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सीएसके पर एमएस धोनी को लेकर फैंस को गुमराह करने का आरोप: श्रीकांत ने लगाई फटकार

Priya Sharma · · 1 min read

आईपीएल 2026: सीएसके पर एमएस धोनी को लेकर फैंस को गुमराह करने का आरोप, श्रीकांत ने लगाई फटकार

आईपीएल 2026 का सीज़न चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) और उसके करोड़ों प्रशंसकों के लिए उम्मीद और निराशा का एक मिला-जुला सफर रहा। इस पूरे सीज़न में सबसे बड़ी चर्चा का विषय एमएस धोनी का रहस्यमयी ढंग से मैदान से दूर रहना था। भारतीय क्रिकेट के इस दिग्गज विकेटकीपर-बल्लेबाज को मैदान पर देखने के लिए फैंस पूरे सीज़न बेसब्री से इंतजार करते रहे, लेकिन दुखद रूप से उन्होंने इस कैश-रिच लीग में एक भी मैच नहीं खेला। धोनी की अनुपस्थिति ने न केवल टीम के प्रदर्शन को प्रभावित किया, बल्कि उनकी चोट और वापसी को लेकर लगातार बनी अनिश्चितता ने फैंस के बीच भारी भ्रम और हताशा भी पैदा की।

धोनी की चोटों का सिलसिला और अटकलें

शुरुआत में, एमएस धोनी को पिंडली की मांसपेशियों में खिंचाव (calf strain) के कारण दो सप्ताह के लिए बाहर बताया गया था। यह खबर आते ही प्रशंसकों में चिंता की लहर दौड़ गई, लेकिन उम्मीद थी कि वह जल्द ही वापसी करेंगे। बाद में, कुछ रिपोर्टों ने सुझाव दिया कि वह चोट से उबर चुके थे और लीग चरण में सीएसके के लिए कुछ मैचों में खेलने के लिए उपलब्ध हो सकते हैं। इन रिपोर्टों ने फैंस में एक नई उम्मीद जगाई। हालांकि, सीएसके के गुजरात टाइटंस के खिलाफ अपने अंतिम लीग खेल से ठीक पहले, यह बताया गया कि धोनी को कथित तौर पर अंगूठे में चोट लग गई थी। इस नई चोट ने उनकी वापसी की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।

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इसके बाद, ऐसी खबरें भी सामने आईं कि एमएस धोनी रांची लौट गए थे और उम्मीद थी कि वह केवल तभी टीम में फिर से शामिल होंगे जब सीएसके प्लेऑफ के लिए क्वालीफाई कर जाती। लेकिन, सीएसके को गुजरात टाइटंस के खिलाफ 89 रनों की करारी हार का सामना करना पड़ा और वे प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो गए। यह आईपीएल के इतिहास में पहली बार था जब एमएस धोनी ने पूरा सीज़न मिस किया। यह तथ्य अपने आप में ही इस सीज़न की असाधारण परिस्थितियों को दर्शाता है और यह बताता है कि कैसे धोनी की अनुपस्थिति ने पूरे टूर्नामेंट पर एक गहरी छाप छोड़ी।

एमएस धोनी के बिना सीएसके का प्रदर्शन

इसमें कोई संदेह नहीं कि एमएस धोनी की अनुपस्थिति का ‘येलो आर्मी’ के प्रदर्शन पर गहरा असर पड़ा। टीम पूरे सीज़न में निरंतरता के लिए जूझती रही और अंततः लगातार तीसरे सीज़न प्लेऑफ के लिए क्वालीफाई करने में विफल रही। पांच बार की चैंपियन सीएसके, रुतुराज गायकवाड़ की कप्तानी में, 14 मैचों में केवल छह जीत और 12 अंकों के साथ समाप्त हुई। यह प्रदर्शन निश्चित रूप से टीम के मानकों के अनुरूप नहीं था और इसने फैंस को निराश किया।

सीज़न के दूसरे हाफ में, फ्रैंचाइज़ी ने वापसी के कुछ संकेत दिखाए, जिसमें सलामी बल्लेबाज संजू सैमसन ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कुछ शानदार पारियां खेलीं और टीम को कुछ अहम जीत दिलाईं, जिससे प्लेऑफ की उम्मीदें कुछ समय के लिए बनी रहीं। हालांकि, यह देर से वापसी प्लेऑफ की दौड़ में बने रहने के लिए पर्याप्त नहीं थी। टीम को महत्वपूर्ण क्षणों में संतुलन और अनुभव की कमी महसूस हुई, जो अक्सर धोनी जैसे खिलाड़ी की उपस्थिति से पूरी होती है। उनकी अनुपस्थिति ने मैदान पर निर्णय लेने और दबाव की स्थितियों को संभालने की क्षमता पर भी नकारात्मक प्रभाव डाला।

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धोनी की चोटों और उपलब्धता पर भ्रम

सीएसके खेमे में, पूरे सीज़न मुख्य चर्चा एमएस धोनी की फिटनेस और उपलब्धता के इर्द-गिर्द घूमती रही। उनकी वापसी की संभावनाओं को लेकर लगातार कई रिपोर्टें सामने आती रहीं, जिससे अनिश्चितता बढ़ती गई। इस लगातार बदलती स्थिति ने प्रशंसकों के मन में भ्रम पैदा किया, जो हर मैच से पहले उम्मीद करते थे कि शायद अब धोनी वापसी करेंगे। टीम प्रबंधन और कोचिंग स्टाफ द्वारा दिए गए बयानों ने भी इस भ्रम को और बढ़ाया, क्योंकि वे अक्सर धोनी की वापसी की संभावनाओं को लेकर अस्पष्ट या विरोधाभासी बयान देते रहे।

