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इंग्लैंड के खिलाड़ी 2028 ओलंपिक के लिए टेस्ट क्रिकेट से बना सकते हैं दूरी

Shakil Hossain · · 1 min read

टेस्ट क्रिकेट की प्राथमिकता पर उठे सवाल

इंग्लैंड और उसके खिलाड़ी पारंपरिक रूप से टेस्ट क्रिकेट के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के लिए जाने जाते हैं। हाल ही में बेन डकेट जैसे खिलाड़ियों ने आईपीएल की प्रतिबद्धताओं को छोड़कर टेस्ट क्रिकेट और आगामी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) चक्र की तैयारी पर ध्यान केंद्रित किया था। हालांकि, अब एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है कि इंग्लैंड के कई बड़े सितारे एक वैश्विक खेल आयोजन के लिए टेस्ट क्रिकेट से किनारा कर सकते हैं।

डब्ल्यूटीसी 2025-27 में इंग्लैंड का संघर्ष

विश्व टेस्ट चैंपियनशिप एक ऐसा टूर्नामेंट रहा है जहां इंग्लैंड का प्रदर्शन अब तक उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा है। बेन स्टोक्स की कप्तानी वाली टीम अभी भी अपनी पहली डब्ल्यूटीसी गदा की तलाश में है और मौजूदा चक्र में भी उनकी स्थिति बहुत मजबूत नहीं है। वर्तमान में, इंग्लैंड 31.67 प्रतिशत अंकों के साथ तालिका में 7वें स्थान पर है। टीम ने अब तक 10 मैचों में से 3 में जीत हासिल की है, 6 में उन्हें हार का सामना करना पड़ा है और 1 मैच ड्रा रहा है।

2028 ओलंपिक का प्रभाव

हाल ही में ‘द टेलीग्राफ’ की एक रिपोर्ट ने क्रिकेट जगत को हिलाकर रख दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक के दौरान इंग्लैंड की वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट सीरीज का आयोजन हो रहा है, जिससे दोनों कार्यक्रमों में टकराव की स्थिति पैदा हो गई है। हैरी ब्रूक, जैकब बेथल और जोफ्रा आर्चर जैसे खिलाड़ी इस ओलंपिक में हिस्सा लेने के इच्छुक हैं, जो कि पारंपरिक रूप से टेस्ट क्रिकेट को सर्वोपरि मानने वाले इंग्लिश क्रिकेट के लिए एक बड़ा बदलाव है।

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ओलंपिक पदक की उम्मीदें

इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) के लिए यह स्थिति काफी जटिल हो सकती है। हालांकि, बोर्ड शायद खिलाड़ियों को ओलंपिक में खेलने की अनुमति दे सकता है क्योंकि टी20 क्रिकेट में इंग्लैंड का प्रदर्शन शानदार रहा है। 2022 में टी20 विश्व कप जीतकर वे इस प्रारूप की सबसे सफल टीमों में शुमार हो गए थे। 2026 के टी20 विश्व कप में भी टीम सेमीफाइनल तक पहुंची थी। टी20 में सफलता और ओलंपिक में मेडल की संभावनाओं के कारण, खिलाड़ियों का झुकाव अब छोटे प्रारूप और वैश्विक आयोजनों की ओर बढ़ रहा है।

भविष्य की चुनौतियां

इंग्लैंड को आईपीएल 2026 के बाद न्यूजीलैंड और पाकिस्तान के खिलाफ घरेलू सीरीज खेलनी है। इसके बाद उन्हें दक्षिण अफ्रीका और बांग्लादेश का दौरा करना है। ऐसे में अपने मुख्य खिलाड़ियों की अनुपलब्धता का मतलब होगा कि टीम को अपनी बेंच स्ट्रेंथ का परीक्षण करना होगा। फैन्स के बीच यह चर्चा का विषय है कि क्या टेस्ट क्रिकेट की प्रतिष्ठा ओलंपिक की चकाचौंध के सामने धूमिल हो रही है। क्रिकेट प्रबंधन के लिए यह एक बड़ी चुनौती होगी कि वे कैसे टेस्ट क्रिकेट की विरासत को बनाए रखते हुए खिलाड़ियों की व्यक्तिगत आकांक्षाओं का सम्मान करें। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि ईसीबी इस मामले में क्या नीति अपनाता है और क्या यह भविष्य में क्रिकेट कैलेंडर को पूरी तरह से बदल देगा।

Written by Shakil Hossain

Shakil Hossain is a senior cricket correspondent for the Dhaka Tribune, renowned for his deeply informed coverage of the Bangladesh national team and the country’s rapidly evolving domestic cricket ecosystem. A double graduate of the University of Dhaka, he began his career covering the Dhaka Premier League from the press boxes of Mirpur and Fatullah, building an encyclopedic knowledge of the players, pitches, and politics that shape Bangladeshi cricket. Shakil is especially valued for his ability to decode spin bowling tactics and the influence of slow, turning tracks on match outcomes. He has reported from multiple World Cups, every edition of the Bangladesh Premier League, and numerous bilateral series at home and abroad. A BSPA Award winner, Shakil’s hallmark is the long-form profile—human, unsentimental, and precise—that brings the stories of emerging talents and seasoned campaigners alike to a hungry cricketing public.