शाहिद अफरीदी का आतंकवादी उजैर बलोच के साथ डिनर, फैंस भड़के
2013 की एक पुरानी तस्वीर वायरल हो गई है जिसमें पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेट दिग्गज शाहिद अफरीदी को लाहौर में आतंकवादी और गैंगस्टर उजैर बलोच के साथ डिनर करते हुए देखा जा सकता है। इस तस्वीर के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भारी बवाल मच गया है।
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तस्वीर वायरल, फैंस आगबबूला
सोशल मीडिया पर एक तस्वीर तेजी से फैल रही है, जिसमें शाहिद अफरीदी और उजैर बलोच एक ही मेज पर डिनर करते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस तस्वीर के सामने आने के बाद भारतीय फैंस समेत कई यूजर्स ने अफरीदी को निशाने पर ले लिया है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि एक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर क्यों एक आतंकवादी प्रतिबंधित व्यक्ति के साथ आमंत्रित होकर डिनर कर रहा था?
उजैर बलोच: कौन है ये व्यक्ति?
उजैर बलोच कराची के लियारी गैंग नेटवर्क का संदिग्ध नेता था। उस पर लक्षित हत्याओं, ब्लैकमेलिंग, गैंग वायलेंस और ड्रग्स से जुड़े अपराधों के साथ-साथ जासूसी की गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगे थे। 2016 में पाकिस्तानी अधिकारियों ने उसे गिरफ्तार कर लिया, जिसके बाद वह देश के सबसे चर्चित अपराधियों में से एक बन गया।
इसके अलावा, बॉलीवुड की हालिया फिल्म धुरंधर में भी उजैर बलोच नामक एक गैंगस्टर किरदार को भारत के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियों में सहायता करते हुए दिखाया गया है, जिससे ये विवाद और भी गहरा हो गया है।
अफरीदी का भारत के साथ विवादित रिश्ता
शाहिद अफरीदी ने कई बार भारत के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियाँ की हैं। 2018 में, उन्होंने कश्मीर मुद्दे पर ट्वीट कर कहा था कि भारत की कार्रवाई “खतरनाक” और “आतंकित करने वाली” है। उन्होंने भारत पर आत्मनिर्णय के अधिकार को दबाने का आरोप भी लगाया था।
कई टीवी साक्षात्कारों और सोशल मीडिया पोस्ट्स में उन्होंने भारतीय मीडिया और राजनीति पर कड़ी आलोचना की है। 2025 में भारत-पाकिस्तान तनाव के दौरान, उन्होंने पाकिस्तान सेना के समर्थन में रैली आयोजित की थी और भारतीय सेना के खिलाफ तीखे आक्षेप लगाए थे।
पाकिस्तान में अभी भी हैं हीरो
भारत में विवादित होने के बावजूद, शाहिद अफरीदी पाकिस्तान में आज भी एक क्रिकेट दिग्गज माने जाते हैं। 13 मई, 2026 को पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने अयवान-ए-सद्र में आयोजित एक समारोह में उन्हें हिलाल-ए-इम्तियाज से सम्मानित किया। यह पाकिस्तान का दूसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान है।
इस सम्मान से सम्मानित होने वाले वे चौथे पाकिस्तानी क्रिकेटर बन गए हैं, इमरान खान, वसीम अकरम और वकार यूनिस की लिस्ट में शामिल होकर।
क्रिकेट में अफरीदी की विरासत
अफरीदी ने पाकिस्तान के लिए 500 से अधिक अंतरराष्ट्रीय मैच खेले। उनकी तेज गति से बल्लेबाजी और विस्फोटक गेंदबाजी ने उन्हें 1990 के दशक से लेकर 2010 तक के पाकिस्तानी क्रिकेट के सफेद गेंद युग का प्रतिनिधि बना दिया। नैरोबी में श्रीलंका के खिलाफ उनकी अविस्मरणीय 37 गेंदों की शतकीय पारी उस समय तक का सबसे तेज वनडे शतक था, जिसने उन्हें एक वैश्विक क्रिकेट अभिनंदन बना दिया था।
हालांकि, उनकी क्रिकेटिंग उपलब्धियां आज एक विवादित जीवनशैली और राजनीतिक टिप्पणियों के पीछे छिप गई हैं। यह तस्वीर साबित करती है कि खेल के मैदान से आगे के फैसले कभी-कभी खेल की विरासत को भी प्रभावित कर सकते हैं।