर्शन के बाद अब फ्रेंचाइजी के भीतर नेतृत्व और कोचिंग स्टाफ में बड़े बदलाव की सुगबुगाहट तेज हो गई है।
इस सीजन में सीएसके की टीम लगातार खिलाड़ियों की चोटों और प्रमुख खिलाड़ियों के खराब फॉर्म से जूझती नजर आई। टीम के अभियान की शुरुआत बेहद खराब रही, जहां उन्हें अपने पहले तीन मैचों में लगातार हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, इसके बाद टीम ने शानदार वापसी की और अपने अगले 8 मैचों में से 6 मुकाबलों में जीत दर्ज की। इस दौरान टीम ने लगातार तीन मैच जीतकर प्लेऑफ की उम्मीदों को जिंदा रखा था। लेकिन अंत में रुतुराज गायकवाड़ की अगुवाई वाली टीम उस लय को बरकरार नहीं रख सकी और सीजन का अंत भी ठीक वैसे ही किया जैसे शुरुआत की थी—यानी आखिरी तीन मैचों में लगातार हार के साथ।
कोचों के लिए बाधा क्यों बन रहे हैं एमएस धोनी?
इंडियन एक्सप्रेस की एक हालिया रिपोर्ट में एक बेहद चौंकाने वाला दावा किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, कई संभावित उम्मीदवारों ने चेन्नई सुपर किंग्स के मुख्य कोच का पद संभालने से सिर्फ इसलिए इनकार कर दिया है क्योंकि टीम में अभी भी पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की मजबूत मौजूदगी बनी हुई है।
इस रिपोर्ट में खुलासा किया गया है कि पिछले साल फ्रेंचाइजी के बेहद करीबी माने जाने वाले एक ‘बड़े भारतीय कोच’ ने सीएसके से संपर्क किया था, लेकिन उन्हें इंतजार करने के लिए कहा गया। वहीं, एक अन्य संभावित उम्मीदवार ने तो स्पष्ट रूप से यह मान लिया है कि जब तक एमएस धोनी टीम के साथ जुड़े हुए हैं, तब तक वे इस पद के लिए आवेदन भी नहीं करेंगे। दरअसल, कोचों के बीच इस बात को लेकर गहरी चिंता है कि धोनी जैसे कद्दावर खिलाड़ी की उपस्थिति में उन्हें टीम के दैनिक फैसलों और रणनीतियों पर पूरा नियंत्रण मिल पाएगा या नहीं।
लगातार तीन साल से प्लेऑफ से बाहर रहने का दबाव
साल 2023 में अपना पांचवां आईपीएल खिताब जीतने के बाद से, चेन्नई सुपर किंग्स का ग्राफ लगातार नीचे गिरा है। सीएसके अब लगातार तीन सालों (2024, 2025 और 2026) से प्लेऑफ की रेस से बाहर हो रही है।
- 2024 का सीजन: रुतुराज गायकवाड़ ने पूरे सीजन में टीम की कप्तानी की, लेकिन टीम प्लेऑफ में नहीं पहुंच पाई।
- 2025 का सीजन: गायकवाड़ के चोटिल होने के कारण कप्तानी की जिम्मेदारी रुतुराज गायकवाड़ और एमएस धोनी के बीच बंटी रही।
- 2026 का सीजन: एक बार फिर गायकवाड़ की पूर्णकालिक कप्तानी में टीम प्लेऑफ का सफर तय करने में नाकाम रही।
लगातार तीन साल तक अंतिम चार में जगह न बना पाना सीएसके जैसी बड़ी फ्रेंचाइजी के लिए एक गंभीर चिंता का विषय बन गया है, जिससे यह साफ है कि टीम को अब नए दृष्टिकोण और स्वतंत्र कोचिंग की सख्त जरूरत है।
स्टीफन फ्लेमिंग के भविष्य पर लटकी तलवार
चेन्नई सुपर किंग्स के इतिहास में पूर्व न्यूजीलैंड कप्तान स्टीफन फ्लेमिंग का योगदान अद्वितीय रहा है। एमएस धोनी और मालिकों के अलावा फ्लेमिंग ही एकमात्र ऐसे व्यक्ति हैं जो सीएसके के सभी 17 आईपीएल सीजन में टीम के साथ बने रहे हैं।
साल 2008 में फ्लेमिंग एक खिलाड़ी के रूप में सीएसके से जुड़े थे और टीम को उपविजेता बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। इसके अगले ही साल, 2009 में उन्हें केपलर वेसल्स की जगह टीम का मुख्य कोच नियुक्त किया गया। तब से वे लगातार इसी पद पर बने हुए हैं। धोनी और फ्लेमिंग की जोड़ी ने मिलकर ही सीएसके को पांच आईपीएल खिताब दिलाए हैं।
लेकिन पिछले तीन सालों के खराब प्रदर्शन के बाद अब फ्लेमिंग की कोचिंग पर भी सवाल उठने लगे हैं। जब से धोनी ने पूर्णकालिक कप्तानी छोड़ी है, तब से फ्लेमिंग टीम को कोई बड़ी सफलता दिलाने में नाकाम रहे हैं। इसके अलावा, आईपीएल के बाहर दुनिया की अन्य टी20 लीगों में भी कोच के रूप में उनका रिकॉर्ड कुछ खास नहीं रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, फ्लेमिंग के भविष्य पर कोई भी फैसला एमएस धोनी के भविष्य का फैसला होने के बाद ही लिया जाएगा।
चोटों से परेशान रहे धोनी और टीम प्रबंधन से अनबन की खबरें
एमएस धोनी के लिए आईपीएल 2026 का सीजन बेहद निराशाजनक रहा, क्योंकि चोटों के कारण वे इस साल एक भी मैच नहीं खेल सके। सीजन की शुरुआत में उन्हें काफ स्ट्रेन (पिंडली की मांसपेशियों में खिंचाव) की समस्या हुई, जिसे ठीक होने में उम्मीद से ज्यादा समय लगा। कुछ खबरों में यह भी कहा गया कि पूरी तरह फिट होने के बावजूद, उन्होंने टीम के संयोजन को प्रभावित न करने के लिए खुद को मैचों से दूर रखा।
इसके बाद, अंगूठे की चोट के कारण वे आखिरी दो मैचों से भी पूरी तरह बाहर हो गए। पूरे सीजन में वे केवल अपने घरेलू मैदान चेन्नई में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ खेले गए आखिरी मैच के बाद मैदान पर नजर आए, जहां उन्होंने हार के बाद दर्शकों का अभिवादन करने के लिए पूरे मैदान का चक्कर लगाया था।
धोनी की इच्छा है कि वे चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम (चेपॉक) में मैदान पर खेलते हुए अपने प्रशंसकों से विदा लें, और यही कारण है कि वे आईपीएल 2027 में खेलने पर विचार कर रहे हैं। हालांकि, यह सफर इतना आसान नहीं लग रहा है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स का दावा है कि धोनी के संबंध अब सीएसके के शीर्ष प्रबंधन के साथ पहले जैसे नहीं रहे हैं और दोनों के बीच मतभेद पैदा हो गए हैं। ऐसे में यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि आईपीएल 2026 के समाप्त होने के बाद शायद धोनी दोबारा इस फ्रेंचाइजी के साथ नजर न आएं।