हाल ही में, पूर्व भारतीय खिलाड़ी कृष्णमाचारी श्रीकांत ने इस मुद्दे पर सीएसके प्रबंधन की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने फ्रैंचाइज़ी पर फैंस को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए एक तरह से “मौखिक नोटिस” जारी किया है। श्रीकांत, जो अपने बेबाक बयानों के लिए जाने जाते हैं, ने इस बात पर जोर दिया है कि फ्रैंचाइज़ी को अपने प्रशंसकों के प्रति अधिक पारदर्शी होना चाहिए था।

कृष्णमाचारी श्रीकांत ने सीएसके को लगाई फटकार

सीएसके के अंतिम लीग मैच के बाद अपने यूट्यूब शो पर बोलते हुए, श्रीकांत ने धोनी की संभावित वापसी के बारे में बार-बार किए गए दावों पर सवाल उठाया। कृष्णमाचारी श्रीकांत ने प्रबंधन, कप्तान रुतुराज गायकवाड़ और कोच स्टीफन फ्लेमिंग पर समर्थकों के बीच झूठी उम्मीदें पैदा करने का आरोप लगाते हुए सीएसके को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने कहा, “सीज़न शुरू होने से पहले, उन्होंने कहा था कि उन्हें पैर में चोट लगी है और कि वे जल्द ही उन्हें टीम में शामिल करने की उम्मीद कर रहे हैं। फ्लेमिंग ने भी वही गाना गाया, रुतुराज गायकवाड़ ने भी वही कहा: वह अगले मैच के लिए तैयार हो सकते हैं।”

श्रीकांत ने आगे कहा कि “फिर मैच से पहले, सीएसके प्रशंसकों को दिखाने के लिए धोनी के प्रशिक्षण का एक वीडियो जारी करती थी और संकेत देती थी कि वह फिट हैं और शायद खेलेंगे।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कैसे फ्रैंचाइज़ी जानबूझकर फैंस के बीच उम्मीदें जगा रही थी। श्रीकांत ने अपने यूट्यूब शो में सीएसके के अंतिम आईपीएल 2026 लीग गेम के बाद कहा, “फिर उन्होंने कहा, ‘नहीं, नहीं। वह अभी भी चोट से उबर रहे हैं।’ और फिर उन्होंने कहा कि उन्हें जांघ में चोट लगी है। इस धोखेबाजी को बंद करो। आपको इसे स्पष्ट करना चाहिए।”

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उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि “यदि वह पूरा सीज़न नहीं खेलने वाले थे, तो यह बात स्पष्ट करनी चाहिए थी। यदि आपने यह स्पष्ट कर दिया होता तो फैंस मानसिक रूप से तैयार होते।” श्रीकांत का यह बयान सीएसके के संचार रणनीति पर एक सीधा हमला था, जिसमें उन्होंने पारदर्शिता की कमी और फैंस की भावनाओं के साथ खेलने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रशंसकों को फ्रैंचाइज़ी से निरंतर अनिश्चितता के बजाय स्पष्टता का अधिकार था। यह एक महत्वपूर्ण मुद्दा है क्योंकि खेल में फैंस का विश्वास और उनका जुड़ाव ही किसी फ्रैंचाइज़ी की सफलता का आधार होता है।

निष्कर्ष

एमएस धोनी जैसे कद के खिलाड़ी की अनुपस्थिति निश्चित रूप से किसी भी टीम के लिए एक बड़ी चुनौती होती है। लेकिन, चेन्नई सुपर किंग्स के मामले में, उनकी चोटों और वापसी को लेकर प्रबंधन द्वारा उत्पन्न भ्रम ने स्थिति को और जटिल बना दिया। कृष्णमाचारी श्रीकांत की आलोचना यह दर्शाती है कि पूर्व खिलाड़ियों और विशेषज्ञों के बीच भी इस मुद्दे को लेकर चिंताएं हैं। फ्रैंचाइज़ी को भविष्य में अपने प्रशंसकों के साथ अधिक खुले और ईमानदार संवाद की आवश्यकता होगी ताकि ऐसे भ्रम और निराशा से बचा जा सके, क्योंकि आखिरकार, क्रिकेट सिर्फ खेल नहीं, बल्कि भावना भी है।

Written by Priya Sharma

Priya Sharma is a senior cricket correspondent for The Indian Express, and one of the most respected voices covering women’s cricket in India. A graduate of Miranda House, she started her career in a newsroom dominated by men’s sport and deliberately chose to put women’s cricket at the centre of her reporting. Priya has chronicled the Indian women’s team through World Cups, the transformational arrival of the Women’s Premier League, and the quiet, determined rise of girls’ cricket in small towns and villages. Her long‑form profiles of cricketers like Smriti Mandhana, Jemimah Rodrigues, and Renuka Singh are known for their depth and sensitivity. Beyond match reports, Priya writes regularly on media representation and the structural barriers women face in sports journalism. A recipient of the Ramnath Goenka Award and the Laadli Media Award, she believes that telling the full story of women’s cricket is not just a beat, but a responsibility.